
#गिरिडीह #जीएसटी_घोटाला : बंद व्यवसायों के नंबर पर करोड़ों के फर्जी ट्रांजैक्शन का आरोप लगा।
गिरिडीह में जीएसटी नंबरों के दुरुपयोग कर करोड़ों के फर्जी लेनदेन का मामला सामने आया है। माले नेता राजेश सिन्हा ने आरोप लगाया है कि बंद हो चुके व्यवसायों के जीएसटी नंबरों पर अवैध ट्रांजैक्शन किए जा रहे हैं। उन्होंने उपायुक्त से जांच की मांग करते हुए जल्द विस्तृत जानकारी सार्वजनिक करने की बात कही है। मामले को लेकर प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
- राजेश सिन्हा ने जीएसटी फर्जीवाड़े का मुद्दा उठाया।
- बंद व्यवसायों के जीएसटी नंबरों का दुरुपयोग का आरोप।
- करोड़ों रुपये के फर्जी ट्रांजैक्शन किए जाने की बात।
- कमीशन के जरिए अवैध कमाई का नेटवर्क सक्रिय।
- उपायुक्त से जांच और कार्रवाई की मांग।
गिरिडीह जिले में जीएसटी से जुड़े एक बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है, जिसने व्यापारिक और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। माले नेता राजेश सिन्हा ने आरोप लगाया है कि जिले में संगठित तरीके से जीएसटी नंबरों का दुरुपयोग कर करोड़ों रुपये का फर्जी लेनदेन किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि यह फर्जीवाड़ा खासकर उन लोगों के जीएसटी नंबरों पर किया जा रहा है, जिन्होंने लॉकडाउन से पहले व्यवसाय के लिए पंजीकरण कराया था, लेकिन अब उनका व्यापार बंद हो चुका है।
कैसे चल रहा है फर्जीवाड़े का नेटवर्क
राजेश सिन्हा के अनुसार, जिन लोगों ने पहले जीएसटी नंबर बनवाए थे और बाद में व्यवसाय बंद कर दिया, उनके नंबरों का इस्तेमाल अब अन्य लोग कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इस नेटवर्क के तहत किसी के जीएसटी नंबर पर 2 करोड़, 2.5 करोड़ या अन्य बड़ी राशि के फर्जी ट्रांजैक्शन दिखाए जाते हैं। इसके बदले में संबंधित लोगों से 10 से 20 प्रतिशत तक कमीशन लिया जाता है।
पकड़े जाने पर रिवर्स का खेल
सिन्हा ने बताया कि जब मामला सामने आने लगता है या नोटिस जारी होता है, तो इस फर्जीवाड़े में शामिल लोग संबंधित व्यक्ति के खाते में 10 से 15 लाख रुपये डालकर ट्रांजैक्शन को रिवर्स करवाने की कोशिश करते हैं।
इस प्रक्रिया में असली जीएसटी धारक को धोखे में रखा जाता है, जिससे वह कानूनी प्रक्रिया में उलझ जाता है और उसे काफी परेशानी झेलनी पड़ती है।
असली वेंडरों को हो रही परेशानी
जब जीएसटी विभाग की ओर से नोटिस जारी होता है, तो वह मूल वेंडर के पास पहुंचता है, जिसके नाम पर यह फर्जीवाड़ा किया गया होता है।
इससे संबंधित व्यक्ति को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं और वह मानसिक व आर्थिक रूप से परेशान हो जाता है।
करोड़ों की कमाई, आम लोग परेशान
राजेश सिन्हा ने कहा कि इस अवैध काम में शामिल लोग करोड़पति बनते जा रहे हैं, जबकि जिनके नाम पर फर्जीवाड़ा किया जाता है, वे दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
उन्होंने दावा किया कि माले के पास ऐसे कई उदाहरण सामने आए हैं, जो इस पूरे नेटवर्क की गंभीरता को दर्शाते हैं।
जांच और कार्रवाई की मांग
माले नेता राजेश सिन्हा ने कहा:
“गिरिडीह में चल रहे इस पूरे नेटवर्क की तत्काल जांच होनी चाहिए, ताकि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।”
उन्होंने बताया कि एक सप्ताह के अंदर इस मामले को लेकर जीएसटी कार्यालय रांची, गिरिडीह और कोडरमा के जनप्रतिनिधियों, मंत्रियों और विधायकों के साथ-साथ उपायुक्त और एसडीएम को लिखित आवेदन दिया जाएगा।
इसके अलावा, संबंधित लोगों को लीगल नोटिस भी भेजने की तैयारी की जा रही है।
प्रशासनिक कार्रवाई पर नजर
अब इस पूरे मामले में जिला प्रशासन और जीएसटी विभाग की कार्रवाई पर नजर टिकी हुई है।
यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह एक बड़ा वित्तीय घोटाला साबित हो सकता है, जिसके दूरगामी प्रभाव हो सकते हैं।
न्यूज़ देखो: जीएसटी सिस्टम में सेंध का आरोप, जांच से ही साफ होगी तस्वीर
गिरिडीह में जीएसटी फर्जीवाड़े के आरोप बेहद गंभीर हैं और यह पूरे सिस्टम की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हैं। यदि बंद व्यवसायों के नंबरों का इस तरह दुरुपयोग हो रहा है, तो यह न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि आम लोगों के अधिकारों का भी हनन है। प्रशासन को चाहिए कि वह इस मामले की गहराई से जांच करे और दोषियों को सख्त सजा दे। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सतर्क रहें, अपने अधिकारों की रक्षा करें
आज के समय में आर्थिक धोखाधड़ी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, ऐसे में हर नागरिक को सतर्क रहने की जरूरत है। अपने दस्तावेजों और पहचान से जुड़े मामलों में विशेष सावधानी बरतें।
यदि आपको किसी भी प्रकार की अनियमितता का संदेह हो, तो तुरंत संबंधित विभाग को सूचित करें। अपनी राय कमेंट में साझा करें, इस खबर को दूसरों तक पहुंचाएं और जागरूकता फैलाने में अपनी भूमिका निभाएं।


