#हजारीबाग #नक्सल_ऑपरेशन : खपिया जंगल में सुरक्षाबलों की बड़ी कार्रवाई—क्षेत्र में सक्रिय दस्ते का सफाया।
हजारीबाग-चतरा सीमावर्ती क्षेत्र में सुरक्षाबलों ने बड़ा नक्सल विरोधी अभियान चलाते हुए चार इनामी माओवादियों को मार गिराया। मुठभेड़ के बाद भारी मात्रा में हथियार बरामद किए गए। इस कार्रवाई को क्षेत्र में नक्सली नेटवर्क के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
- संयुक्त बलों ने 4 इनामी माओवादियों को किया ढेर।
- मारे गए नक्सलियों में 15 लाख का इनामी शहदेव महतो शामिल।
- मुठभेड़ के बाद AK-47 समेत 4 हथियार बरामद।
- ऑपरेशन खपिया जंगल में दोपहर 1 बजे के आसपास हुआ।
- पुलिस ने कहा—क्षेत्र से माओवादी नेटवर्क का सफाया।
हजारीबाग जिले के केरेडारी थाना क्षेत्र अंतर्गत खपिया जंगल में सुरक्षाबलों ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत चलाए गए ऑपरेशन में चार इनामी माओवादियों को मार गिराया गया।
संयुक्त अभियान में मिली सफलता
यह अभियान 209 कोबरा बटालियन और झारखंड पुलिस के संयुक्त बल द्वारा चलाया गया। हजारीबाग-चतरा सीमावर्ती क्षेत्र में गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई।
17 अप्रैल 2026 को दोपहर लगभग 1 बजे सुरक्षाबलों और माओवादी दस्ते के बीच मुठभेड़ हुई।
मारे गए नक्सलियों की पहचान
मुठभेड़ के बाद सर्च ऑपरेशन में चार शव बरामद किए गए, जिनकी पहचान इस प्रकार हुई—
- शहदेव महतो (रीजनल कमेटी सदस्य) — ₹15 लाख इनामी
- रंजीत गंझु (जोनल कमेटी सदस्य) — ₹10 लाख इनामी
- नताशा (सब-जोनल कमेटी सदस्य)
- बुधन करमाली (एरिया कमांडर) — ₹1 लाख इनामी
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार ये सभी माओवादी कई बड़े मामलों में वांछित थे।
भारी मात्रा में हथियार बरामद
मुठभेड़ स्थल से सुरक्षाबलों ने आधुनिक हथियार भी बरामद किए हैं, जिनमें—
- 2 ए.के.-47 राइफल
- 1 कोल्ट ए.आर.-15 राइफल
- 1 इंसास राइफल
इसके अलावा दैनिक उपयोग की सामग्री भी बरामद की गई है।
क्षेत्र से नक्सली नेटवर्क खत्म
पुलिस के अनुसार इस ऑपरेशन के बाद पारसनाथ-लुगूझुमरा और हजारीबाग-चतरा सीमावर्ती क्षेत्र में सक्रिय माओवादी दस्ते का पूरी तरह सफाया हो गया है।
उग्रवादियों से आत्मसमर्पण की अपील
झारखंड पुलिस ने शेष बचे उग्रवादियों से आत्मसमर्पण करने की अपील की है और कहा है कि वे सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति का लाभ उठाएं।

न्यूज़ देखो: नक्सलवाद पर बड़ा प्रहार
यह ऑपरेशन झारखंड में नक्सलवाद के खिलाफ चल रही कार्रवाई का बड़ा उदाहरण है। इससे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने के साथ क्षेत्र में शांति बहाल होने की उम्मीद बढ़ी है।
शांति और विकास की ओर कदम
नक्सलवाद का अंत जरूरी है।
सुरक्षा बलों का सहयोग करें।
मुख्यधारा से जुड़ना ही बेहतर विकल्प है।
आइए, सुरक्षित समाज के निर्माण में योगदान दें।
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