
#छतरपुर #नशाविरोधीअभियान : पुलिस ने जंगल क्षेत्र में छापेमारी कर अवैध अफीम पोस्ता की फसल विनष्ट की।
पलामू जिले के छतरपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। 15 जनवरी 2026 को ग्राम चिपो के जंगली इलाके में करीब तीन एकड़ भूमि में की जा रही अवैध अफीम पोस्ता की खेती को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई और जिले में चल रहे नशा विरोधी अभियान का अहम हिस्सा है। पुलिस ने साफ किया है कि इस तरह की गतिविधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सख्त कदम जारी रहेंगे।
- छतरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम चिपो में पुलिस की बड़ी कार्रवाई।
- करीब 03 एकड़ भूमि में की जा रही अवैध अफीम पोस्ता की खेती नष्ट।
- 15 जनवरी 2026 को गुप्त सूचना के आधार पर चला अभियान।
- अभियान पुलिस अधीक्षक पलामू रिश्मा रमेशन के नेतृत्व में।
- मादक पदार्थों के खिलाफ जिलेव्यापी सख्त अभियान जारी।
- दोषियों की पहचान कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की तैयारी।
पलामू जिले में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ पुलिस का सख्त रुख लगातार देखने को मिल रहा है। इसी क्रम में छतरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम चिपो के जंगली इलाके में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अफीम पोस्ता की अवैध खेती को पूरी तरह नष्ट कर दिया। यह कार्रवाई न सिर्फ नशे के कारोबार पर प्रहार है, बल्कि पूरे क्षेत्र में एक कड़ा संदेश भी देती है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है।
गुप्त सूचना के आधार पर हुई सुनियोजित कार्रवाई
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि ग्राम चिपो के जंगल क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अफीम पोस्ता की अवैध खेती की जा रही है। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस ने रणनीति बनाकर मौके पर छापेमारी की। टीम जब जंगली इलाके में पहुंची तो वहां करीब 03 एकड़ भूमि में लहलहाती अफीम पोस्ता की फसल पाई गई। सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए फसल को मौके पर ही विनष्ट कराया गया।
जिलेव्यापी नशा विरोधी अभियान का हिस्सा
यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक, पलामू रिश्मा रमेशन के नेतृत्व में चलाए जा रहे जिलेव्यापी मादक पदार्थ विरोधी अभियान के तहत की गई। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पलामू जिले में नशीले पदार्थों की खेती, तस्करी और इससे जुड़े नेटवर्क को जड़ से खत्म करना प्राथमिकता है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान केवल एक दिन की कार्रवाई नहीं है, बल्कि लगातार चलने वाली सख्त मुहिम है, जिसके तहत जंगल, पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है।
दोषियों पर होगी कड़ी कानूनी कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, अवैध अफीम पोस्ता की खेती में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। जिन लोगों की संलिप्तता सामने आएगी, उनके विरुद्ध संबंधित धाराओं के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने के लिए भी जांच तेज कर दी गई है।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि अफीम जैसी फसलों की अवैध खेती न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि समाज और युवाओं के भविष्य के लिए भी घातक है। ऐसे अपराधों के प्रति किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी।
समाज को नशामुक्त बनाने की अपील
पलामू पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे नशे से जुड़ी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत अपने नजदीकी थाना या पुलिस को दें। समय पर मिली सूचना से बड़ी घटनाओं को रोका जा सकता है और समाज को नशामुक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकते हैं।
पुलिस का मानना है कि प्रशासन और आम जनता के सहयोग से ही नशे के अवैध कारोबार पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सकती है।

न्यूज़ देखो: नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई
छतरपुर में हुई यह कार्रवाई दिखाती है कि पलामू पुलिस नशे के कारोबार को लेकर गंभीर और सतर्क है। जंगलों में पनप रही अवैध खेती पर प्रहार कर पुलिस ने यह संदेश दिया है कि अपराध चाहे कितना भी छिपा हुआ क्यों न हो, कानून की नजर से नहीं बच सकता। अब देखने वाली बात होगी कि इस अभियान के तहत आगे किन बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश होता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
नशामुक्त समाज की जिम्मेदारी हम सबकी
नशे के खिलाफ लड़ाई सिर्फ पुलिस की नहीं, बल्कि पूरे समाज की है। अगर आपके आसपास किसी भी तरह की अवैध गतिविधि दिखे, तो चुप न रहें। सजग बनें, जानकारी साझा करें और सुरक्षित समाज के निर्माण में सहयोग करें। इस खबर पर अपनी राय कमेंट करें, इसे ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं और नशामुक्त पलामू के संदेश को आगे बढ़ाएं।





