
#निमियाघाट #संगठन_विस्तार : यूनियन पदाधिकारियों ने बैठक कर संगठन मजबूती पर चर्चा की।
गिरिडीह जिले के निमियाघाट में झारखंड एकता किसान मजदूर यूनियन की बैठक आयोजित की गई। बैठक में केंद्रीय पदाधिकारियों ने संगठन विस्तार और मजबूती पर चर्चा की। यूनियन के विभिन्न सदस्यों ने भाग लेकर रणनीति तय की। संगठन को जमीनी स्तर पर सशक्त बनाने पर जोर दिया गया।
- निमियाघाट (गिरिडीह) में यूनियन की बैठक आयोजित।
- सुभाष पंडित, रवींद्र कुमार, मदन मोहली ने की चर्चा।
- संगठन विस्तार और मजबूती पर बनी रणनीति।
- कई पदाधिकारी और सदस्य बैठक में रहे मौजूद।
- जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने पर जोर।
गिरिडीह जिले के निमियाघाट क्षेत्र में झारखंड एकता किसान मजदूर यूनियन की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में यूनियन के केंद्रीय पदाधिकारियों ने भाग लिया और संगठन के विस्तार एवं मजबूती को लेकर विस्तार से चर्चा की।
संगठन विस्तार को लेकर हुई चर्चा
बैठक के दौरान यूनियन के केंद्रीय उपाध्यक्ष सुभाष पंडित, केंद्रीय महासचिव रवींद्र कुमार और केंद्रीय महासचिव मदन मोहली ने संगठन को मजबूत करने के लिए कई बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया।
उन्होंने कहा कि किसानों और मजदूरों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाने के लिए संगठन का जमीनी स्तर पर मजबूत होना जरूरी है।
पदाधिकारियों ने रखे अपने विचार
बैठक में उपस्थित सभी पदाधिकारियों ने संगठन विस्तार को लेकर अपने-अपने सुझाव दिए। चर्चा के दौरान सदस्यता बढ़ाने, ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंच बनाने और लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया गया।
पदाधिकारियों ने कहा: “संगठन जितना मजबूत होगा, उतनी ही प्रभावी तरीके से मजदूरों और किसानों की आवाज उठाई जा सकेगी।”
कई सदस्य रहे मौजूद
इस मौके पर यूनियन के सोशल मीडिया प्रभारी सुजीत कुमार सहित रुपलाल तुरी, जगदीश मोहली और अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
सभी ने संगठन को मजबूत बनाने के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया।
जमीनी स्तर पर सक्रियता बढ़ाने पर जोर
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि यूनियन अपनी सक्रियता को गांव-गांव तक बढ़ाएगी और अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने का प्रयास करेगी।
संगठन के विस्तार के लिए जल्द ही विभिन्न क्षेत्रों में अभियान चलाने की योजना भी बनाई गई।
किसानों और मजदूरों के मुद्दों पर फोकस
पदाधिकारियों ने कहा कि संगठन का मुख्य उद्देश्य किसानों और मजदूरों के अधिकारों की रक्षा करना है। इसके लिए लगातार संघर्ष और प्रयास जारी रहेगा।
बैठक में यह भी तय किया गया कि आने वाले समय में विभिन्न मुद्दों को लेकर आंदोलन और कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
न्यूज़ देखो: संगठन की मजबूती से ही उठेगी आवाज
निमियाघाट में हुई यह बैठक यह दर्शाती है कि किसान और मजदूर संगठनों के लिए जमीनी स्तर पर मजबूती जरूरी है। जब संगठन मजबूत होता है, तभी वह प्रभावी ढंग से अपने मुद्दों को उठा सकता है। अब देखना होगा कि यह रणनीति जमीन पर कितनी सफल होती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
एकजुट होकर ही मिलती है ताकत
किसान और मजदूर समाज की रीढ़ होते हैं, लेकिन उनकी आवाज तभी सुनी जाती है जब वे एकजुट होते हैं। ऐसे में संगठनों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। आइए हम भी जागरूक बनें और अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर आगे बढ़ें। अपनी राय कमेंट में जरूर दें, इस खबर को साझा करें और जागरूकता फैलाने में अपना योगदान दें।


