
#गिरिडीह #प्रेम_विवाह : शिक्षक दंपती की गुपचुप शादी सामने आने पर परिजनों और प्रशासन में बढ़ी सक्रियता।
बिरनी प्रखंड के भरकट्टा ओपी क्षेत्र में एक प्रेम विवाह उस समय चर्चा का विषय बन गया, जब युवक और युवती के अलग-अलग समुदाय से होने की जानकारी सामने आई। निजी विद्यालय में साथ पढ़ाने वाले दोनों शिक्षकों ने परिवार को बिना बताए मंदिर में विवाह कर लिया था। बाद में युवती की गुमशुदगी की शिकायत पर पुलिस सक्रिय हुई और दोनों को सकुशल बरामद किया गया। जांच में दोनों के बालिग होने और आपसी सहमति से विवाह करने की पुष्टि हुई, जिसके बाद परिजनों के जिम्मे सौंप दिया गया।
- भरकट्टा ओपी क्षेत्र में सामने आया प्रेम विवाह का मामला।
- अनिकेत कुमार सिन्हा (23) ने मंदिर में की युवती से शादी।
- निजी विद्यालय में शिक्षक होने के दौरान दोनों के बीच हुआ प्रेम।
- गुमशुदगी की शिकायत पर पुलिस ने की कार्रवाई।
- गुमला और जमुआ से युवक-युवती की सकुशल बरामदगी।
- दोनों बालिग पाए गए, परिजनों को सौंपा गया।
बिरनी प्रखंड क्षेत्र के भरकट्टा ओपी अंतर्गत ग्राम बलिया में एक प्रेम विवाह ने अचानक तूल पकड़ लिया। मामला तब सुर्खियों में आया, जब यह सामने आया कि युवक और युवती अलग-अलग समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। युवक की पहचान ग्राम बलिया निवासी 23 वर्षीय अनिकेत कुमार सिन्हा, पिता अनिल सिन्हा के रूप में हुई है।
जानकारी के अनुसार, युवक और युवती दोनों एक ही निजी विद्यालय में शिक्षक के रूप में कार्यरत थे। इसी दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और प्रेम संबंध स्थापित हुआ। यह रिश्ता धीरे-धीरे विवाह तक पहुंच गया, लेकिन दोनों ने परिवार को इसकी जानकारी नहीं दी।
मंदिर में गुपचुप रचाई शादी
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, दोनों ने तीन अक्टूबर को पचंबा स्थित एक मंदिर में चोरी-छिपे विवाह कर लिया। विवाह के बाद भी दोनों सामान्य रूप से अपने-अपने घरों में रह रहे थे और पहले की तरह विद्यालय आते-जाते रहे। इस कारण लंबे समय तक किसी को भी उनके विवाह की भनक नहीं लगी।
छुट्टियों के दौरान बढ़ा मामला
मामला उस समय गंभीर हो गया, जब ठंड की छुट्टियों में युवती अपने पिता के पास आसनसोल गई। छुट्टियां समाप्त होने के बाद जब युवती को वापस गांव भेजा जा रहा था, उसी दौरान युवक उसे अपने साथ लेकर चला गया। इसके बाद युवती का कोई पता नहीं चल सका।
बेटी से संपर्क नहीं हो पाने पर चिंतित पिता ने भरकट्टा ओपी में उसकी गुमशुदगी को लेकर लिखित आवेदन दिया। आवेदन मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
भरकट्टा ओपी प्रभारी अमन कुमार एवं मामले के अनुसंधानकर्ता संतोष कुमार दुबे के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई तेज की। तकनीकी और स्थानीय सूत्रों के आधार पर पुलिस ने युवक को गुमला जिला से तथा युवती को जमुआ थाना क्षेत्र से सकुशल बरामद कर लिया।
दोनों को भरकट्टा ओपी लाया गया, जहां प्रारंभिक पूछताछ और दस्तावेजों की जांच की गई। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि युवक और युवती दोनों बालिग हैं और उन्होंने अपनी मर्जी से मंदिर में विवाह किया है।
परिजनों की मौजूदगी में समाधान
सूचना मिलने पर दोनों पक्षों के परिजन भी ओपी पहुंचे। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने दोनों के परिजनों से बातचीत की। आपसी सहमति और कानूनी स्थिति को ध्यान में रखते हुए युवती को उसके परिजनों के जिम्मे सौंप दिया गया, वहीं युवक को भी उसके परिवार के साथ भेज दिया गया।
भरकट्टा ओपी प्रभारी अमन कुमार ने कहा:
“युवक और युवती दोनों पूरी तरह सुरक्षित हैं। दोनों बालिग हैं और आपसी सहमति से विवाह की बात सामने आई है। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें उनके परिजनों के जिम्मे सौंप दिया गया है।”
सामाजिक स्तर पर बनी चर्चा
यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। अलग-अलग समुदाय से जुड़े प्रेम विवाह को लेकर जहां कुछ लोग समर्थन में नजर आए, वहीं कुछ वर्गों में असहजता भी देखी गई। हालांकि प्रशासन ने कानून और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के दायरे में रहते हुए मामले का शांतिपूर्ण समाधान किया।
न्यूज़ देखो: प्रेम, कानून और सामाजिक संतुलन
यह मामला बताता है कि प्रेम विवाह आज भी सामाजिक स्तर पर संवेदनशील विषय बना हुआ है। कानून जहां बालिगों को अपने निर्णय लेने की स्वतंत्रता देता है, वहीं सामाजिक स्वीकृति कई बार चुनौतियां खड़ी कर देती है। ऐसे मामलों में प्रशासन की निष्पक्ष और संवेदनशील भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
संवाद, समझ और संवेदनशीलता ही समाधान
समाज में बदलते रिश्तों और व्यक्तिगत फैसलों को समझने की जरूरत है। कानून की जानकारी और सामाजिक संवाद से ही ऐसे मामलों में टकराव से बचा जा सकता है। आपकी राय इस विषय पर क्या है? कमेंट करें, खबर साझा करें और जागरूकता फैलाने में अपनी भूमिका निभाएं।





