
#दुमका #साइबर_अपराध : गुप्त सूचना पर छापेमारी कर मसलिया पुलिस ने साइबर ठग को दबोचा।
दुमका जिले के मसलिया थाना क्षेत्र में पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। बेदिया पुल के पास गुप्त सूचना के आधार पर की गई छापेमारी में देवघर जिले का निवासी साइबर ठगी के आरोप में पकड़ा गया। आरोपी के पास से कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और संदिग्ध सामग्री बरामद की गई है। पुलिस इस कार्रवाई को साइबर अपराध नेटवर्क के खिलाफ अहम सफलता मान रही है।
- मसलिया थाना पुलिस ने बेदिया पुल के पास की छापेमारी।
- देवघर जिला निवासी तमरेज साह साइबर ठगी के आरोप में गिरफ्तार।
- मौके से मोबाइल, सिम कार्ड व इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद।
- मसलिया थाना कांड संख्या 02/2026 दर्ज।
- आईटी एक्ट 66(C), 66(D) सहित कई धाराओं में मामला।
- साइबर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जांच जारी।
दुमका जिले में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस की सख्ती लगातार जारी है। इसी कड़ी में मसलिया थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए साइबर ठगी में संलिप्त एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई क्षेत्र में बढ़ते साइबर अपराध पर अंकुश लगाने की दिशा में अहम मानी जा रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, उन्हें सूचना मिली थी कि बेदिया पुल के पास एक व्यक्ति साइबर ठगी से जुड़े कार्यों को अंजाम दे रहा है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए मसलिया थाना की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर छापेमारी की।
गुप्त सूचना पर हुई छापेमारी
मसलिया थाना पुलिस ने पूरी रणनीति के तहत बेदिया पुल के पास घेराबंदी की। छापेमारी के दौरान पुलिस ने तमरेज साह, निवासी देवघर जिला, को संदिग्ध अवस्था में पकड़ा। तलाशी के दौरान उसके पास से कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, मोबाइल फोन, सिम कार्ड और अन्य सामग्री बरामद की गई, जिनका उपयोग साइबर ठगी में किए जाने की आशंका है।
पुलिस का मानना है कि आरोपी लंबे समय से लोगों को ठगने के लिए डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर रहा था।
लंबे समय से साइबर ठगी में संलिप्त होने का आरोप
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी लंबे समय से साइबर अपराध की गतिविधियों में संलिप्त रहा है। वह फर्जी कॉल, ओटीपी फ्रॉड, लिंक भेजकर ठगी जैसे तरीकों का उपयोग करता था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है और ठगी की रकम कितनी है।
मामला दर्ज, न्यायालय भेजा गया आरोपी
इस संबंध में मसलिया थाना कांड संख्या 02/2026 के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ आईटी एक्ट की धारा 66(C) और 66(D) के तहत आरोप लगाए गए हैं।
पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए आरोपी को न्यायालय में प्रस्तुत कर दिया है। न्यायालय के आदेश के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
साइबर नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही पुलिस
मसलिया थाना पुलिस का कहना है कि यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति तक सीमित नहीं हो सकता। आशंका है कि इसके पीछे संगठित साइबर गिरोह सक्रिय हो सकता है। पुलिस अब आरोपी के मोबाइल और अन्य उपकरणों की तकनीकी जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसके संपर्क में और कौन-कौन लोग थे।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी किस जिले या राज्य के लोगों को निशाना बना रहा था और कहीं इसका संबंध अंतर-जिला या अंतर-राज्य साइबर नेटवर्क से तो नहीं है।
आम लोगों से सतर्क रहने की अपील
पुलिस प्रशासन ने इस कार्रवाई के बाद आम नागरिकों से अपील की है कि वे साइबर ठगी से सतर्क रहें। अनजान कॉल, लिंक, ओटीपी साझा करने और संदिग्ध मैसेज से बचें। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी की आशंका होने पर तुरंत नजदीकी थाना या साइबर हेल्पलाइन पर सूचना दें।
न्यूज़ देखो: साइबर अपराध पर पुलिस की सख्ती
मसलिया पुलिस की यह कार्रवाई दर्शाती है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ अब ढील नहीं बरती जा रही है। तकनीक के बढ़ते उपयोग के साथ अपराध भी बदल रहे हैं, लेकिन पुलिस की सक्रियता ऐसे मामलों पर लगाम लगाने में अहम साबित हो रही है। अब देखना होगा कि जांच में और कितने नाम सामने आते हैं।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव
डिजिटल युग में जागरूक रहना ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।
अनजान कॉल और लालच भरे संदेशों से दूरी बनाएं।
साइबर अपराध के खिलाफ आवाज उठाएं और सही जानकारी साझा करें।
अपनी राय कमेंट करें, खबर आगे बढ़ाएं और दूसरों को भी सतर्क करें।





