#गुमला #नर्सिंग_समारोह : लैंप लाइटिंग व शपथ ग्रहण—सेवा, समर्पण और संवेदनशीलता पर जोर।
गुमला स्थित नर्सिंग कौशल कॉलेज में लैंप लाइटिंग एवं ओथ टेकिंग समारोह आयोजित किया गया, जिसमें उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो और सिविल सर्जन शंभूनाथ चौधरी शामिल हुए। कार्यक्रम में छात्राओं को सेवा और समर्पण के साथ कार्य करने की प्रेरणा दी गई। इस अवसर पर नर्सिंग शिक्षा और कौशल विकास के महत्व पर भी जोर दिया गया। समारोह ने छात्राओं में आत्मविश्वास और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत किया।
- गुमला नर्सिंग कौशल कॉलेज में लैंप लाइटिंग समारोह आयोजित।
- उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो और सिविल सर्जन शंभूनाथ चौधरी रहे शामिल।
- छात्राओं ने लिया सेवा और समर्पण का संकल्प।
- नर्सिंग पेशे को बताया संवेदनशीलता और मानवता का प्रतीक।
- लगभग 500 प्रशिक्षित छात्राओं को मिला रोजगार।
- कौशल विकास के साथ व्यक्तित्व और डिजिटल प्रशिक्षण भी दिया जाता है।
गुमला जिले में नर्सिंग शिक्षा को बढ़ावा देने और छात्राओं में सेवा भावना विकसित करने के उद्देश्य से गुरुवार को नर्सिंग कौशल कॉलेज में लैंप लाइटिंग एवं ओथ टेकिंग समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो और सिविल सर्जन शंभूनाथ चौधरी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसके बाद छात्राओं ने शपथ लेकर अपने पेशे के प्रति निष्ठा और समर्पण का संकल्प लिया। पूरे कार्यक्रम का माहौल उत्साह और प्रेरणा से भरा हुआ था।
नर्सिंग पेशा सेवा और समर्पण का प्रतीक
समारोह को संबोधित करते हुए उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो ने कहा कि नर्सिंग केवल एक पेशा नहीं, बल्कि सेवा, करुणा और संवेदनशीलता का प्रतीक है।
उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो ने कहा: “नर्सिंग क्षेत्र में कार्य करने वाली छात्राओं को निष्ठा, ईमानदारी और मानवीय मूल्यों के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए।”
उन्होंने छात्राओं को अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहने और समाज की सेवा में हमेशा अग्रणी रहने की प्रेरणा दी।
आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
उपायुक्त ने यह भी कहा कि यह संस्थान आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने का एक सशक्त माध्यम बन रहा है। राज्य सरकार के प्रयासों से स्थापित इस कॉलेज का उद्देश्य छात्राओं को कौशल प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार से जोड़ना है।
यह पहल न केवल शिक्षा प्रदान कर रही है, बल्कि युवतियों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने का कार्य भी कर रही है।
रोजगार के अवसरों में लगातार वृद्धि
जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में इस संस्थान से प्रशिक्षण प्राप्त कर चुकी लगभग 500 छात्राओं को रोजगार मिल चुका है। खास बात यह है कि कुछ छात्राओं का चयन विदेशों में भी हुआ है, जो इस संस्थान की गुणवत्ता को दर्शाता है।
इससे यह स्पष्ट होता है कि सही प्रशिक्षण और मार्गदर्शन मिलने पर छात्राएं राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना सकती हैं।
बहुआयामी प्रशिक्षण पर विशेष जोर
नर्सिंग कौशल कॉलेज में केवल तकनीकी प्रशिक्षण ही नहीं, बल्कि छात्राओं के सर्वांगीण विकास पर भी ध्यान दिया जाता है। यहां
व्यक्तित्व विकास, संचार कौशल, डिजिटल साक्षरता, वित्तीय साक्षरता और जीवन कौशल से जुड़े प्रशिक्षण भी दिए जाते हैं।
यह दो वर्षीय पाठ्यक्रम है, जिसमें पहले वर्ष संस्थान में प्रशिक्षण और दूसरे वर्ष ऑन जॉब ट्रेनिंग शामिल होती है, जिससे छात्राओं को व्यावहारिक अनुभव भी मिलता है।
कार्यक्रम में रही व्यापक भागीदारी
इस कार्यक्रम में संबंधित पदाधिकारी, संस्थान के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं। सभी ने इस आयोजन को सफल बनाने में अपनी भूमिका निभाई।
कार्यक्रम ने छात्राओं के मन में अपने पेशे के प्रति जिम्मेदारी और सेवा भावना को और अधिक मजबूत किया।
न्यूज़ देखो: सेवा के संस्कार से मजबूत होगा स्वास्थ्य तंत्र
गुमला का यह आयोजन बताता है कि स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रशिक्षित और संवेदनशील नर्सों की कितनी जरूरत है। लेकिन क्या ऐसे संस्थानों की संख्या पर्याप्त है? इस दिशा में और प्रयास की आवश्यकता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है
दूसरों की सेवा करना सबसे बड़ा मानव धर्म है।
नर्सिंग जैसे पेशे समाज की रीढ़ होते हैं।
हर युवा को अपने कौशल के साथ संवेदनशीलता भी विकसित करनी चाहिए।
आत्मनिर्भर बनकर समाज के विकास में योगदान देना ही असली सफलता है।
इस प्रेरणादायक खबर को शेयर करें, अपनी राय कमेंट में दें और समाज में सेवा भावना को बढ़ावा देने में अपनी भागीदारी निभाएं।

🗣️ Join the Conversation!
What are your thoughts on this update? Read what others are saying below, or share your own perspective to keep the discussion going. (Please keep comments respectful and on-topic).