
#सिमडेगा #कृषि_प्रशिक्षण : बीज विक्रेता नेटवर्क सुदृढ़ करने को एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित हुआ।
सिमडेगा जिला कृषि कार्यालय में राष्ट्रीय बीज निगम लिमिटेड द्वारा एक दिवसीय बीज विक्रेता प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें 72 प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण का उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण बीज आपूर्ति, नेटवर्क सुदृढ़ीकरण और कृषि आधारित आजीविका को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम में अधिकारियों और संस्थाओं ने बीज प्रबंधन, डिजिटल प्रणाली और उद्यमिता पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया।
- राष्ट्रीय बीज निगम लिमिटेड द्वारा जिला कृषि कार्यालय सिमडेगा में प्रशिक्षण आयोजन।
- प्रशिक्षण में FPO, LAMPS, PACS, किसान समूह एवं निजी बीज विक्रेता शामिल।
- कुल 72 प्रतिभागियों ने कार्यक्रम में सक्रिय रूप से लिया हिस्सा।
- कार्यक्रम का उद्घाटन माधुरी टोप्पो, आत्म अभय टोप्पो, सारंग पात्रा व डॉ. आर.एस. चंदेल ने किया।
- बीज गुणवत्ता, भंडारण, डिजिटल व्यवस्था एवं कृषि उद्यमिता पर विशेष जोर।
सिमडेगा जिला कृषि कार्यालय में कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत राष्ट्रीय बीज निगम लिमिटेड, प्रक्षेत्र कार्यालय रांची द्वारा एक दिवसीय बीज विक्रेता प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ब्लॉक स्तर तक गुणवत्तापूर्ण बीजों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करना, बीज विक्रेता नेटवर्क को मजबूत बनाना तथा कृषि आधारित आजीविका को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम में विभिन्न संस्थाओं से जुड़े प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी देखी गई, जिससे प्रशिक्षण का प्रभाव व्यापक होने की उम्मीद जताई गई।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य और महत्व
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन विशेष रूप से बीज वितरण प्रणाली को सुदृढ़ करने और कृषि क्षेत्र में गुणवत्ता आधारित सुधार लाने के उद्देश्य से किया गया था। राष्ट्रीय बीज निगम लिमिटेड ने इस पहल के माध्यम से यह स्पष्ट किया कि उन्नत बीजों की उपलब्धता ही कृषि उत्पादकता और किसानों की आय वृद्धि की आधारशिला है।
कार्यक्रम में बताया गया कि यदि ब्लॉक स्तर तक सुदृढ़ बीज आपूर्ति तंत्र विकसित किया जाता है, तो किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज मिल सकेगा, जिससे उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
कार्यक्रम का उद्घाटन एवं प्रमुख अतिथियों की उपस्थिति
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ जिला कृषि पदाधिकारी माधुरी टोप्पो, जिला सहकारिता पदाधिकारी आत्म अभय टोप्पो, NABARD के डी.डी.एम. सारंग पात्रा तथा राष्ट्रीय बीज निगम लिमिटेड के सहायक महाप्रबंधक डॉ. आर.एस. चंदेल द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
इन अधिकारियों ने प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को बीज प्रबंधन और कृषि उद्यमिता से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर मार्गदर्शन प्रदान किया। कार्यक्रम में उनकी उपस्थिति ने प्रशिक्षण को और अधिक प्रभावी एवं उपयोगी बनाया।
72 प्रतिभागियों ने लिया सक्रिय हिस्सा
इस एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल लगभग 72 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें FPO, LAMPS, PACS, किसान समूह एवं निजी बीज विक्रेता शामिल थे। विभिन्न संस्थाओं से आए प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण सत्र में सक्रिय रूप से सहभागिता करते हुए बीज प्रबंधन से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं को समझा।
प्रशिक्षण का स्वरूप व्यवहारिक और ज्ञानवर्धक रखा गया, ताकि प्रतिभागी अपने-अपने क्षेत्र में प्राप्त जानकारी का प्रभावी उपयोग कर सकें और किसानों तक बेहतर सेवाएं पहुंचा सकें।
बीज आपूर्ति, गुणवत्ता नियंत्रण और डिजिटल प्रणाली पर विस्तृत जानकारी
प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों द्वारा बीज आपूर्ति तंत्र, लाइसेंस प्रक्रिया, गुणवत्ता नियंत्रण, सुरक्षित भंडारण, रिकॉर्ड संधारण तथा डिजिटल बीज व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई।
प्रतिभागियों को यह भी बताया गया कि सही भंडारण और गुणवत्ता नियंत्रण के माध्यम से बीजों की उपयोगिता और प्रभावशीलता को लंबे समय तक बनाए रखा जा सकता है। डिजिटल प्रणाली के उपयोग से बीज वितरण में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया गया।
प्रधानमंत्री धन-धान्य योजना एवं कृषि आधारित आजीविका पर जोर
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री धन-धान्य योजना के अनुरूप कृषि आधारित आजीविका, मूल्य संवर्धन तथा उद्यमिता को बढ़ावा देने पर विशेष चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने बताया कि कृषि के साथ-साथ सब्जी उत्पादन, वैल्यू एडिशन और पशुपालन को जोड़कर किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि की जा सकती है।
नाबार्ड से वित्तीय सहयोग, कृषि उद्यमिता विकास और समूह आधारित खेती के मॉडल पर भी प्रतिभागियों को मार्गदर्शन दिया गया, ताकि ग्रामीण स्तर पर आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिल सके।
सब्जी उत्पादन, पशुपालन और आय वृद्धि की संभावनाएं
प्रशिक्षण में सब्जी उत्पादन की आधुनिक तकनीकों, मूल्य संवर्धन के तरीकों तथा पशुपालन आधारित आजीविका के अवसरों पर भी विस्तार से जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि इन गतिविधियों को अपनाकर किसान अपनी आय के स्रोतों को विविध बना सकते हैं।
इसके साथ ही यह भी बताया गया कि उन्नत बीजों के उपयोग से उत्पादन में वृद्धि होगी, जिससे स्थानीय बाजारों के साथ-साथ क्षेत्रीय कृषि अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
किसानों और बीज विक्रेताओं के लिए लाभकारी पहल
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से यह उम्मीद जताई गई कि ब्लॉक स्तर तक बीज वितरण नेटवर्क सुदृढ़ होगा और किसानों को समय पर उन्नत एवं प्रमाणित बीज उपलब्ध हो सकेंगे। इससे न केवल कृषि उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि सब्जी उत्पादन और पशुपालन से किसानों की आय में भी वृद्धि की संभावनाएं मजबूत होंगी।
साथ ही, निजी बीज विक्रेताओं और संस्थागत समूहों की क्षमता में वृद्धि से कृषि क्षेत्र में समन्वित विकास को गति मिलने की उम्मीद व्यक्त की गई।
न्यूज़ देखो: मजबूत बीज नेटवर्क से मजबूत होगी कृषि अर्थव्यवस्था
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम दर्शाता है कि गुणवत्तापूर्ण बीज और सशक्त वितरण प्रणाली कृषि विकास की रीढ़ है। यदि इस तरह के प्रशिक्षण नियमित रूप से आयोजित होते रहे, तो किसानों को तकनीकी जानकारी और संसाधनों का बेहतर लाभ मिल सकेगा। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशिक्षण के बाद जमीनी स्तर पर इसका कितना प्रभाव दिखाई देता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जागरूक किसान और सशक्त कृषि की ओर बढ़ते कदम
कृषि में नई तकनीक और गुणवत्तापूर्ण संसाधनों का उपयोग समय की जरूरत है।
प्रशिक्षण से मिली जानकारी को जमीनी स्तर पर लागू करना ही वास्तविक सफलता है।
स्थानीय समूह, किसान और बीज विक्रेता मिलकर कृषि को आत्मनिर्भर बना सकते हैं।
सुरक्षित बीज, बेहतर उत्पादन और बढ़ी आय से ग्रामीण विकास को नई दिशा मिलेगी।
आप भी जागरूक बनें, किसानों तक सही जानकारी पहुंचाएं और इस खबर को साझा कर कृषि नवाचार को बढ़ावा दें।





