जारी प्रखंड में तीन दिनों की भारी बारिश से कई मकान गिरे, पीड़ित परिवार बेघर

जारी प्रखंड में तीन दिनों की भारी बारिश से कई मकान गिरे, पीड़ित परिवार बेघर

author News देखो Team
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#गुमला #जारी : तेज बारिश और मिट्टी धंसने से ग्रामीणों के कच्चे मकान जमींदोज — प्रशासन से राहत और मुआवजे की गुहार
  • जारी प्रखंड में लगातार तीन दिन से भारी बारिश से कच्चे मकान गिरे
  • परसा, कमलपुर और डुमरटोली गांवों के परिवार हुए बेघर
  • घर का सारा सामान मलबे में दबा, भोजन और आवास की गंभीर समस्या
  • प्रशासन से मुआवजा और पुनर्वास की मांग
  • अन्य गांवों में भी कई मकान बारिश से खतरे में

बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, किसान और ग्रामीण बेहाल

गुमला जिला अंतर्गत जारी प्रखंड में बीते तीन दिनों से हो रही लगातार तेज बारिश ने ग्रामीणों की नींव हिला दी है। खेतों में पानी भरने से कृषि कार्य ठप हो गया है और कई गरीब परिवारों के कच्चे मकान पूरी तरह ढह गए हैं।

परसा, कमलपुर और डुमरटोली के परिवार सबसे अधिक प्रभावित

जरडा पंचायत के परसा गांव की सेलिना कुजूर, गोबिंदपुर पंचायत के कमलपुर निवासी सुबोधनी भगत, और डुमरटोली की मंजुला कुजूर ने बताया कि तेज बारिश और मिट्टी के खिसकने से उनका घर अचानक गिर पड़ा।

पीड़ितों के अनुसार,

सेलिना कुजूर ने बताया: “घर गिरते ही हम लोग जान बचाकर किसी तरह बाहर निकले। कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन सारा सामान मलबे में दब गया। अब खाने और रहने का संकट है।”

बेघर परिवारों की हालत गंभीर

पीड़ित परिवार इस समय पड़ोसियों के घर में शरण लिए हुए हैंभोजन, कपड़ा और बच्चों की दवा तक नहीं मिल पा रही है। ऐसी स्थिति में प्रशासन से तत्काल राहत सामग्री और मुआवजे की आवश्यकता है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से की राहत की मांग

स्थानीय ग्रामीणों ने कहा कि प्रखंड के अन्य गांवों में भी कई कच्चे घर दरारों और जलभराव के कारण खतरनाक स्थिति में हैं। यदि समय पर प्रशासन ने निरीक्षण और राहत कार्य शुरू नहीं किए, तो स्थिति और अधिक भयावह हो सकती है।

न्यूज़ देखो: बरसात में बेघर हुए लोग, इंतज़ार में है राहत

प्राकृतिक आपदाएं कमजोर वर्ग को सबसे ज्यादा प्रभावित करती हैं, और जारी प्रखंड में यही हो रहा है। प्रशासन को चाहिए कि वह संवेदनशीलता के साथ पीड़ितों की सहायता करे, नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा और पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित करे।
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