
#गिरिडीह #महुवाटांड़ #संगठन_बैठक : माले नेताओं ने संगठन विस्तार और मजदूरों के मुद्दों पर आंदोलन तेज करने का आह्वान किया।
गिरिडीह जिले के महुवाटांड़ स्थित माले कार्यालय में संगठन विस्तार और मजदूरों के मुद्दों को लेकर एक दिवसीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाने, सदस्यता अभियान चलाने और नए नेतृत्व तैयार करने पर चर्चा हुई। बालमुकुंद स्पॉन्ज आयरन फैक्ट्री से बिना नोटिस निकाले गए मजदूरों के मुद्दे को लेकर आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया गया। कार्यक्रम के दौरान शहीद कॉमरेड अनिता देवी और विजय सिन्हा की स्मृति में एक मिनट का मौन भी रखा गया।
- महुवाटांड़ स्थित माले कार्यालय में संगठन विस्तार को लेकर एक दिवसीय बैठक आयोजित।
- बैठक में सदस्यता अभियान, संगठन मजबूती और नेतृत्व तैयार करने पर हुई चर्चा।
- बालमुकुंद स्पॉन्ज आयरन फैक्ट्री से निकाले गए मजदूरों के समर्थन में आंदोलन तेज करने का निर्णय।
- माले नेता कन्हाई पांडेय ने मजदूरों को वापस काम पर रखने की मांग उठाई।
- बैठक में भाकपा माले प्रखंड कमिटी और असंगठित मजदूर मोर्चा के कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद।
- कार्यक्रम में शहीद कॉमरेड अनिता देवी और विजय सिन्हा को श्रद्धांजलि देते हुए रखा गया मौन।
महुवाटांड़ स्थित माले कार्यालय में भाकपा माले प्रखंड कमिटी और असंगठित मजदूर मोर्चा के नेतृत्व में एक दिवसीय बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन को मजबूत बनाना, सदस्यता अभियान चलाना और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बढ़ाना था। इस दौरान नेताओं ने संगठन विस्तार और मजदूरों के मुद्दों को लेकर विस्तृत चर्चा की। बैठक में कार्यकर्ताओं ने यह भी तय किया कि क्षेत्र में संगठन की मजबूती के लिए लगातार जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा।
संगठन विस्तार और सदस्यता अभियान पर जोर
बैठक में नेताओं ने कहा कि किसी भी राजनीतिक और सामाजिक संगठन की मजबूती उसके सक्रिय कार्यकर्ताओं पर निर्भर करती है। इसलिए संगठन के विस्तार और नए कार्यकर्ताओं को जोड़ने पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।
माले नेता कन्हाई पांडेय ने कहा कि कार्यकर्ताओं की कमजोरियों को दूर करते हुए संगठन को मजबूत बनाने के लिए सदस्यता अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि गांव-गांव में संगठन की गतिविधियों को बढ़ाने के लिए कार्यकर्ताओं को सक्रिय भूमिका निभानी होगी।
कन्हाई पांडेय ने कहा: “संगठन को मजबूत करने के लिए कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर काम करना होगा और सदस्यता अभियान के माध्यम से नए लोगों को जोड़ना होगा।”
उन्होंने कहा कि मजबूत संगठन ही जन समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाने में सक्षम होता है।
बालमुकुंद फैक्ट्री से निकाले गए मजदूरों का मुद्दा
बैठक में बालमुकुंद स्पॉन्ज आयरन फैक्ट्री से बिना नोटिस दिए निकाले गए मजदूरों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। नेताओं ने कहा कि यह मजदूरों के अधिकारों के खिलाफ है और इसके खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन किया जाएगा।
कन्हाई पांडेय ने कहा: “बालमुकुंद स्पॉन्ज आयरन फैक्ट्री से जिन मजदूरों को बिना नोटिस निकाला गया है, उन्हें वापस काम पर रखने के लिए लोकतांत्रिक आंदोलन किया जाएगा।”
नेताओं ने कहा कि मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए संगठन हमेशा उनके साथ खड़ा रहेगा।
असंगठित मजदूरों के मुद्दों पर भी चर्चा
बैठक में असंगठित मजदूरों की समस्याओं पर भी चर्चा की गई। नेताओं ने कहा कि असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों को कई प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में उनके अधिकारों की रक्षा और समस्याओं के समाधान के लिए संगठन को सक्रिय रहना होगा।
बैठक में यह भी तय किया गया कि मजदूरों के मुद्दों को लेकर जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा और जरूरत पड़ने पर आंदोलन भी किया जाएगा।
बैठक में कई नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद
इस बैठक में भाकपा माले प्रखंड कमिटी और असंगठित मजदूर मोर्चा के कई नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इनमें कन्हाई पांडेय, मसूदन कोल्ह, मोहन कोल्ह, धनेश्वर कोल्ह, परसादी राय, हुबलाल राय, भिखारी राय, भीम कोल्ह, किशोर राय, नवीन पांडेय, लखन कोल्ह, किशुन कोल्ह, अरविंद टुडू, चंदन टुडू, धूमा टुडू, लूटना दास, सकलदेव कोल्ह, कर्मी दैवी, ललिता देवी, मिमिया देवी, सरिता देवी, सीता देवी और कामनी देवी सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे।
शहीद साथियों को दी गई श्रद्धांजलि
बैठक के दौरान शहीद कॉमरेड अनिता देवी और विजय सिन्हा की स्मृति में एक मिनट का मौन रखा गया। उपस्थित कार्यकर्ताओं ने उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
नेताओं ने कहा कि शहीद साथियों के संघर्ष और बलिदान से संगठन को हमेशा प्रेरणा मिलती है और उनके आदर्शों पर चलते हुए संगठन को आगे बढ़ाना ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
न्यूज़ देखो: मजदूर अधिकार और संगठन मजबूती का सवाल
मजदूरों के अधिकारों की रक्षा और उनके मुद्दों को उठाना किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यदि किसी फैक्ट्री से मजदूरों को बिना नोटिस के निकाला जाता है, तो यह श्रमिक अधिकारों से जुड़ा गंभीर मामला बन जाता है। महुवाटांड़ में हुई यह बैठक दिखाती है कि संगठन इस मुद्दे को लेकर सक्रिय है और मजदूरों के समर्थन में आंदोलन की तैयारी कर रहा है। अब देखना होगा कि संबंधित प्रबंधन और प्रशासन इस मुद्दे पर क्या कदम उठाते हैं।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
श्रमिक अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुटता जरूरी
समाज के विकास में मजदूरों का योगदान सबसे महत्वपूर्ण होता है। जब उनके अधिकारों और सम्मान की रक्षा होती है, तभी समाज में संतुलन और न्याय की भावना मजबूत होती है।
जरूरी है कि मजदूरों की समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए और उनके समाधान के लिए सकारात्मक कदम उठाए जाएं।
आप भी अपने आसपास के श्रमिकों और कामगारों के मुद्दों के प्रति जागरूक रहें।
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