
#लावालौंग #चतरा_समाचार : थाना से महज 200 मीटर दूर किराए के मकान में हुई घटना, ग्रामीणों में आक्रोश।
चतरा जिले के लावालौंग प्रखंड में मनरेगा के एक जेई पर नाबालिग लड़की के साथ आपत्तिजनक स्थिति में पकड़े जाने का आरोप लगा है। ग्रामीणों ने उन्हें किराए के मकान में रंगे हाथ पकड़ने का दावा किया है। मामले को लेकर प्रशासन से जांच और सख्त कार्रवाई की मांग उठी है।
- आरोपित – सिकंदर कुमार, जेई (मनरेगा), लावालौंग प्रखंड।
- घटना स्थल – लावालौंग थाना से लगभग 200 मीटर दूरी पर किराए का मकान।
- ग्रामीणों ने रंगे हाथ पकड़ने का किया दावा।
- पत्रकार से मोबाइल छीनने और मारपीट का भी आरोप।
- बीडीओ विपिन कुमार भारती ने जांच का दिया आश्वासन।
चतरा। लावालौंग थाना क्षेत्र में बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया जब मनरेगा में पदस्थापित जेई सिकंदर कुमार पर एक नाबालिग लड़की के साथ आपत्तिजनक स्थिति में पकड़े जाने का आरोप लगा। घटना थाना से महज लगभग 200 मीटर की दूरी पर स्थित उनके किराए के मकान में हुई बताई जा रही है।
दिनदहाड़े हुई घटना से ग्रामीणों में आक्रोश
ग्रामीणों के अनुसार, बुधवार सुबह एक लड़की मोबाइल पर बात करते हुए जेई के कमरे में दाखिल हुई। कुछ देर बाद जेई बाहर निकले और सड़क के दोनों ओर नजर दौड़ाने के बाद मुख्य ग्रिल और कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। इस व्यवहार से आसपास के लोगों को संदेह हुआ।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि संदिग्ध स्थिति को देखते हुए घर के मालिक को सूचना दी गई। मकान मालिक ने मौके पर पहुंचकर दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन अंदर से दरवाजा नहीं खोला गया। भीड़ बढ़ने और स्थिति बिगड़ती देख अंततः दरवाजा खोला गया।
पत्रकार से मारपीट का आरोप
घटना की सूचना मिलते ही कुछ पत्रकार भी मौके पर पहुंच गए और कथित तौर पर साक्ष्य के लिए वीडियो बनाने लगे। इस दौरान आरोप है कि जेई ने एक पत्रकार का गला दबाने और मोबाइल छीनने की कोशिश की। बढ़ती भीड़ को देखते हुए जेई ने लड़की को कमरे से बाहर निकालते हुए भाग जाने को कहा।
इस घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है।
प्रशासन ने दिया जांच का आश्वासन
मामले को लेकर जब प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) विपिन कुमार भारती से पूछताछ की गई, तो उन्होंने कहा:
मामले की जानकारी मिली है। जल्द ही जांच कर आवश्यक और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों ने भी बीडीओ से लिखित शिकायत कर निष्पक्ष जांच की मांग की है।
जेई की सफाई
दूसरी ओर, आरोपित जेई सिकंदर कुमार ने सफाई देते हुए कहा है कि संबंधित लड़की परीक्षा की कॉपी पहुंचाने उनके कमरे में आई थी। हालांकि ग्रामीणों का सवाल है कि यदि वह केवल कॉपी देने आई थी, तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद करने की क्या आवश्यकता थी।
फिलहाल मामले की आधिकारिक जांच की प्रतीक्षा है। पुलिस या प्रशासनिक स्तर पर दर्ज प्राथमिकी और आगे की कार्रवाई को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने आना बाकी है।
न्यूज़ देखो: आरोप गंभीर, निष्पक्ष जांच जरूरी
लावालौंग की यह घटना कई सवाल खड़े करती है। यदि आरोप सही हैं तो यह बेहद गंभीर मामला है, वहीं बिना जांच किसी निष्कर्ष पर पहुंचना भी उचित नहीं। ऐसे मामलों में पारदर्शी और निष्पक्ष जांच ही सच्चाई सामने ला सकती है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सच सामने आना जरूरी
कानून से ऊपर कोई नहीं।
प्रशासन निष्पक्ष जांच करे और दोषी पर कार्रवाई सुनिश्चित करे।
समाज को भी अफवाहों से बचते हुए तथ्य का इंतजार करना चाहिए।
न्याय और पारदर्शिता ही व्यवस्था में विश्वास बनाए रखती है।
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