News dekho specials
Simdega

कुटुंगिया स्कूल में ओड़गा पुलिस का जागरूकता कार्यक्रम, छात्रों को साइबर अपराध और मानव तस्करी से बचाव की दी जानकारी

#जलडेगा #पुलिस_जागरूकता : कुटुंगिया विद्यालय में ओड़गा पुलिस ने विद्यार्थियों को कानून, साइबर सुरक्षा और सामाजिक कुरीतियों पर किया जागरूक।

सिमडेगा जिले के जलडेगा प्रखंड अंतर्गत कुटुंगिया स्थित शहीद हेरमन रास्काट उच्च विद्यालय में ओड़गा पुलिस प्रशासन द्वारा विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व ओपी प्रभारी सजल धान ने किया। इस दौरान छात्रों को साइबर क्राइम, मानव तस्करी, बाल विवाह, नशा और अंधविश्वास जैसे विषयों पर महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने बच्चों को सुरक्षित और जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश दिया।

Join News देखो WhatsApp Channel
  • कुटुंगिया स्थित शहीद हेरमन रास्काट उच्च विद्यालय में पुलिस का जागरूकता कार्यक्रम।
  • कार्यक्रम का नेतृत्व ओड़गा ओपी प्रभारी सजल धान ने किया।
  • छात्रों को साइबर क्राइम, मानव तस्करी, बाल विवाह और नशा के दुष्प्रभाव बताए गए।
  • एसआई कुंदन कुमार राव ने इंटरनेट के सुरक्षित उपयोग पर दी जानकारी।
  • विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति रही।

सिमडेगा जिले के जलडेगा प्रखंड अंतर्गत ओड़गा ओपी क्षेत्र के कुटुंगिया स्थित शहीद हेरमन रास्काट उच्च विद्यालय में बच्चों को जागरूक करने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन द्वारा विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और विभिन्न सामाजिक एवं कानूनी विषयों की जानकारी प्राप्त की।

कार्यक्रम का नेतृत्व ओड़गा ओपी प्रभारी सजल धान ने किया। उन्होंने विद्यार्थियों को समाज में बढ़ते अपराधों और उनसे बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

नैतिकता और जिम्मेदारी पर दिया गया जोर

कार्यक्रम के दौरान ओपी प्रभारी सजल धान ने विद्यार्थियों को नैतिकता, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता पाने के लिए पढ़ाई के साथ-साथ अच्छे आचरण और अनुशासन का पालन करना भी बेहद जरूरी है।

सजल धान ने कहा: “जीवन में आगे बढ़ने के लिए गलत कार्यों, नशा और अपराध से दूर रहना जरूरी है।”

उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे समाज में सकारात्मक भूमिका निभाएं और अपने आसपास होने वाली गलत गतिविधियों के बारे में जागरूक रहें।

साइबर क्राइम और इंटरनेट सुरक्षा की जानकारी

आज के डिजिटल युग में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। इस विषय पर विद्यार्थियों को जागरूक करते हुए पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इंटरनेट का उपयोग करते समय सावधानी बरतना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और अपना पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें। ऐसा करने से साइबर ठगी और अन्य ऑनलाइन अपराधों से बचा जा सकता है।

News dekho specials

मानव तस्करी से बचाव के लिए दी चेतावनी

कार्यक्रम में ओड़गा ओपी के एसआई कुंदन कुमार राव ने छात्रों को मानव तस्करी के खतरे के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि बच्चों को अजनबी लोगों के प्रलोभन में नहीं आना चाहिए।

कुंदन कुमार राव ने कहा: “किसी अनजान व्यक्ति से खाने-पीने की चीजें न लें और उसके साथ कहीं भी जाने से बचें।”

उन्होंने कहा कि यदि किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करना चाहिए।

बाल विवाह और अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता

पुलिस अधिकारियों ने बाल विवाह के विषय पर भी छात्रों को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लड़की की उम्र 18 वर्ष और लड़के की उम्र 21 वर्ष से कम होने पर विवाह कराना कानूनन अपराध है

इसके अलावा डायन बिसाही जैसी कुप्रथाओं को अंधविश्वास बताते हुए कहा गया कि किसी को डायन बताकर प्रताड़ित करना भी कानूनन अपराध है।

नशा और झाड़-फूंक से बचने की सलाह

कार्यक्रम में नशे के दुष्प्रभावों के बारे में भी विद्यार्थियों को बताया गया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य और भविष्य दोनों के लिए नुकसानदायक होता है।

साथ ही उन्होंने सर्पदंश के मामले में भी जागरूक करते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति को सांप काट ले तो झाड़-फूंक के चक्कर में नहीं पड़ना चाहिए, बल्कि तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाना चाहिए।

छात्रों ने पूछे कई सवाल

कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने पुलिस अधिकारियों से कई सवाल पूछे। अधिकारियों ने बच्चों के सवालों का सरल और स्पष्ट भाषा में जवाब दिया।

विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भी इस कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम बच्चों के लिए काफी उपयोगी होते हैं और उन्हें सही दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।

न्यूज़ देखो: जागरूकता ही सुरक्षा का सबसे बड़ा साधन

स्कूलों में इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम बच्चों को समाज की वास्तविक चुनौतियों से परिचित कराते हैं। साइबर अपराध, मानव तस्करी और अंधविश्वास जैसी समस्याओं से बचाव के लिए जागरूकता बेहद जरूरी है। पुलिस और विद्यालयों के संयुक्त प्रयास से ही एक सुरक्षित और जागरूक समाज का निर्माण संभव है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

जागरूक विद्यार्थी ही बनेंगे सुरक्षित समाज की नींव

आज के विद्यार्थी ही कल के जिम्मेदार नागरिक बनते हैं। यदि उन्हें सही समय पर सही जानकारी और मार्गदर्शन मिले तो वे समाज को बेहतर दिशा दे सकते हैं।

जरूरी है कि स्कूलों में ऐसे जागरूकता कार्यक्रम लगातार आयोजित होते रहें ताकि बच्चे कानून, सुरक्षा और सामाजिक जिम्मेदारियों को समझ सकें।

आप भी इस खबर को अपने मित्रों और परिवार तक साझा करें और बताएं कि जागरूकता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है। अपनी राय कमेंट में जरूर लिखें।

📥 Download E-Paper

यह खबर आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण थी?

रेटिंग देने के लिए किसी एक स्टार पर क्लिक करें!

इस खबर की औसत रेटिंग: 0 / 5. कुल वोट: 0

अभी तक कोई वोट नहीं! इस खबर को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

चूंकि आपने इस खबर को उपयोगी पाया...

हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें!



IMG-20251223-WA0009
IMG-20250723-WA0070

नीचे दिए बटन पर क्लिक करके हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें


Satyam Kumar Keshri

सिमडेगा नगर क्षेत्र

Related News

ये खबर आपको कैसी लगी, अपनी प्रतिक्रिया दें

Back to top button
error: