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मनिका: देवबार विद्यालय में शिक्षक नॉरबर्ट मिंज को दी गई भावभीनी विदाई, साथियों ने किया 21 वर्षों के योगदान को याद

#लातेहार #शिक्षक_सम्मान : नॉरबर्ट मिंज के सेवानिवृत्ति अवसर पर भावनात्मक विदाई समारोह का आयोजन – शिक्षकों और विद्यार्थियों ने किया सम्मान
  • देवबार स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय में शिक्षक नॉरबर्ट मिंज के सेवानिवृत्त होने पर विदाई सह सम्मान समारोह आयोजित किया गया।
  • कार्यक्रम की अध्यक्षता शिक्षक चंदन कुमार यादव ने की और सभी शिक्षकों ने मिंज को अंग वस्त्र और उपहार भेंट कर सम्मानित किया।
  • मौके पर बीपीओ निकेत कुमार, सीआरपी सुबोध सोनी, अजय सिंह, अनुज सिंह, और अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।
  • वक्ताओं ने कहा कि 21 वर्षों की शिक्षण सेवा में मिंज ने विद्यालय के उत्थान में उल्लेखनीय योगदान दिया।
  • छात्रों और शिक्षकों ने भावनात्मक माहौल में अपने प्रिय शिक्षक को विदा किया।

मनिका प्रखंड के देवबार स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय के शिक्षक नॉरबर्ट मिंज के सेवानिवृत्ति अवसर पर शुक्रवार को विद्यालय परिसर में एक भावनात्मक विदाई सह सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता शिक्षक चंदन कुमार यादव ने की। इस अवसर पर विद्यालय के सभी शिक्षकों, विद्यार्थियों और स्थानीय अतिथियों ने भाग लिया। सभी ने उन्हें अंग वस्त्र, पुष्प गुच्छ और उपहार भेंट कर सम्मानित किया तथा उनके योगदान के लिए आभार व्यक्त किया।

नॉरबर्ट मिंज की 21 वर्षों की निष्ठापूर्ण सेवा को मिला सम्मान

शिक्षक नॉरबर्ट मिंज ने लगातार 21 वर्षों तक इसी विद्यालय में सेवा दी, और अपने समर्पण, अनुशासन तथा शिक्षण शैली से विद्यालय की पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उनकी कार्यशैली ने विद्यार्थियों और सहकर्मियों पर गहरा प्रभाव छोड़ा।

शिक्षक चंदन कुमार यादव ने कहा: “नॉरबर्ट मिंज ने हमेशा विद्यालय के विकास में अग्रणी भूमिका निभाई। उनका व्यवहार, सादगी और शिक्षण के प्रति समर्पण भाव सभी शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा।”

चंदन कुमार यादव ने आगे कहा कि सेवा में आने वाले हर व्यक्ति को एक दिन सेवानिवृत्ति का सामना करना पड़ता है, लेकिन जब कोई इतना समर्पित शिक्षक विदा लेता है तो विद्यालय परिवार के लिए वह क्षण अत्यंत भावनात्मक हो जाता है।

समारोह में उमड़ा भावनाओं का सैलाब

इस मौके पर उपस्थित बीपीओ निकेत कुमार, सीआरपी सुबोध सोनी, अजय सिंह, अनुज सिंह, पंकज कुमार, जयप्रकाश यादव, एमडीएम ऑपरेटर संतोष उरांव, और एमआईएस अंबेडकर कुमार सहित अनेक शिक्षकों और कर्मियों ने नॉरबर्ट मिंज को शुभकामनाएं दीं। सभी ने कहा कि मिंज ने शिक्षण कार्य के साथ-साथ विद्यालय की हर गतिविधि में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

विद्यार्थियों ने भी अपने प्रिय शिक्षक के प्रति गहरी भावनाएं व्यक्त कीं और कहा कि उन्होंने हमेशा उन्हें ज्ञान और नैतिकता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। विद्यालय परिवार में माहौल बेहद भावनात्मक था, जहां विदाई के दौरान कई की आंखें नम थीं।

शिक्षण के प्रति समर्पण और अनुशासन का उदाहरण

नॉरबर्ट मिंज अपनी सादगी, अनुशासन और समयपालन के लिए जाने जाते रहे हैं। विद्यालय में उनकी उपस्थिति विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत थी। उन्होंने न केवल शिक्षा दी, बल्कि विद्यार्थियों में जिम्मेदारी और आत्मविश्वास की भावना भी जगाई।

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मौके पर कमलेश सिंह, नरेश भुइया, सकेंद्र सिंह, कौशल्या देवी, नीलम देवी, पानवा देवी सहित विद्यालय के अनेक छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। सभी ने उन्हें दीर्घायु और सुखद सेवानिवृत्ति जीवन की शुभकामनाएं दीं।

साथियों ने साझा की यादें और प्रेरक क्षण

कार्यक्रम के अंत में शिक्षकों ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि नॉरबर्ट मिंज ने न सिर्फ विद्यालय को एक परिवार की तरह संभाला, बल्कि हर सहकर्मी को सहयोग और सम्मान दिया। विद्यालय के विकास के लिए उनका दृष्टिकोण हमेशा दूरदर्शी रहा।

बीपीओ निकेत कुमार ने कहा: “ऐसे शिक्षक बहुत कम मिलते हैं, जो न केवल पढ़ाते हैं बल्कि विद्यार्थियों के जीवन को दिशा देते हैं। नॉरबर्ट मिंज ने यही किया।”

उनके विद्यार्थियों ने कहा कि वे हमेशा अपने शिक्षक की सिखाई बातों को याद रखेंगे और उनके बताए मार्ग पर चलेंगे।

न्यूज़ देखो: निष्ठा और समर्पण का मिसाल

यह खबर हमें बताती है कि एक समर्पित शिक्षक की भूमिका केवल कक्षा तक सीमित नहीं होती, बल्कि वह समाज के निर्माण में भी अहम योगदान देता है। नॉरबर्ट मिंज जैसे शिक्षकों की मेहनत और ईमानदारी से ही विद्यालयों की नींव मजबूत रहती है। सेवानिवृत्ति एक अंत नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है – अनुभव, स्मृतियों और आदर्शों के साथ।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

शिक्षा ही समाज की सच्ची पूंजी

आज जब समाज में मूल्य आधारित शिक्षा की आवश्यकता पहले से अधिक है, ऐसे में नॉरबर्ट मिंज जैसे शिक्षकों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने दिखाया कि शिक्षा केवल पाठ्यक्रम नहीं, बल्कि जीवन मूल्यों की प्रेरणा भी है। आइए हम सब ऐसे शिक्षकों के योगदान को सम्मान दें और उनकी शिक्षाओं को आगे बढ़ाने का संकल्प लें।
अपनी राय कमेंट करें, इस खबर को साझा करें और समाज में शिक्षकों के प्रति सम्मान की भावना फैलाएं।

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Sachin Kumar Singh

मनिका, लातेहार

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