चैनपुर प्रोजेक्ट+2 विद्यालय में एमएसई अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी जागरूकता वाहन पहुँचा, छात्रों ने सीखा स्पेस साइंस का नया आयाम

चैनपुर प्रोजेक्ट+2 विद्यालय में एमएसई अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी जागरूकता वाहन पहुँचा, छात्रों ने सीखा स्पेस साइंस का नया आयाम

author Aditya Kumar
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#चैनपुर #शिक्षा_जागरूकता : विद्यालय में पहुँचे अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी वाहन ने बच्चों को भविष्य की विज्ञान दुनिया से रूबरू कराया।
  • भारत सरकार का एमएसई अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी जागरूकता वाहन स्कूल पहुँचा।
  • कार्यक्रम का शुभारंभ जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा ने किया।
  • बच्चों ने अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़े मॉडल और तकनीकें देखीं।
  • मेरी लकड़ा ने इसे बच्चों के भविष्य निर्माण के लिए महत्वपूर्ण बताया।
  • कार्यक्रम में बीपीओ सत्येंद्र कुमार और शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे।

चैनपुर प्रखंड के प्रोजेक्ट+2 उच्च विद्यालय में आज माहौल बिल्कुल अलग था। विद्यालय प्रांगण में भारत सरकार की ओर से संचालित ‘एम.एस.ई. अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी’ जागरूकता वाहन पहुंचा, जिसका उद्देश्य बच्चों को अंतरिक्ष विज्ञान, उससे जुड़े प्रयोगों और आधुनिक तकनीक की मूल अवधारणाओं से परिचित कराना था। जैसे ही वाहन विद्यालय परिसर में पहुँचा, बच्चों में उत्सुकता साफ झलक रही थी। कई छात्रों ने पहली बार अंतरिक्ष उपकरणों, मॉडलों और वैज्ञानिक तकनीकों को इतने करीब से देखा।

कार्यक्रम का शुभारंभ और संदेश

इस जागरूकता कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा ने हरी झंडी दिखाकर किया। उन्होंने छात्रों को बताया कि यह पहल भारत सरकार द्वारा बच्चों को विज्ञान और तकनीकी नवाचारों से जोड़ने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
मेरी लकड़ा ने कहा:
“आप सभी बच्चों के लिए भारत सरकार की ओर से यह चलता-फिरता अंतरिक्ष प्रायोगिक वाहन आया है। आप सभी इसकी विस्तृत जानकारी लें और इसे अपने जीवन में अमल में लाएँ। यह भविष्य की तकनीकों को समझने का एक बेहतरीन अवसर है।”

बच्चों ने उत्साह के साथ सीखी स्पेस तकनीक

वाहन में मौजूद वैज्ञानिक मॉडल, अंतरिक्ष मिशनों से संबंधित जानकारी, उपग्रहों की कार्यप्रणाली और ब्रह्मांड से जुड़े कई तथ्य छात्रों के लिए बेहद आकर्षक रहे। बच्चों ने वाहन के अंदर रखे उपकरणों को देखकर और गाइड से सवाल पूछकर अंतरिक्ष विज्ञान की नई दुनिया को समझने की कोशिश की। शिक्षक भी बच्चों के उत्साह से बेहद खुश दिखे।

शिक्षक व पदाधिकारी भी रहे मौजूद

कार्यक्रम में बीपीओ सत्येंद्र कुमार, विद्यालय के कई शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद थे। सभी ने इस कार्यक्रम को बच्चों की वैज्ञानिक सोच को विकसित करने वाला एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

न्यूज़ देखो: बच्चों के लिए विज्ञान जागरूकता के नए रास्ते

अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी जैसे विषयों को स्कूल स्तर पर पहुँचना हमारे भविष्य के वैज्ञानिकों के निर्माण में अहम भूमिका निभाता है। ऐसे कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों तक विज्ञान की रोशनी पहुँचाने का काम कर रहे हैं।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

भविष्य के वैज्ञानिकों के लिए प्रेरणा

सही मार्गदर्शन और उत्साह बच्चों के सपनों को पंख देता है। ऐसे आयोजनों को साझा करें, बच्चों को प्रेरित करें और विज्ञान की ओर बढ़ते कदमों को आगे बढ़ाएँ। अपनी राय कॉमेंट करें और खबर को शेयर करें।

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Written by

डुमरी, गुमला

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