
#पलामू #अवैधअफीमखेती : पुलिस और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई में वन भूमि पर की जा रही अवैध खेती को शुरुआती चरण में किया गया ध्वस्त
- पांकी थाना क्षेत्र के ग्राम मुक्ता के जंगली इलाके में चला सघन अभियान।
- लगभग 05 एकड़ वन भूमि में लगी अवैध अफीम की फसल नष्ट।
- ट्रैक्टर में रोटावेटर चलाकर प्रारंभिक अवस्था में फसल का विनष्टीकरण।
- पांकी थाना और वन विभाग की संयुक्त टीम रही शामिल।
- अफीम खेती में संलिप्त लोगों की पहचान की जा रही।
- वन अधिनियम के तहत वाद दर्ज कर कार्रवाई की तैयारी।
पलामू जिले के पांकी थाना क्षेत्र में अवैध मादक पदार्थों की खेती के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सोमवार, 16 दिसंबर 2025 को पांकी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मुक्ता के जंगली इलाके में वन भूमि पर अवैध रूप से की जा रही अफीम की खेती के विरुद्ध सघन अभियान चलाया गया। गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई में पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर करीब पांच एकड़ क्षेत्र में लगी अफीम की फसल को पूरी तरह नष्ट कर दिया।
गुप्त सूचना पर शुरू हुआ सघन अभियान
पांकी थाना को सूचना मिली थी कि ग्राम मुक्ता के जंगल क्षेत्र में कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा वन भूमि का दुरुपयोग कर अवैध रूप से अफीम की खेती की जा रही है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए वरीय अधिकारियों को अवगत कराया गया और तत्परता से संयुक्त अभियान की योजना बनाई गई। इसके बाद पांकी थाना पुलिस एवं वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर पूरे इलाके की घेराबंदी की।
प्रारंभिक अवस्था में ही फसल का विनष्टीकरण
संयुक्त टीम ने देखा कि वन भूमि पर बड़े पैमाने पर अफीम की खेती की जा रही थी। कार्रवाई के दौरान लगभग 05 एकड़ क्षेत्रफल में लगी अफीम की फसल को ट्रैक्टर में रोटावेटर चलाकर शुरुआती अवस्था में ही पूर्ण रूप से विनष्ट कर दिया गया। इससे न केवल अवैध खेती को रोका गया, बल्कि मादक पदार्थों के संभावित उत्पादन को भी समय रहते समाप्त कर दिया गया।
अभियान में शामिल रहे अधिकारी और बल
इस विनष्टीकरण अभियान में पांकी थाना के कई अधिकारी और जवान सक्रिय रूप से शामिल रहे। कार्रवाई में पु0अ0नि गोपाल कुमार राय, स0अ0नि मृत्युंजय महतो, स0अ0नि सुनील सुभाष भेंगरा, पांकी थाना एवं ताल पिकेट के जवानों के साथ-साथ वन विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से मोर्चा संभाला। सभी ने समन्वय के साथ अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।
संलिप्त लोगों की पहचान में जुटी टीम
अधिकारियों के अनुसार, इस अवैध अफीम की खेती में संलिप्त व्यक्तियों की पहचान की जा रही है। खेती किसके द्वारा और कब से की जा रही थी, इसकी विस्तृत जांच की जा रही है। नाम-पता सत्यापन के बाद वन विभाग द्वारा वन अधिनियम के अंतर्गत वन वाद दर्ज कर दोषियों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
पुलिस और वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवैध मादक पदार्थों की खेती और तस्करी के विरुद्ध ऐसे अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेंगे। प्रशासन का उद्देश्य न केवल अवैध गतिविधियों पर रोक लगाना है, बल्कि वन भूमि की सुरक्षा और समाज को नशे के दुष्प्रभावों से बचाना भी है।
न्यूज़ देखो: नशे के नेटवर्क पर करारा वार
पांकी में हुई यह कार्रवाई दिखाती है कि प्रशासन अवैध अफीम खेती को लेकर पूरी तरह गंभीर है। वन भूमि के दुरुपयोग और नशे के कारोबार पर सख्ती समाज के हित में जरूरी कदम है। ऐसे अभियानों से अपराधियों में भय और आम लोगों में भरोसा बढ़ता है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
नशामुक्त समाज की ओर सामूहिक कदम
अवैध अफीम खेती केवल कानून नहीं, बल्कि समाज के भविष्य के लिए भी खतरा है।
जरूरी है कि लोग ऐसी गतिविधियों की सूचना समय पर प्रशासन को दें।
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