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हाई स्कूल ओबरा में नव नियुक्त सहायक आचार्य ब्रजेश साह ने संभाला पदभार, शिक्षण गुणवत्ता को मिलेगी नई दिशा

#गढ़वा #शिक्षा_समाचार : हाई स्कूल ओबरा में नव नियुक्त सहायक आचार्य ने औपचारिक रूप से योगदान दिया।

गढ़वा जिले के हाई स्कूल ओबरा में शुक्रवार को नव नियुक्त सहायक आचार्य ब्रजेश साह ने विधिवत योगदान दिया। योगदान के अवसर पर विद्यालय परिवार द्वारा उनका आत्मीय स्वागत किया गया। प्रधानाध्यापक, शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं छात्र-छात्राएं कार्यक्रम में उपस्थित रहे। यह योगदान विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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  • हाई स्कूल ओबरा में सहायक आचार्य ब्रजेश साह ने किया योगदान।
  • विद्यालय परिवार ने पुष्पगुच्छ एवं तालियों के साथ स्वागत किया।
  • प्रधानाध्यापक ओम कृष्णम ने शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ने की जताई उम्मीद।
  • शिक्षकों ने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर दिया जोर।
  • छात्र-छात्राओं में दिखा विशेष उत्साह और सकारात्मक माहौल

गढ़वा जिले के शिक्षा क्षेत्र में शुक्रवार का दिन हाई स्कूल ओबरा के लिए खास रहा, जब नव नियुक्त सहायक आचार्य ब्रजेश साह ने औपचारिक रूप से विद्यालय में योगदान दिया। योगदान के अवसर पर विद्यालय परिसर में उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा का माहौल देखने को मिला। शिक्षक-शिक्षिकाओं और छात्र-छात्राओं ने पुष्पगुच्छ भेंट कर तथा तालियों के बीच नए शिक्षक का आत्मीय स्वागत किया। यह अवसर विद्यालय परिवार के लिए केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि शैक्षणिक भविष्य को नई दिशा देने वाला क्षण बन गया।

विद्यालय परिवार ने इस मौके को एक छोटे लेकिन गरिमामय स्वागत कार्यक्रम के रूप में मनाया। कार्यक्रम के दौरान यह स्पष्ट रूप से महसूस किया गया कि एक नए शिक्षक के आगमन से न केवल पढ़ाई की व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि विद्यार्थियों को सीखने और आगे बढ़ने के लिए नई प्रेरणा भी मिलेगी।

प्रधानाध्यापक का संबोधन

स्वागत कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के प्रधानाध्यापक ओम कृष्णम ने नव नियुक्त सहायक आचार्य को विद्यालय परिवार की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी विद्यालय की शैक्षणिक सफलता शिक्षकों की प्रतिबद्धता, दृष्टिकोण और मेहनत पर निर्भर करती है।

प्रधानाध्यापक ने कहा कि नए शिक्षकों के आने से विद्यालय में नई सोच और नई ऊर्जा का संचार होता है, जिससे पढ़ाई की गुणवत्ता और बेहतर होती है। उन्होंने विश्वास जताया कि ब्रजेश साह अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ करेंगे तथा विद्यालय की शैक्षणिक परंपराओं को और सशक्त बनाएंगे।

प्रधानाध्यापक ओम कृष्णम ने कहा: “नव नियुक्त शिक्षक विद्यालय के लिए नई उम्मीद लेकर आते हैं और हमें पूर्ण विश्वास है कि ब्रजेश साह विद्यार्थियों को बेहतर मार्गदर्शन देंगे।”

वरिष्ठ शिक्षक के विचार

कार्यक्रम में वरिष्ठ शिक्षक राज कुमार पांडे ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि शिक्षक की भूमिका केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं होती, बल्कि वह विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण, सोच और व्यवहार को आकार देने में भी अहम भूमिका निभाता है।

उन्होंने नव नियुक्त सहायक आचार्य से आग्रह किया कि वे छात्रों के साथ संवाद को प्राथमिकता दें और उनकी समस्याओं, जिज्ञासाओं एवं क्षमताओं को समझते हुए मार्गदर्शन प्रदान करें। राज कुमार पांडे ने कहा कि शिक्षक और विद्यार्थी के बीच बेहतर संवाद से ही सीखने की प्रक्रिया प्रभावी बनती है।

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शिक्षक-शिक्षिकाओं की सहभागिता

इस अवसर पर विद्यालय की शिक्षिका सीमा, सलमा बानो, रवानी तथा शिक्षक नरेश सहित सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे। सभी ने नव नियुक्त सहायक आचार्य को शुभकामनाएं दीं और उनके सफल कार्यकाल की कामना की।

शिक्षकों के बीच आपसी सहयोग और सकारात्मक वातावरण स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। यह संदेश भी गया कि विद्यालय परिवार एकजुट होकर विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध है।

नव नियुक्त सहायक आचार्य का वक्तव्य

स्वागत से अभिभूत ब्रजेश साह ने विद्यालय परिवार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वे विद्यालय की गरिमा और अनुशासन को बनाए रखते हुए विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी ईमानदारी से कार्य करेंगे।

उन्होंने शिक्षा को समाज निर्माण का सबसे सशक्त माध्यम बताते हुए कहा कि शिक्षक का दायित्व केवल विषय पढ़ाना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को जिम्मेदार और नैतिक नागरिक बनाना भी है। उन्होंने छात्रों को अनुशासन, परिश्रम और नैतिक मूल्यों के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

ब्रजेश साह ने कहा: “मैं विद्यालय की शैक्षणिक परंपराओं को मजबूत करने और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करूंगा।”

शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक संकेत

नव नियुक्त सहायक आचार्य का योगदान विद्यालय के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। ऐसे अवसर शिक्षकों में जिम्मेदारी का भाव बढ़ाते हैं और विद्यार्थियों को भी यह संदेश देते हैं कि शिक्षा व्यवस्था लगातार सुदृढ़ हो रही है।

विद्यालय में नए शिक्षक का आगमन न केवल शिक्षण व्यवस्था को मजबूती देता है, बल्कि बच्चों में नई उम्मीद और सीखने की नई प्रेरणा भी जगाता है।

न्यूज़ देखो: शिक्षक ही मजबूत शिक्षा व्यवस्था की नींव

हाई स्कूल ओबरा में सहायक आचार्य का योगदान यह दर्शाता है कि शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए मानव संसाधन की भूमिका कितनी अहम है। शिक्षक ही विद्यालय की आत्मा होते हैं और उनके समर्पण से ही शिक्षा का स्तर ऊपर उठता है। ऐसे सकारात्मक बदलावों को निरंतर बनाए रखना प्रशासन और समाज दोनों की जिम्मेदारी है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

शिक्षा से भविष्य संवारने की साझा जिम्मेदारी

एक बेहतर शिक्षक बेहतर समाज की नींव रखता है। विद्यालयों में सकारात्मक माहौल, योग्य शिक्षक और सहयोगी वातावरण बच्चों को आगे बढ़ने का आत्मविश्वास देता है। शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे ऐसे प्रयासों को प्रोत्साहन मिलना चाहिए।
आपकी राय में नए शिक्षकों की नियुक्ति से विद्यालयों में क्या बदलाव आते हैं। अपनी बात कमेंट में साझा करें, इस खबर को आगे बढ़ाएं और शिक्षा से जुड़े सकारात्मक प्रयासों को समर्थन दें।

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