
#बरवाडीह #लातेहार #सड़क_निर्माण : केचकी में घटिया निर्माण पर संवेदक अभियंता की मिलीभगत का आरोप।
लातेहार जिले के बरवाडीह प्रखंड अंतर्गत केचकी पंचायत में लघु सिंचाई विभाग द्वारा कराए जा रहे सड़क निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताओं का आरोप सामने आया है। ग्रामीणों की शिकायत पर प्रखंड प्रमुख सुशीला देवी ने निर्माणाधीन सड़क का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण में मानकविहीन जल निकासी, घटिया निर्माण सामग्री और पुराने कलवर्ट हटाने जैसी गंभीर खामियां उजागर हुईं। प्रमुख ने इसे सीधा भ्रष्टाचार बताते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
- केचकी पंचायत में लघु सिंचाई विभाग की सड़क योजना में अनियमितता का आरोप।
- प्रखंड प्रमुख सुशीला देवी ने सड़क निर्माण का स्थल निरीक्षण किया।
- पुराने मजबूत पाइप कलवर्ट हटाकर संकरी नाली बनाने का मामला सामने आया।
- जीएसबी की मात्रा मानक से कम पाए जाने का आरोप।
- संवेदक और अभियंता की मिलीभगत से सरकारी राशि के दुरुपयोग की बात कही गई।
बरवाडीह प्रखंड क्षेत्र के केचकी पंचायत में सड़क निर्माण कार्य को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश अब खुलकर सामने आने लगा है। लघु सिंचाई विभाग द्वारा पीडब्ल्यूडी रोड कुटी मोड़ से केचकी रेलवे स्टेशन रोड में अटैच तक बनाई जा रही सड़क में नियमों की अनदेखी और घटिया निर्माण का आरोप लगाया गया है। शिकायत मिलने के बाद रविवार को प्रखंड प्रमुख सुशीला देवी ने स्वयं मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे और उन्होंने प्रमुख को निर्माण से जुड़ी खामियों की जानकारी दी। ग्रामीणों का कहना था कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है और विभागीय अभियंता की भूमिका भी संदेह के घेरे में है।
जल निकासी व्यवस्था में गंभीर लापरवाही
स्थलीय निरीक्षण में यह बात सामने आई कि सड़क के नीचे जल निकासी के लिए पहले से मौजूद मजबूत और मानक पाइप कलवर्ट को हटाकर उनकी जगह संकरी नाली का निर्माण किया गया है, जिसे कलवर्ट का नाम दिया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि पहले कई स्थानों पर दो से तीन पाइप वाले, लगभग दो फीट मोटाई के कलवर्ट बने हुए थे, जिससे बारिश के मौसम में पानी की समुचित निकासी होती थी।
प्रखंड प्रमुख द्वारा पूरे मार्ग का निरीक्षण करने पर यह स्पष्ट हुआ कि पुराने कलवर्ट हटाकर मात्र डेढ़ बाई दो फीट की संकरी नाली बनाई गई है, जो तकनीकी मानकों के अनुरूप नहीं है।
पहाड़ी क्षेत्र में सड़क बहने का खतरा
ग्रामीणों ने प्रमुख को बताया कि केचकी क्षेत्र पहाड़ी इलाका है और मानसून के दौरान यहां तेज जल प्रवाह होता है। ऐसी स्थिति में कमजोर जल निकासी व्यवस्था के कारण सड़क के कटने या बह जाने की पूरी आशंका बनी रहेगी। इससे न केवल सरकारी धन की बर्बादी होगी, बल्कि आम लोगों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
इसके अलावा ग्रामीणों ने सड़क की मजबूती को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि सड़क निर्माण में उपयोग की जा रही जीएसबी (ग्रेन्युलर सब बेस) की मात्रा मानक से काफी कम है, जिससे सड़क की आयु और गुणवत्ता दोनों प्रभावित होंगी।
प्रमुख ने बताया सीधा भ्रष्टाचार
निरीक्षण के बाद प्रखंड प्रमुख सुशीला देवी ने सड़क निर्माण में अनियमितता को लेकर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा:
सुशीला देवी ने कहा: “यह मामला पूरी तरह से भ्रष्टाचार का है। संवेदक और विभागीय अभियंता की मिलीभगत से सरकारी राशि का दुरुपयोग किया जा रहा है।”
प्रमुख ने यह भी कहा कि इस पूरे मामले की लिखित शिकायत लातेहार उपायुक्त को सौंपी जाएगी और पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच की मांग की जाएगी।
पूर्व घोटालों पर कार्रवाई नहीं, बढ़ा भ्रष्टाचार
प्रखंड प्रमुख ने यह भी आरोप लगाया कि बरवाडीह बाजार क्षेत्र में हुए पूर्व सड़क निर्माण घोटालों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से संवेदकों के हौसले बुलंद हैं। यदि समय रहते ऐसे मामलों पर सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो इसका सीधा खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ेगा।
उन्होंने संबंधित विभाग और जिला प्रशासन से मांग की कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की अनियमितताओं पर रोक लग सके।
ग्रामीणों की मांग, जांच तक कार्य हो बंद
निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने मांग की कि जब तक पूरे निर्माण कार्य की तकनीकी और प्रशासनिक जांच नहीं हो जाती, तब तक सड़क निर्माण कार्य को रोक दिया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन घटिया और भ्रष्टाचारयुक्त निर्माण किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
न्यूज़ देखो: सड़क नहीं, सिस्टम की परीक्षा
केचकी पंचायत का यह मामला केवल एक सड़क निर्माण की अनियमितता नहीं, बल्कि निगरानी तंत्र की कमजोरी को उजागर करता है। यदि प्रमुख स्तर से निरीक्षण न होता, तो घटिया निर्माण यूं ही पूरा कर लिया जाता। अब यह देखना अहम होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी गंभीरता दिखाता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सड़क टिकेगी तभी, जब जवाबदेही तय होगी
विकास तभी सार्थक है, जब वह टिकाऊ और पारदर्शी हो। सड़क जैसी बुनियादी सुविधा में भ्रष्टाचार सीधे आम जनता के जीवन को प्रभावित करता है। यदि आप भी अपने क्षेत्र में अनियमित निर्माण देख रहे हैं, तो आवाज उठाएं। इस खबर को साझा करें, अपनी राय कमेंट में रखें और भ्रष्टाचार के खिलाफ जागरूकता फैलाने में भागीदार बनें।





