#महुआडांड़ #पेंशन_संकट : प्रखंड में समस्या—वृद्धों को नहीं मिल रहा भुगतान, आर्थिक संकट गहराया।
लातेहार के महुआडांड़ में पिछले तीन महीनों से वृद्ध पेंशन बंद है। बुजुर्ग रोज बैंक और ब्लॉक का चक्कर लगा रहे हैं। आर्थिक तंगी से उनकी स्थिति खराब हो रही है। प्रशासन ने फंड नहीं मिलने को कारण बताया है। लोगों ने जल्द समाधान की मांग की है।
- तीन महीने से वृद्ध पेंशन भुगतान बंद।
- बुजुर्ग रोज बैंक और ब्लॉक का चक्कर लगा रहे।
- सोभा देवी ने पांच महीने से पेंशन न मिलने की बात कही।
- अधिकारियों ने फंड नहीं मिलने को कारण बताया।
- उपायुक्त से जल्द समाधान की मांग।
लातेहार जिले के महुआडांड़ प्रखंड में वृद्ध पेंशन योजना की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। पिछले तीन महीनों से पेंशन का भुगतान बंद रहने के कारण सैकड़ों बुजुर्ग महिला और पुरुष आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। यह समस्या अब गंभीर रूप लेती जा रही है और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है।
पेंशन पर निर्भर बुजुर्गों के लिए यह राशि जीवन यापन का मुख्य साधन होती है, ऐसे में भुगतान बंद होने से उनकी स्थिति और भी दयनीय हो गई है।
रोज बैंक और ब्लॉक का चक्कर
स्थानीय लोगों के अनुसार, हर दिन सैकड़ों बुजुर्ग पेंशन की जानकारी लेने के लिए बैंक और प्रखंड कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं।
एक ग्रामीण ने कहा: “बुजुर्ग सुबह से शाम तक लाइन में खड़े रहते हैं, लेकिन उन्हें कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिलता।”
यह स्थिति बुजुर्गों के लिए शारीरिक और मानसिक दोनों तरह से परेशान करने वाली है।
बुजुर्गों की हालत खराब
पेंशन नहीं मिलने के कारण बुजुर्गों की आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।
सोभा देवी ने कहा: “पिछले पांच महीनों से पेंशन नहीं मिला है, घर चलाना मुश्किल हो गया है।”
उन्होंने प्रशासन से जल्द भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की।
अधिकारियों का बयान
प्रखंड कार्यालय के अधिकारियों ने बताया कि जिला स्तर से फंड जारी नहीं होने के कारण पेंशन भुगतान रुका हुआ है।
एक अधिकारी ने कहा: “फंड मिलते ही सभी लाभुकों को भुगतान कर दिया जाएगा।”
हालांकि, यह जवाब बुजुर्गों की समस्या का तत्काल समाधान नहीं कर पा रहा है।
बढ़ती नाराजगी
पेंशन में देरी के कारण बुजुर्गों में नाराजगी बढ़ रही है और वे प्रशासन से जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।
एक बुजुर्ग ने कहा: “सरकार योजना तो बनाती है, लेकिन समय पर पैसा नहीं मिलता।”
उपायुक्त से की गई मांग
ग्रामीणों और लाभुकों ने जिले के उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता से जल्द समस्या का समाधान करने की अपील की है।
एक स्थानीय व्यक्ति ने कहा: “यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।”
योजनाओं के क्रियान्वयन पर सवाल
यह मामला दर्शाता है कि योजनाएं बनने के बाद भी उनके क्रियान्वयन में गंभीर खामियां मौजूद हैं।
तत्काल समाधान की जरूरत
विशेषज्ञों का मानना है कि बुजुर्गों के लिए पेंशन जैसी योजनाओं का समय पर भुगतान अत्यंत आवश्यक है।
न्यूज़ देखो: योजनाएं बनाम हकीकत
महुआडांड़ का यह मामला दिखाता है कि योजनाओं का लाभ समय पर न मिलने से सबसे ज्यादा असर कमजोर वर्ग पर पड़ता है। क्या प्रशासन इस समस्या का जल्द समाधान करेगा? हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
बुजुर्गों का सम्मान जरूरी
वृद्धों की देखभाल हमारी जिम्मेदारी है।
सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिलना चाहिए।
जागरूकता और आवाज उठाना जरूरी है।
आइए, हम बुजुर्गों के अधिकार के लिए खड़े हों।
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