महादेवमाडा मेला बने पर्यटन केंद्र, पांकी के बड़े मेला स्थलों के विकास की उठी मांग

महादेवमाडा मेला बने पर्यटन केंद्र, पांकी के बड़े मेला स्थलों के विकास की उठी मांग

author Nitish Kumar Paswan
1 Views Download E-Paper (19)
#पांकी #पलामू #मकरसंक्रांति_मेला : महादेवमाडा शिव मंदिर परिसर में मेला उद्घाटन के दौरान रुद्र शुक्ला ने रखी विकास की बात।

पलामू जिले के पांकी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत तरहसी प्रखंड के महादेवमाडा शिव मंदिर परिसर में मकर संक्रांति के अवसर पर आयोजित वार्षिक मेला सह सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इस मौके पर कांग्रेस नेता एवं पांकी विधानसभा के विधायक प्रत्याशी रुद्र शुक्ला मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने फीता काटकर मेला का उद्घाटन किया और क्षेत्र के प्रमुख मेला स्थलों को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की मांग सरकार से की। यह आयोजन क्षेत्रीय आस्था, संस्कृति और संभावनाओं को रेखांकित करता है।

Join WhatsApp
  • महादेवमाडा शिव मंदिर परिसर में मकर संक्रांति मेला आयोजित।
  • रुद्र शुक्ला, कांग्रेस नेता व पांकी विधायक प्रत्याशी रहे मुख्य अतिथि।
  • मेला आयोजन समिति ने माला पहनाकर भव्य स्वागत किया।
  • पांकी विधानसभा के मेला स्थलों को पर्यटक स्थल बनाने की मांग
  • क्षेत्र में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की गई।

पांकी विधानसभा क्षेत्र के तरहसी प्रखंड अंतर्गत स्थित महादेवमाडा शिव मंदिर परिसर में मकर संक्रांति के पावन अवसर पर हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी भव्य मेला एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह मेला न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि क्षेत्रीय संस्कृति और सामाजिक समरसता का भी प्रतीक माना जाता है।

इस अवसर पर कांग्रेस नेता एवं पांकी विधानसभा क्षेत्र के विधायक प्रत्याशी रुद्र शुक्ला मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने फीता काटकर मेला का विधिवत शुभारंभ किया और भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की खुशहाली की कामना की।

मेला समिति ने किया भव्य स्वागत

महादेवमाडा मेला आयोजन समिति की ओर से रुद्र शुक्ला का पारंपरिक तरीके से माला पहनाकर, नारों और तालियों के साथ भव्य स्वागत किया गया। समिति के सदस्यों और स्थानीय युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। आयोजन स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु और ग्रामीण उपस्थित थे, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में सराबोर नजर आया।

वर्षों पुरानी परंपरा, दूर-दराज से उमड़ती है भीड़

उद्घाटन के बाद अपने संबोधन में रुद्र शुक्ला ने कहा कि महादेवमाडा मेला कई वर्षों से लगातार आयोजित होता आ रहा है। यह मेला सुदूरवर्ती इलाके में स्थित होने के बावजूद हर वर्ष भारी संख्या में श्रद्धालुओं और ग्रामीणों को आकर्षित करता है।

उन्होंने कहा कि लोग दूर-दूर से भगवान शिव का आशीर्वाद लेने यहां पहुंचते हैं और साथ ही मेला एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लेते हैं। यह दर्शाता है कि महादेवमाडा मेला क्षेत्रीय आस्था के साथ-साथ सामाजिक जुड़ाव का भी मजबूत केंद्र है।

मेला को और भव्य बनाने की आवश्यकता

रुद्र शुक्ला ने कहा कि आने वाले समय में महादेवमाडा मेला और भी विशाल और व्यवस्थित रूप में विकसित हो सकता है, यदि सरकार और प्रशासन की ओर से आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने विशेष रूप से पांकी विधानसभा क्षेत्र के बड़े मेला स्थलों को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने की मांग रखी।

उनका कहना था कि यदि सड़क, पेयजल, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ किया जाए, तो यह मेला न केवल धार्मिक बल्कि पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बन सकता है। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे और क्षेत्र की पहचान राज्य स्तर पर मजबूत होगी।

क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना

कार्यक्रम के दौरान रुद्र शुक्ला ने भगवान शिव से पांकी विधानसभा क्षेत्र में सुख, शांति और समृद्धि बनाए रखने की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र का विकास तभी संभव है, जब सामाजिक सौहार्द और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखते हुए आगे बढ़ा जाए।

उन्होंने मेला आयोजन समिति को इस सफल आयोजन के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने का काम करते हैं और नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ते हैं।

सांस्कृतिक कार्यक्रम बना आकर्षण

मेला के दौरान आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया। लोकगीत, पारंपरिक नृत्य और स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियों ने मेले को और जीवंत बना दिया। ग्रामीणों ने मेले में लगे दुकानों का भी जमकर आनंद लिया, जहां खाने-पीने से लेकर घरेलू उपयोग की वस्तुएं उपलब्ध थीं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि महादेवमाडा मेला उनके लिए केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि साल में एक बार मिलने-जुलने और सामूहिक खुशी का अवसर होता है।

न्यूज़ देखो: परंपरा से पर्यटन तक का रास्ता

महादेवमाडा मेला यह दिखाता है कि यदि परंपरागत आयोजनों को योजनाबद्ध तरीके से विकसित किया जाए, तो वे पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था के मजबूत केंद्र बन सकते हैं। सरकार और प्रशासन को ऐसे आयोजनों की संभावनाओं को समझते हुए ठोस कदम उठाने चाहिए। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

संस्कृति के साथ विकास का संकल्प

धार्मिक और सांस्कृतिक मेलों का संरक्षण हमारी पहचान को मजबूत करता है।
ऐसे आयोजनों को बेहतर सुविधाएं देकर पर्यटन से जोड़ा जाए, यही समय की मांग है।
आप भी अपनी राय साझा करें।
खबर को आगे बढ़ाएं और क्षेत्रीय संस्कृति के विकास की आवाज बुलंद करें।

📥 Download E-Paper

यह खबर आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण थी?

रेटिंग देने के लिए किसी एक स्टार पर क्लिक करें!

इस खबर की औसत रेटिंग: 0 / 5. कुल वोट: 0

अभी तक कोई वोट नहीं! इस खबर को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

चूंकि आपने इस खबर को उपयोगी पाया...

हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें!

Written by

पांकी पलामू

🔔

Notification Preferences

error: