
#सिमडेगा #कॉलेज_समारोह : विभागाध्यक्ष और छात्र परिषद का सम्मान—नए सत्र के लिए दिशा तय।
सिमडेगा के सेंट जेवियर्स कॉलेज में 2026-27 सत्र को लेकर सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इसमें नव नियुक्त विभागाध्यक्षों, आईक्यूएसी समन्वयक और छात्र परिषद के सदस्यों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. फादर रोशन बा ने की। आयोजन में नई जिम्मेदारियों और नेतृत्व पर जोर दिया गया।
- सेंट जेवियर्स कॉलेज, सिमडेगा में सम्मान समारोह आयोजित।
- सीमा खेस, हेम्ब्रोम मार्सेल बने विभागाध्यक्ष।
- रेनी अल्मा लकरा को आईक्यूएसी समन्वयक नियुक्त।
- छात्र परिषद के अंश कुमार कछप, आशीष केरकेट्टा सम्मानित।
- प्राचार्य डॉ. रोशन बा ने नेतृत्व पर दिया जोर।
सिमडेगा स्थित सेंट जेवियर्स कॉलेज में शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत को लेकर एक गरिमामय सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कॉलेज के नव नियुक्त विभागाध्यक्षों, आईक्यूएसी समन्वयक और छात्र परिषद के सदस्यों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम ने शिक्षा, नेतृत्व और संस्थागत विकास के नए आयामों को रेखांकित किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. फादर रोशन बा एसजे ने की, जिनकी उपस्थिति ने समारोह को विशेष गरिमा प्रदान की।
विभागाध्यक्षों का हुआ सम्मान
समारोह में सहायक प्रोफेसर सीमा खेस को हिंदी विभागाध्यक्ष और हेम्ब्रोम मार्सेल को भूगोल विभागाध्यक्ष के रूप में सम्मानित किया गया। दोनों शिक्षकों के योगदान और समर्पण की सराहना की गई।
प्राचार्य ने कहा: “शिक्षक ही किसी भी संस्थान की रीढ़ होते हैं और उनका नेतृत्व संस्थान को नई दिशा देता है।”
आईक्यूएसी समन्वयक की नियुक्ति
इस अवसर पर रेनी अल्मा लकरा को आईक्यूएसी (आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ) का समन्वयक नियुक्त किया गया। उन्हें कॉलेज की गुणवत्ता और शैक्षणिक मानकों को बनाए रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
छात्र परिषद का अभिनंदन
समारोह में नव निर्वाचित छात्र परिषद के सदस्यों का भी अभिनंदन किया गया। इसमें—
- अंश कुमार कछप (अध्यक्ष)
- आशीष केरकेट्टा (उपाध्यक्ष)
- तान्या दुंगदुंग (प्रथम सचिव)
- सहेली बुरह (द्वितीय सचिव)
को सम्मानित किया गया।
नेतृत्व और जिम्मेदारी पर जोर
अपने संबोधन में प्राचार्य डॉ. रोशन बा ने सभी नव नियुक्त पदाधिकारियों को ईमानदारी और समर्पण के साथ कार्य करने की प्रेरणा दी।
उन्होंने कहा: “आपका नेतृत्व कॉलेज के भविष्य को दिशा देगा, इसलिए सहयोग और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें।”
सकारात्मक माहौल में कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम का समापन सकारात्मक ऊर्जा और उत्साह के साथ हुआ। सभी ने नव नेतृत्व पर विश्वास जताया और आने वाले सत्र को सफल बनाने का संकल्प लिया।
शिक्षा और नेतृत्व का संगम
यह आयोजन केवल सम्मान समारोह नहीं, बल्कि शिक्षा और नेतृत्व के समन्वय का प्रतीक बना। इससे छात्रों और शिक्षकों दोनों को नई प्रेरणा मिली।
न्यूज़ देखो: शिक्षा में नेतृत्व की भूमिका अहम
सिमडेगा के इस आयोजन से यह स्पष्ट होता है कि शिक्षा संस्थानों में नेतृत्व और जिम्मेदारी का सही वितरण जरूरी है। जब शिक्षक और छात्र दोनों सक्रिय भूमिका निभाते हैं, तभी संस्थान का विकास संभव होता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
नेतृत्व अपनाएं, भविष्य संवारें
हर छात्र और शिक्षक के अंदर नेतृत्व की क्षमता होती है।
जरूरी है कि हम उसे पहचानें और सही दिशा में आगे बढ़ाएं।
शिक्षा के साथ जिम्मेदारी ही सफलता का आधार है।
आइए, हम सभी मिलकर बेहतर भविष्य का निर्माण करें।
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