#छतरपुर #हत्याकांड_खुलासा : दो साल पुराने चर्चित मामले में पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी।
पलामू जिले के छतरपुर में वर्ष 2024 में हुए चर्चित संतोष प्रसाद हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी को बिहार से गिरफ्तार कर लिया गया है। 22 अप्रैल 2026 को गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इस कार्रवाई से पुलिस जांच को निर्णायक दिशा मिलने की उम्मीद है।
- संतोष प्रसाद हत्याकांड (2024) में फरार आरोपी गिरफ्तार।
- रजनीश कुमार उर्फ छोटू सिंह, निवासी रोहतास (बिहार) से पकड़ा गया।
- 22 अप्रैल 2026 को गिरफ्तारी, 23 अप्रैल को जेल भेजा गया।
- घटना 29 अप्रैल 2024, छतरपुर गर्ल्स स्कूल के पास हुई थी।
- पहले ही दो आरोपी हथियार और कारतूस के साथ गिरफ्तार हो चुके थे।
पलामू जिले के छतरपुर थाना क्षेत्र में दो साल पहले हुए चर्चित खैनी व्यवसायी संतोष प्रसाद हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रहे एक मुख्य आरोपी को बिहार से गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इस गिरफ्तारी के बाद मामले की जांच को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
2024 में हुई थी सनसनीखेज वारदात
यह घटना 29 अप्रैल 2024 की है, जब छतरपुर के गर्ल्स स्कूल के समीप अज्ञात अपराधियों ने खैनी व्यवसायी संतोष प्रसाद को गोली मार दी थी। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्हें पहले स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, फिर बेहतर इलाज के लिए मेदिनीनगर और बाद में रांची रेफर किया गया।
इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। इस घटना ने कानून-व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए थे और लोगों में भय का माहौल बन गया था।
पहले भी हो चुकी है दो आरोपियों की गिरफ्तारी
पुलिस ने इस मामले में पहले ही दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। उनके पास से हथियार और जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए थे। इसके बावजूद मुख्य आरोपी रजनीश कुमार उर्फ छोटू सिंह (23 वर्ष) घटना के बाद से फरार चल रहा था।
लगातार पुलिस की नजर इस आरोपी पर बनी हुई थी और उसकी गिरफ्तारी के लिए विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की जा रही थी।
बिहार से गिरफ्तारी, अब न्यायिक हिरासत में आरोपी
छतरपुर थाना कांड संख्या 74/24 के तहत चल रही जांच के दौरान पुलिस को अहम सुराग मिले। इसके आधार पर 22 अप्रैल 2026 को आरोपी को बिहार के रोहतास जिले से गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तारी के बाद 23 अप्रैल 2026 को उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
गिरफ्तारी टीम में छतरपुर थाना के पुलिस पदाधिकारी एवं सशस्त्र बल के जवान शामिल थे, जिन्होंने इस कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।
पारिवारिक विवाद बना हत्या की वजह
जांच के दौरान एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ था। मृतक की बहू के बयान के आधार पर यह सामने आया कि इस हत्या के पीछे पारिवारिक विवाद मुख्य कारण था।
बताया गया कि बहू के भाई आशुतोष कुमार सिंह उर्फ बूटा अपनी बहन के अंतरजातीय विवाह से नाराज था। इसी कारण उसने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया।
यह खुलासा सामने आने के बाद मामले ने और भी गंभीर रूप ले लिया था और पुलिस ने साजिश के हर पहलू की गहराई से जांच शुरू कर दी थी।
गिरफ्तारी से जांच को मिलेगी मजबूती
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी से अब पुलिस को उम्मीद है कि पूरे मामले की कड़ियां और स्पष्ट होंगी। जांच एजेंसियां अब आरोपी से पूछताछ कर अन्य संभावित संलिप्त लोगों के बारे में भी जानकारी जुटाने में लगी हैं।
यह गिरफ्तारी न केवल पुलिस के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, बल्कि क्षेत्र के लोगों के लिए भी राहत की खबर है, जो लंबे समय से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे थे।
न्यूज़ देखो: न्याय की दिशा में बड़ा कदम, लेकिन सवाल अभी बाकी
छतरपुर हत्याकांड में फरार आरोपी की गिरफ्तारी निश्चित रूप से पुलिस की बड़ी सफलता है। इससे यह संदेश जाता है कि कानून से बचना आसान नहीं है। हालांकि अब भी यह जरूरी है कि पूरे मामले में शामिल सभी दोषियों को सजा मिले और जांच पूरी पारदर्शिता के साथ आगे बढ़े। क्या इस मामले में और भी बड़े खुलासे होंगे, यह आने वाला समय बताएगा। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
न्याय के लिए आवाज उठाएं, समाज को सुरक्षित बनाएं
समाज तभी सुरक्षित बनता है जब हर अपराध के खिलाफ आवाज उठती है।
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ऐसी घटनाएं हमें यह सिखाती हैं कि सामाजिक सद्भाव और आपसी समझ कितनी जरूरी है।
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