मकर संक्रांति पर ग्राम सभा सिंघानी समिति की मानवीय पहल, जरूरतमंदों को मिला सहयोग और सम्मान

मकर संक्रांति पर ग्राम सभा सिंघानी समिति की मानवीय पहल, जरूरतमंदों को मिला सहयोग और सम्मान

author Binod Kumar
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#पत्थलगड़ा #चतरा : मकर संक्रांति पर असहाय परिवारों के बीच खाद्य सामग्री और गर्म कपड़ों का वितरण किया गया।

चतरा जिले के पत्थलगड़ा प्रखंड अंतर्गत ग्राम सभा सिंघानी समिति ने मकर संक्रांति के अवसर पर जरूरतमंद परिवारों के लिए सेवा कार्यक्रम आयोजित किया। 15 जनवरी को आयोजित इस पहल में बिरहोर, भुईयां समाज और अन्य असहाय लोगों को खाद्य सामग्री व गर्म कपड़े वितरित किए गए। स्थानीय समाजसेवियों ने आपसी सहयोग से संसाधन जुटाए और वितरण सुनिश्चित किया। यह कार्यक्रम सामाजिक समरसता और मानवीय जिम्मेदारी का उदाहरण बना।

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  • 15 जनवरी को मकर संक्रांति के अवसर पर सेवा कार्यक्रम का आयोजन।
  • ग्राम सभा सिंघानी समिति के समाजसेवियों ने दिया संयुक्त योगदान।
  • बिरहोर, भुईयां समाज सहित गरीब और असहाय परिवार लाभान्वित।
  • चूड़ा, तिलकुट, गुड़ के साथ गरम हुडी, स्वेटर का वितरण।
  • ठंड से बचाव हेतु बच्चों को इनर और वस्त्र प्रदान किए गए।

मकर संक्रांति के पावन अवसर पर ग्राम सभा सिंघानी समिति द्वारा आयोजित यह सेवा कार्यक्रम क्षेत्र में चर्चा का विषय बना रहा। पत्थलगड़ा प्रखंड के विभिन्न गांवों से आए जरूरतमंद परिवारों को इस आयोजन के माध्यम से राहत और सम्मान मिला। आयोजन का उद्देश्य केवल सामग्री वितरण नहीं, बल्कि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े लोगों के साथ पर्व की खुशियां साझा करना था। समिति के सदस्यों ने आपसी सहयोग से संसाधन एकत्र कर यह सुनिश्चित किया कि सहायता सही हाथों तक पहुंचे। इस पहल ने पर्व के सामाजिक और मानवीय मूल्यों को सशक्त रूप से प्रस्तुत किया।

मकर संक्रांति पर सेवा और सहयोग का संकल्प

मकर संक्रांति को पारंपरिक रूप से दान, सेवा और सामाजिक समरसता का पर्व माना जाता है। इसी भावना को आत्मसात करते हुए ग्राम सभा सिंघानी समिति ने इस वर्ष विशेष सेवा कार्यक्रम का आयोजन किया। समिति के समाजसेवियों ने व्यक्तिगत योगदान राशि एकत्र कर आयोजन को सफल बनाया। कार्यक्रम के दौरान यह स्पष्ट दिखा कि सामूहिक प्रयास से सीमित संसाधनों में भी बड़ा सामाजिक कार्य संभव है।

बिरहोर और भुईयां समाज को मिली प्राथमिकता

कार्यक्रम में विशेष रूप से अति अनुसूचित जनजाति बिरहोर समुदाय और अनुसूचित भुईयां समाज के परिवारों को प्राथमिकता दी गई। इन समुदायों को अक्सर ठंड के मौसम में बुनियादी जरूरतों की कमी का सामना करना पड़ता है। इसे ध्यान में रखते हुए समिति ने न केवल खाद्य सामग्री, बल्कि ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़ों की व्यवस्था की। इससे बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को विशेष राहत मिली।

ठंड को देखते हुए गर्म कपड़ों का वितरण

कड़ाके की ठंड को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम में गरम हुडी और स्वेटर वितरित किए गए। छोटे बच्चों के लिए विशेष रूप से इनर और गर्म वस्त्र उपलब्ध कराए गए ताकि वे ठंडजनित बीमारियों से सुरक्षित रह सकें। वितरण के दौरान समिति सदस्यों ने परिवारों की जरूरतों को समझते हुए सामग्री प्रदान की, जिससे सहायता अधिक प्रभावी साबित हुई।

आयोजन में शामिल समिति सदस्य

इस सेवा कार्यक्रम को सफल बनाने में ग्राम सभा सिंघानी समिति के कई सदस्यों की सक्रिय भूमिका रही। कार्यक्रम में सुखसागर राणा, कैलाश दांगी, हरदयाल रजक, तारकेश्वर दांगी, नंदकिशोर दांगी, अर्जुन प्रजापति, सुरेश भुईयां, विजय राम एवं राजेंद्र ठाकुर की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। सभी सदस्यों ने मिलकर वितरण व्यवस्था संभाली और लाभार्थियों से संवाद किया।

सामाजिक समरसता और भाईचारे का संदेश

कार्यक्रम के दौरान समिति सदस्यों ने सामाजिक समरसता, भाईचारे और मानव सेवा के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पर्व तभी सार्थक है जब उसकी खुशियां समाज के हर वर्ग तक पहुंचें। जरूरतमंदों के साथ समय बिताकर और उनकी समस्याएं सुनकर समिति ने यह संदेश दिया कि सामाजिक जिम्मेदारी केवल संस्थाओं की नहीं, बल्कि हर नागरिक की है।

न्यूज़ देखो: सेवा के माध्यम से मजबूत होता सामाजिक ताना-बाना

यह आयोजन दर्शाता है कि ग्रामीण स्तर पर संगठित प्रयास समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। ग्राम सभा सिंघानी समिति की पहल यह बताती है कि पर्वों को केवल परंपरा तक सीमित न रखकर सामाजिक उत्तरदायित्व से जोड़ा जाना चाहिए। ऐसे प्रयास प्रशासनिक योजनाओं को भी मानवीय दृष्टिकोण से पूरक बनाते हैं। क्या अन्य गांव और समितियां भी इस मॉडल को अपनाकर जरूरतमंदों तक राहत पहुंचाएंगी—यह देखने योग्य होगा। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

सेवा से ही सशक्त समाज का निर्माण संभव

मकर संक्रांति का यह उदाहरण बताता है कि छोटी-छोटी पहलें बड़े बदलाव की नींव रखती हैं। जब समाज स्वयं आगे बढ़कर जरूरतमंदों का हाथ थामता है, तब विश्वास और सहयोग का वातावरण बनता है। ऐसे प्रयास आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनते हैं।
आप भी अपने क्षेत्र में सेवा और सहयोग की ऐसी पहलों को प्रोत्साहित करें। इस खबर पर अपनी राय साझा करें, इसे दूसरों तक पहुंचाएं और समाज में सकारात्मक बदलाव की इस मुहिम का हिस्सा बनें।

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Written by

लावालोंग, चतरा

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