
#गुमला #आकांक्षी_प्रखंड : समाहरणालय में हुई बैठक में विकास योजनाओं की समीक्षा, अधिकारियों ने गांव पहुंचकर जमीनी स्थिति का लिया जायजा।
गुमला जिले में आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा के लिए नीति आयोग के अधिकारियों ने समाहरणालय सभागार में बैठक की। बैठक के बाद अधिकारियों ने औरापाठ गांव का भ्रमण कर केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की जमीनी स्थिति का निरीक्षण किया तथा लाभुकों से सीधे संवाद कर आवश्यक निर्देश दिए।
- समाहरणालय सभागार में आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम की समीक्षा बैठक।
- नीति आयोग के उप सचिव अरविंद कुमार और हेमंत कुमार ने की अध्यक्षता।
- स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, कृषि और आधारभूत संरचना से जुड़े कार्यों की समीक्षा।
- कम प्रदर्शन वाले 39 संकेतकों (इंडिकेटर्स) पर विशेष चर्चा।
- अधिकारियों ने औरापाठ मॉडल गांव का दौरा कर योजनाओं की प्रगति का लिया जायजा।
गुमला जिले में आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा के लिए नीति आयोग के उप सचिव अरविंद कुमार एवं हेमंत कुमार की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में एक समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई।
बैठक के दौरान जिले में चल रहे विकास कार्यों और विभिन्न सरकारी योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।
विकास के विभिन्न क्षेत्रों की हुई समीक्षा
बैठक में स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, कृषि, समाज कल्याण, आधारभूत संरचना, पेयजल, इंफ्रास्ट्रक्चर तथा फाइनेंशियल इंक्लूजन सहित कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों की जानकारी प्रस्तुत की गई।
आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित योजनाओं की प्रगति और उनके प्रभाव पर भी विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और नियमित रूप से डेटा अपडेट करने पर विशेष जोर दिया।
कम प्रदर्शन वाले संकेतकों पर विशेष ध्यान
समीक्षा के दौरान कार्यक्रम के अंतर्गत निर्धारित 39 संकेतकों (इंडिकेटर्स) में से कम प्रदर्शन वाले संकेतकों पर विशेष चर्चा की गई।
अधिकारियों ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि इन क्षेत्रों में सुधार के लिए ठोस कदम उठाए जाएं और योजनाओं की प्रगति की निरंतर निगरानी की जाए।
इंटरनेट कनेक्टिविटी और वित्तीय समावेशन पर भी चर्चा
बैठक के दौरान आकांक्षी प्रखंड में इंटरनेट कनेक्टिविटी की स्थिति पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने कहा कि विकास योजनाओं के प्रभावी संचालन के लिए बेहतर इंटरनेट सुविधा आवश्यक है।
इसके अलावा फाइनेंशियल इंक्लूजन के तहत मुद्रा ऋण योजना की प्रगति की भी जानकारी ली गई और निर्देश दिया गया कि पात्र लाभुकों तक योजना का लाभ सुनिश्चित किया जाए।
आंगनबाड़ी केंद्रों की सुविधाओं की समीक्षा
बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों में उपलब्ध आधारभूत सुविधाओं की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने पेयजल और शौचालय की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही आकांक्षी प्रखंड डुमरी में संचालित विकासात्मक कार्यों की स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
औरापाठ मॉडल गांव का किया भ्रमण
बैठक के बाद अधिकारियों ने औरापाठ गांव का भी भ्रमण किया, जिसे नीति आयोग और पीएम जनमन योजना के तहत एक मॉडल गांव के रूप में विकसित किया जा रहा है।
भ्रमण के दौरान अधिकारियों ने गांव में केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की जमीनी स्थिति का अवलोकन किया और लाभुकों से सीधे संवाद कर उन्हें मिल रहे लाभों की जानकारी ली।
उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि सभी पात्र लाभुकों तक योजनाओं का लाभ समय पर और पारदर्शी तरीके से पहुंचाया जाए।
शिविर लगाने और योजनाओं की निगरानी के निर्देश
भ्रमण के दौरान अधिकारियों ने आधार कार्ड और बैंकिंग सेवाओं से संबंधित शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए।
साथ ही स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और गांवों का दौरा कर योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति का भी जायजा लिया गया।
बैठक में उप विकास आयुक्त, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला कौशल विकास पदाधिकारी, पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता, जिला योजना पदाधिकारी, जिला कल्याण पदाधिकारी, डीपीएम जेएसएलपीएस सहित अन्य विभागों के अधिकारी और कर्मी उपस्थित रहे।
न्यूज़ देखो : आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम से बदल रही विकास की तस्वीर
नीति आयोग के आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम का उद्देश्य पिछड़े क्षेत्रों में विकास की गति को तेज करना है। नियमित समीक्षा और जमीनी निरीक्षण से यह सुनिश्चित किया जाता है कि योजनाओं का लाभ सही समय पर जरूरतमंद लोगों तक पहुंचे।
विकास तभी सफल जब योजनाएं जमीन तक पहुंचे
सरकारी योजनाओं की सफलता उनके सही क्रियान्वयन पर निर्भर करती है।
नियमित समीक्षा और निगरानी से विकास कार्यों की गति तेज होती है।
आइए, विकास योजनाओं के प्रति जागरूक बनें और उनका लाभ उठाएं।






