
#गुमला #सड़क_सुरक्षा : नए साल में जीवन रक्षा को प्राथमिकता, ड्रिंक एंड ड्राइव पर सख्ती।
गुमला जिले में नववर्ष 2026 की शुरुआत राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के शुभारंभ के साथ की गई है। जिला प्रशासन और परिवहन विभाग ने सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लगाने और नागरिकों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से पूरे जनवरी माह विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया है। उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित और जिला परिवहन पदाधिकारी ज्ञान शंकर जायसवाल के नेतृत्व में अभियान का फोकस ड्रिंक एंड ड्राइव पर जीरो टॉलरेंस और सड़क सुरक्षा नियमों के पालन पर है। यह पहल सड़क सुरक्षा को जन-आंदोलन बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
- राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 का गुमला में औपचारिक शुभारंभ।
- उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित और डीटीओ ज्ञान शंकर जायसवाल के नेतृत्व में अभियान।
- नागफेनी टोल प्लाजा पर जागरूकता व वाहन जांच।
- ड्रिंक एंड ड्राइव पर सख्त कार्रवाई का निर्देश।
- वर्ष 2030 तक सड़क दुर्घटनाओं में 50% कमी का लक्ष्य।
नववर्ष 2026 के पहले दिन गुमला जिले में उत्सव और पिकनिक के माहौल के बीच प्रशासन ने नागरिकों को यह संदेश देने का प्रयास किया कि खुशियों की शुरुआत तभी सार्थक है जब जीवन सुरक्षित रहे। इसी सोच के साथ सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के तहत राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 का शंखनाद किया गया। इस वर्ष अभियान की थीम “सीख से सुरक्षा, तकनीक से परिवर्तन” रखी गई है, जो व्यवहार परिवर्तन और आधुनिक तकनीक के उपयोग पर बल देती है।
नागफेनी टोल प्लाजा पर सघन जागरूकता अभियान
अभियान के तहत जिला परिवहन पदाधिकारी, मोटर यान निरीक्षक एवं सड़क सुरक्षा समिति के सदस्यों ने नागफेनी टोल प्लाजा पर सघन जांच और जागरूकता अभियान चलाया। इस दौरान टोल संचालक के सहयोग से दर्जनों वाहनों पर रेडियम स्टीकर लगाए गए।
अधिकारियों ने वाहन चालकों को समझाया कि कोहरे, अंधेरे और रात के समय ये स्टीकर कैसे दुर्घटनाओं को रोकने में मददगार होते हैं। वाहन चालकों को ओवरस्पीडिंग, गलत लेन ड्राइविंग और मोबाइल फोन के इस्तेमाल से होने वाले खतरों के बारे में भी जानकारी दी गई।
ड्रिंक एंड ड्राइव पर प्रशासन की सख्त चेतावनी
नववर्ष के जश्न और पिकनिक को देखते हुए प्रशासन ने ड्रिंक एंड ड्राइव के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने की घोषणा की है। जिला परिवहन पदाधिकारी ज्ञान शंकर जायसवाल ने आम जनता के नाम एक भावुक वीडियो संदेश जारी किया।
जिला परिवहन पदाधिकारी ज्ञान शंकर जायसवाल ने कहा:
“जब आप पिकनिक या जश्न मनाने निकलते हैं, तो घर पर कोई आपका इंतजार कर रहा होता है। आपकी एक छोटी सी लापरवाही पूरे परिवार की खुशियों को मातम में बदल सकती है। इसलिए नशे में वाहन न चलाएं।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि नशे की हालत में वाहन चलाने वालों पर मोटर वाहन अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन द्वारा जारी मुख्य दिशा-निर्देश
प्रशासन ने नागरिकों के लिए कुछ स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिनका पालन सभी से अपेक्षित है।
नशा और ड्राइविंग
नशे की हालत में वाहन चलाने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
दोस्ती की गलत परिभाषा से बचें
“गाड़ी तेरा भाई चलाएगा” जैसी सोच घातक हो सकती है। नशे में धुत्त व्यक्ति को वाहन की चाबी सौंपना भी अपराध की श्रेणी में आता है।
हेलमेट और सीट बेल्ट
हेलमेट और सीट बेल्ट जुर्माने से बचने के लिए नहीं, बल्कि जीवन बचाने के लिए हैं। दोपहिया वाहन चालकों और पीछे बैठने वालों के लिए भी हेलमेट अनिवार्य बताया गया है।
2030 तक सड़क दुर्घटनाओं में 50 प्रतिशत कमी का लक्ष्य
झारखंड सरकार और परिवहन विभाग की लीड एजेंसी का लक्ष्य है कि वर्ष 2030 तक सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को 50 प्रतिशत तक कम किया जाए। इसके लिए जनवरी माह भर सड़क सुरक्षा को लेकर व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
माह भर चलने वाले प्रमुख कार्यक्रम
जागरूकता रथ
गांव-गांव जाकर यातायात नियमों और सड़क सुरक्षा संदेशों का प्रचार-प्रसार।
सड़क सुरक्षा चौपाल
ग्रामीण क्षेत्रों में बैठकें आयोजित कर स्थानीय लोगों को नियमों के प्रति जागरूक करना।
सावधानी की पाठशाला
स्कूलों और कॉलेजों में छात्रों को ट्रैफिक नियमों की शिक्षा देना।
रोड ऑफ सेफ्टी
नियमों का पालन करने वालों का सम्मान और उल्लंघन करने वालों को अहिंसक तरीके से समझाना।
अधिकारियों का स्पष्ट संदेश
उपायुक्त श्रीमती प्रेरणा दीक्षित ने कहा कि केवल नियम जान लेना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना जरूरी है।
उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित ने कहा:
“हेलमेट और सीट बेल्ट को आदत बनाना होगा। सड़क सुरक्षा नियमों का पालन ही सबसे बड़ा बचाव है।”
वहीं डीटीओ ज्ञान शंकर जायसवाल ने कहा कि दुर्घटनाएं कभी अनुमति लेकर नहीं आतीं, इसलिए सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल हर हाल में किया जाना चाहिए।
न्यूज़ देखो: सड़क सुरक्षा को जन-आंदोलन बनाने की कोशिश
गुमला में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह का शुभारंभ यह दर्शाता है कि प्रशासन अब केवल कार्रवाई नहीं, बल्कि व्यवहार परिवर्तन पर भी जोर दे रहा है। भावनात्मक अपील और सख्त चेतावनी का यह संतुलन सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने में कारगर हो सकता है। अब देखना यह है कि आमजन इन संदेशों को कितनी गंभीरता से अपनाते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सुरक्षित रहें, जिम्मेदार बनें नए साल में जीवन को प्राथमिकता दें
नववर्ष का उत्सव तभी पूर्ण है जब आप सुरक्षित घर लौटें।
नियमों का पालन करें, दूसरों को भी जागरूक करें।
इस खबर को साझा करें, अपने अनुभव कमेंट में बताएं और सड़क सुरक्षा का संदेश आगे बढ़ाएं।
आपकी सावधानी किसी के जीवन की रक्षा कर सकती है।





