मकर संक्रांति पर जरूरतमंद बच्चों के बीच ‘टीम दिल का दौलत’ ने बांटी खुशियां

मकर संक्रांति पर जरूरतमंद बच्चों के बीच ‘टीम दिल का दौलत’ ने बांटी खुशियां

author News देखो Team
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  • मकर संक्रांति पर मोहराम टोला, वार्ड नंबर 4 में जरूरतमंद बच्चों के साथ मनाया गया त्यौहार।
  • युवा समाजसेवी दौलत सोनी और संध्या सोनी के नेतृत्व में बच्चों को स्टेशनरी और परिवारों को गुड़-चूड़ा वितरित किया गया।
  • ‘टीम दिल का दौलत’ ने त्यौहार को खुशियों का प्रतीक बनाकर एक प्रेरणादायक पहल की।

कार्यक्रम का विवरण

मकर संक्रांति, जो स्नान, दान और धर्म का पावन पर्व है, इसे मनाने का इससे बेहतर तरीका और क्या हो सकता है कि इसे जरूरतमंदों की सेवा के माध्यम से मनाया जाए। इसी भावना के साथ, युवा समाजसेवी दौलत सोनी और संध्या सोनी के तत्वावधान में ‘टीम दिल का दौलत’ ने मोहराम टोला, वार्ड नंबर 4 के जरूरतमंद बच्चों और परिवारों के बीच यह त्यौहार मनाया।

बच्चों को स्कूल की कॉपियां और स्टेशनरी भेंट की गईं, जिससे उनकी पढ़ाई में सहूलियत हो सके। वहीं, परिवारों को पर्व के प्रसाद के रूप में गुड़, चूड़ा और लाई वितरित किए गए। बच्चों के चेहरों पर मुस्कान और उनके उत्साह ने इस कार्यक्रम को सफल और यादगार बना दिया।

खुशियां बांटने की प्रेरणा

त्यौहार हर किसी के जीवन में खुशियां और उल्लास लेकर आता है, लेकिन सभी इसे समान रूप से नहीं मना पाते। जब किसी का साथ और सहयोग मिलता है, तो इन चेहरों पर एक अनमोल मुस्कान देखने को मिलती है। ‘टीम दिल का दौलत’ ने यह साबित किया कि थोड़ी सी मदद और प्यार भी किसी के जीवन को संवार सकता है।

दौलत सोनी ने कहा:

“हर त्यौहार का असली मतलब खुशियों को साझा करना है। यदि हम किसी के जीवन में छोटी सी भी खुशी जोड़ पाएं, तो यही हमारा सबसे बड़ा योगदान है।”

संध्या सोनी ने कहा कि समाज में बदलाव तभी आएगा जब हर कोई जरूरतमंदों की मदद के लिए कदम बढ़ाए। बच्चों की खुशी में खुद को समर्पित करना ही इस कार्यक्रम का उद्देश्य था।

टीम की भूमिका और आयोजन का महत्व

इस पुनीत कार्य में छोटन गोंड, सुभाष गोंड, पवन सोनी, जावेद खान, छोटू ठाकुर अहमद राजा, मनोज मेहता, दिलीप मेहता, बबलु मेहता, अनमोल सोनी, समेत ‘टीम दिल का दौलत’ के कई अन्य कार्यकर्ता सक्रिय रूप से शामिल हुए। सभी ने मिलकर बच्चों के साथ समय बिताया, जिससे उनका उत्साह और बढ़ गया।

यह कार्यक्रम न केवल जरूरतमंदों के लिए सहायता का जरिया बना, बल्कि समाज में एकता, प्रेम और सहयोग का संदेश भी दिया। त्यौहार को सामूहिकता और सेवा भावना के साथ मनाना समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का एक बेहतरीन प्रयास है।

समाप्ति संदेश

यह मकर संक्रांति सबके लिए खुशियों और प्रेरणा का संदेश लेकर आई। ‘न्यूज़ देखो’ से जुड़े रहें और गढ़वा की हर छोटी-बड़ी खबर के लिए हमारे साथ जुड़े रहें।

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