
#गुमला #जंगलमेंआग : धुएं से सड़क पर दृश्यता कम, ग्रामीणों ने वन विभाग से की त्वरित कार्रवाई की मांग
गुमला जिले के जारी प्रखंड के जंगली इलाकों में भीषण आग लगने से स्थिति चिंताजनक हो गई है। आग की लपटें जंगल से निकलकर अब सड़कों के किनारे तक पहुँच गई हैं। भीखमपुर पुल के पास धुएं और आग के कारण यातायात प्रभावित हो रहा है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
- जारी प्रखंड के जंगलों में लगी भीषण आग
- भीखमपुर पुल के पास सड़क तक पहुंची आग की लपटें
- धुएं से सड़कों पर दृश्यता हुई कम
- वन संपदा और वन्यजीवों को भारी नुकसान की आशंका
- ग्रामीणों ने वन विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग की
गुमला जिले के जारी प्रखंड के जंगलों में इन दिनों भीषण आग लगी हुई है। आग ने इतना विकराल रूप धारण कर लिया है कि अब इसकी लपटें जंगल से निकलकर आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों और मुख्य सड़कों तक पहुँचने लगी हैं।
भीखमपुर पुल के पास गंभीर स्थिति
ताजा जानकारी के अनुसार भीखमपुर पुल के समीप आग की लपटें काफी तेज हो गई हैं। इसके कारण सड़क से गुजरने वाले राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
धुएं के कारण सड़क पर दृश्यता काफी कम हो गई है, जिससे दुर्घटना की आशंका भी बढ़ गई है।
वन संपदा को हो रहा भारी नुकसान
जंगल में लगी आग के कारण वहां मौजूद कीमती लकड़ियां, औषधीय पौधे और वन्यजीवों को भी अपूरणीय क्षति पहुँचने की आशंका जताई जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया गया, तो यह आसपास के गांवों तक भी फैल सकती है।
प्रशासन से की गई त्वरित कार्रवाई की मांग
स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों ने प्रशासन और वन विभाग से जल्द से जल्द आग पर नियंत्रण पाने की मांग की है।
एक स्थानीय नागरिक ने कहा कि आग इतनी भयानक है कि सड़क से गुजरना मुश्किल हो गया है। वन विभाग को तुरंत संज्ञान लेते हुए दमकल और बचाव दल को मौके पर भेजना चाहिए, ताकि किसी बड़ी अनहोनी को रोका जा सके।
न्यूज़ देखो : जंगल की आग पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा
जंगलों में लगने वाली आग न केवल वन संपदा को नुकसान पहुँचाती है, बल्कि पर्यावरण और वन्यजीवों के लिए भी गंभीर खतरा बन जाती है। ऐसे मामलों में समय पर कार्रवाई बेहद जरूरी होती है, ताकि आग को फैलने से रोका जा सके।
प्रकृति की रक्षा हम सबकी जिम्मेदारी
जंगलों में आग से बचाव के उपाय अपनाएं
वन संपदा की सुरक्षा करें
और पर्यावरण संरक्षण में सहयोग दें।






