#महुआडांड़ #जमीन_विवाद : पारिवारिक विवाद हिंसा में बदला, एक की मौत और दो गंभीर घायल।
लातेहार जिले के महुआडांड़ थाना क्षेत्र के पोटमाडीह गांव में जमीन विवाद को लेकर हुए खूनी संघर्ष में 65 वर्षीय कामिल ब्रेक की मौत हो गई। घटना में उनकी पत्नी और बेटा गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। आरोप है कि छोटे भाई और उसके बेटों ने टांगी से हमला किया। पुलिस मामले की जांच कर आरोपियों की गिरफ्तारी की कार्रवाई में जुटी है।
- पोटमाडीह गांव में जमीन विवाद को लेकर दो भाइयों के परिवारों के बीच हिंसक झड़प हुई।
- कामिल ब्रेक की टांगी से हमले में मौत, पत्नी और बेटा गंभीर रूप से घायल हुए।
- पोलिकॉप ब्रेक और उसके चार बेटों पर हमले का आरोप लगाया गया है।
- घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद गुमला सदर अस्पताल रेफर किया गया।
- महुआडांड़ थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर आरोपियों की गिरफ्तारी की तैयारी तेज की।
- ग्रामीणों के अनुसार, दोनों भाइयों के बीच पिछले दो वर्षों से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था।
लातेहार जिले के महुआडांड़ थाना क्षेत्र में एक पारिवारिक जमीन विवाद ने भयावह रूप ले लिया। ग्राम पोटमाडीह में दो भाइयों के बीच लंबे समय से चल रहा विवाद अचानक हिंसा में बदल गया, जिसमें एक व्यक्ति की जान चली गई और दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पूरे गांव में तनाव और शोक का माहौल है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश जारी है।
दो वर्षों से चल रहा था जमीन का विवाद
ग्रामीणों के अनुसार कामिल ब्रेक (65 वर्ष) और उनके छोटे भाई पोलिकॉप ब्रेक के बीच जमीन को लेकर पिछले लगभग दो वर्षों से विवाद चल रहा था। बताया जाता है कि पोलिकॉप ब्रेक कई वर्षों तक असम में रहकर काम करते थे और कुछ समय पहले ही गांव लौटे थे।
गांव में बढ़ते विवाद को देखते हुए पंचायत स्तर पर बैठक आयोजित की गई थी। ग्रामीणों और पंचों की मौजूदगी में दोनों भाइयों के बीच जमीन का बंटवारा कर समझौता कराया गया था। हालांकि, समझौते के बावजूद दोनों पक्षों के बीच तनाव पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ।
खाद डालने को लेकर फिर बढ़ा विवाद
ग्रामीणों के मुताबिक विवाद उस समय फिर बढ़ गया जब कामिल ब्रेक ने कथित रूप से छोटे भाई के हिस्से वाली जमीन में गोबर खाद डाल दिया। इसी बीच जब पोलिकॉप ब्रेक का बेटा खेत जोतने पहुंचा तो दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई।
मामूली बहस देखते ही देखते गंभीर विवाद में बदल गई। बताया जा रहा है कि पूछताछ करने पहुंचे परिवार के सदस्यों के बीच भी विवाद हुआ, जिसके बाद स्थिति और अधिक बिगड़ गई।
घर पहुंचकर हुआ हिंसक हमला
स्थानीय लोगों के अनुसार, विवाद के बाद पोलिकॉप ब्रेक अपने चार बेटों के साथ कामिल ब्रेक के घर पहुंचा। दोनों पक्षों के बीच पहले मारपीट हुई और फिर मामला हिंसक हो गया।
आरोप है कि इसी दौरान कामिल ब्रेक ने आत्मरक्षा के लिए घर से टांगी निकाली और सामने वाले पक्ष को चेतावनी दी। इसके बाद स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।
ग्रामीणों का आरोप है कि पोलिकॉप ब्रेक और उसके बेटों ने कामिल के हाथ से टांगी छीन ली और उसी हथियार से उन पर हमला कर दिया।
पत्नी और बेटे पर भी किया गया हमला
हमले के दौरान सलोमी खाखा (60 वर्ष) और उनके पुत्र निलेश ब्रेक भी बीच-बचाव करने पहुंचे। आरोप है कि हमलावरों ने दोनों पर भी टांगी से हमला कर दिया।
तीनों के सिर पर गंभीर चोटें आईं। ग्रामीणों की मदद से घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि, रास्ते में ही कामिल ब्रेक ने दम तोड़ दिया।
पत्नी सलोमी खाखा और पुत्र निलेश ब्रेक की स्थिति गंभीर बनी हुई है। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को बेहतर इलाज के लिए गुमला सदर अस्पताल रेफर किया गया है।
बेटी ने पहुंचाई अस्पताल
घटना की जानकारी मिलते ही मृतक की बेटी, जो कार्मेल हॉस्पिटल महुआडांड़ में कार्यरत बताई जाती हैं, तत्काल एम्बुलेंस लेकर मौके पर पहुंचीं।
उन्होंने ग्रामीणों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया। समय पर उपचार मिलने से दो अन्य घायलों की जान बचाई जा सकी, हालांकि उनकी हालत अभी भी चिंताजनक बताई जा रही है।
पुलिस जांच में जुटी
घटना की सूचना मिलने के बाद महुआडांड़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी।
थाना प्रभारी मनोज कुमार ने कहा: “घटना के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है। आरोपियों की पहचान कर ली गई है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।”
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए लातेहार भेज दिया है। साथ ही घटना से जुड़े प्रत्यक्षदर्शियों और ग्रामीणों से पूछताछ भी की जा रही है।
गांव में पसरा मातम
घटना के बाद पूरे पोटमाडीह गांव में शोक का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि जमीन के छोटे-छोटे विवाद यदि समय रहते सुलझाए नहीं जाएं तो वे बड़े हादसों का रूप ले सकते हैं।
गांव के बुजुर्गों ने भी इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए लोगों से आपसी संवाद और सामाजिक समाधान की परंपरा को मजबूत करने की अपील की है।
न्यूज़ देखो: जमीन विवादों को समय रहते सुलझाना जरूरी
महुआडांड़ की यह घटना बताती है कि पारिवारिक और जमीन संबंधी विवाद यदि लंबे समय तक अनसुलझे रहें तो वे हिंसक रूप ले सकते हैं। पंचायत स्तर पर समझौता होने के बावजूद विवाद का दोबारा उभरना चिंताजनक है। प्रशासन के लिए जरूरी है कि ऐसे संवेदनशील मामलों पर लगातार निगरानी रखी जाए और विवादों का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए। आरोपियों की गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच पर अब सबकी नजर रहेगी। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
संवाद और समझदारी से ही बचेंगे ऐसे हादसे
परिवार और समाज की मजबूती आपसी विश्वास, संवाद और सहमति में छिपी होती है। छोटी-छोटी बातों को हिंसा में बदलने के बजाय कानूनी और सामाजिक रास्तों से समाधान तलाशना जरूरी है।
यदि आपके क्षेत्र में भी जमीन या पारिवारिक विवाद हैं, तो उन्हें समय रहते सुलझाने की पहल करें। जागरूक बनें, कानून का सम्मान करें और समाज में शांति बनाए रखने में अपनी भूमिका निभाएं।
इस घटना पर आपकी क्या राय है? कमेंट कर अपनी बात जरूर बताएं, खबर को अधिक से अधिक लोगों तक साझा करें और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के संदेश को आगे बढ़ाएं।

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