कार्य संस्कृति में सुधार की सख्त हिदायत के साथ पांडू में मनरेगा जनसुनवाई सम्पन्न, 87 योजनाओं की हुई समीक्षा

कार्य संस्कृति में सुधार की सख्त हिदायत के साथ पांडू में मनरेगा जनसुनवाई सम्पन्न, 87 योजनाओं की हुई समीक्षा

author Tirthraj Dubey
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#पांडू #मनरेगा_जनसुनवाई : प्रखंड स्तरीय सुनवाई में कार्य संस्कृति, निगरानी और भुगतान प्रक्रिया पर जोर दिया गया।

पलामू जिले के पांडू प्रखंड में मनरेगा योजनाओं को लेकर प्रखंड स्तरीय जनसुनवाई का आयोजन किया गया। इस जनसुनवाई की अध्यक्षता ज्यूरी प्रमुख नीतू सिंह ने की, जिसमें सभी पंचायतों की योजनाओं की समीक्षा की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य मनरेगा में पारदर्शिता, कार्य गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित करना रहा। सुनवाई के दौरान निगरानी, भौतिक सत्यापन और भुगतान प्रक्रिया को लेकर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए।

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  • पांडू प्रखंड में मनरेगा योजनाओं को लेकर प्रखंड स्तरीय जनसुनवाई आयोजित।
  • ज्यूरी प्रमुख नीतू सिंह ने मनरेगा कर्मियों को कार्य संस्कृति सुधारने की हिदायत दी।
  • 10 पंचायतों की 87 योजनाओं की सुनवाई कर मामलों का निष्पादन किया गया।
  • जिप सदस्य मीना देवी ने बीपीओ को टीम बनाकर जांच कराने का निर्देश दिया।
  • भौतिक सत्यापन के बाद भुगतान सुनिश्चित करने पर विशेष जोर।

पलामू जिले के पांडू प्रखंड में मनरेगा के तहत संचालित योजनाओं की समीक्षा और शिकायतों के निस्तारण को लेकर प्रखंड स्तरीय जनसुनवाई आयोजित की गई। इस जनसुनवाई में प्रखंड के सभी पंचायतों से संबंधित योजनाओं को शामिल किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता लाना, अनियमितताओं पर रोक लगाना और ग्रामीणों की शिकायतों का समाधान करना रहा। अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की उपस्थिति में योजनाओं की बारीकी से समीक्षा की गई।

कार्य संस्कृति सुधारने पर जोर

जनसुनवाई की अध्यक्षता करते हुए ज्यूरी प्रमुख नीतू सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजना में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी मनरेगा कर्मियों को कार्य संस्कृति में सुधार लाने का निर्देश देते हुए कहा कि योजनाओं की सतत निगरानी अनिवार्य है।

नीतू सिंह ने कहा:

नीतू सिंह ने कहा: “मनरेगा योजनाओं में पारदर्शिता तभी संभव है जब हर कार्य का भौतिक सत्यापन कराकर ही भुगतान किया जाए। कर्मियों को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।”

उन्होंने यह भी कहा कि योजनाओं का लाभ सही पात्र लोगों तक पहुंचे, इसके लिए अधिकारियों और कर्मियों को ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना होगा।

जांच के निर्देश और जवाबदेही

जनसुनवाई के दौरान जिला परिषद सदस्य मीना देवी ने योजनाओं में सामने आई शिकायतों और कमियों को गंभीरता से लिया। उन्होंने बीपीओ रितेश कुमार दूबे को निर्देश दिया कि संबंधित मामलों में टीम गठित कर जांच कराई जाए, ताकि दोषियों की पहचान हो सके और आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

मीना देवी ने कहा:

मीना देवी ने कहा: “जनता की शिकायतों को हल्के में नहीं लिया जाएगा। जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”

87 योजनाओं की सुनवाई, आंशिक जुर्माना

इस जनसुनवाई में प्रखंड अंतर्गत सभी 10 पंचायतों की कुल 87 मनरेगा योजनाओं की सुनवाई की गई। प्रत्येक योजना से संबंधित शिकायतों, प्रगति और भुगतान की स्थिति की समीक्षा की गई। सुनवाई के उपरांत कई मामलों में आंशिक जुर्माना लगाते हुए निष्पादन किया गया।

अधिकारियों ने बताया कि यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी, ताकि योजनाओं में सुधार हो और भविष्य में ऐसी शिकायतें न आएं।

अधिकारियों और ग्रामीणों की रही मौजूदगी

जनसुनवाई के दौरान डीआरपी आश्रिता तिर्की, बीपीओ रितेश दुबे, बबलू चौधरी, मनोज मेहता, बीरेंद्र चौधरी, पंचायत समिति सदस्य बिहारी बैठा, मुखिया प्रतिनिधि बालगोविंद पासवान, सभी पंचायत सेवक, रोजगार सेवक तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

ग्रामीणों ने भी खुलकर अपनी बातें रखीं और योजनाओं से जुड़ी समस्याओं की जानकारी दी। अधिकारियों ने कई मामलों में मौके पर ही स्पष्टीकरण दिया और समाधान का आश्वासन दिया।

न्यूज़ देखो: मनरेगा में पारदर्शिता की ओर एक जरूरी कदम

पांडू प्रखंड में आयोजित यह जनसुनवाई मनरेगा योजनाओं में जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में अहम पहल है। कार्य संस्कृति सुधारने, निगरानी मजबूत करने और भुगतान प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने पर दिया गया जोर बताता है कि प्रशासन अब लापरवाही के खिलाफ सख्त रुख अपना रहा है। हालांकि, निर्देशों का वास्तविक असर तभी दिखेगा जब जांच और कार्रवाई समयबद्ध होगी। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि दिए गए निर्देश जमीन पर कैसे लागू होते हैं।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

सजग निगरानी से ही बदलेगी योजनाओं की तस्वीर

मनरेगा जैसी योजनाएं तभी सफल होंगी जब प्रशासन, जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मिलकर निगरानी करेंगे। जनसुनवाई जैसे मंच लोगों को अपनी आवाज रखने का अवसर देते हैं और सिस्टम को बेहतर बनाने की ताकत रखते हैं।
आप भी अपने क्षेत्र की योजनाओं पर नजर रखें, सवाल पूछें और जिम्मेदारी निभाएं।
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Written by

पांडु, पलामू

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