
#विश्रामपुर #महाशिवरात्रि_तैयारी : पलामू के अटरिया गांव स्थित टिकेश्वर महादेव मंदिर में सभी देवताओं का वस्त्र बदलकर विशेष श्रृंगार किया गया।
पलामू जिले के विश्रामपुर प्रखंड अंतर्गत अटरिया गांव स्थित टिकेश्वर महादेव मंदिर में महाशिवरात्रि के अवसर पर विशेष तैयारी की गई। मंदिर परिसर में स्थापित सभी देवी-देवताओं के पुराने वस्त्र बदलकर नए वस्त्र धारण कराए गए। स्थानीय श्रद्धालुओं की पहल से मंदिर को आकर्षक रूप में सजाया गया, जिससे गांव में उत्साह का माहौल है।
- अटरिया गांव के टिकेश्वर महादेव मंदिर में महाशिवरात्रि पूर्व विशेष श्रृंगार।
- सभी देवी-देवताओं के पुराने वस्त्र बदलकर नए वस्त्र धारण कराए गए।
- संध्या तिवारी, पत्नी बीरेंद्र तिवारी (एलआईसी डीओ, गढ़वा) ने स्वयं सिले वस्त्र।
- मंदिर निर्माण में सेवानिवृत पुलिस सब इंस्पेक्टर देवनारायण तिवारी की महत्वपूर्ण भूमिका।
- तोलरा और अटरिया गांव के लोगों की सहभागिता से धार्मिक एकता मजबूत।
पलामू जिला के पंजरीकला पंचायत अंतर्गत अटरिया गांव स्थित टिकेश्वर महादेव मंदिर में महाशिवरात्रि के पावन अवसर से पूर्व विशेष धार्मिक तैयारी की गई। मंदिर में स्थापित सभी देवी-देवताओं का पुराना वस्त्र बदलकर नया वस्त्र धारण कराया गया, जिससे पूरा मंदिर परिसर भव्य और आकर्षक दिखाई दे रहा है।
महाशिवरात्रि को लेकर उत्साह
महाशिवरात्रि का पर्व शिव और पार्वती के विवाह का प्रतीक माना जाता है। इस पावन अवसर को लेकर गांव में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। मंदिर परिसर की साफ-सफाई के साथ-साथ सजावट और श्रृंगार का कार्य श्रद्धालुओं की सहभागिता से पूरा किया गया।
ग्रामीणों ने बताया कि पर्व के एक दिन पूर्व मंदिर को विशेष रूप से सजाने की परंपरा है, ताकि महाशिवरात्रि के दिन श्रद्धालु भव्य रूप में भगवान के दर्शन कर सकें।
स्वयं सिले वस्त्रों से किया गया श्रृंगार
इस अवसर पर तोलरा निवासी एवं गढ़वा के एलआईसी डीओ बीरेंद्र तिवारी की पत्नी संध्या तिवारी ने अपने हाथों से देवी-देवताओं के वस्त्र तैयार किए। उन्होंने सिलाई कर मंदिर में स्थापित सभी देवताओं का श्रृंगार किया। उनके इस योगदान की ग्रामीणों ने सराहना की।
बताया गया कि श्रद्धा और भक्ति भाव से तैयार किए गए इन नए वस्त्रों से मंदिर की शोभा और अधिक बढ़ गई है। श्रद्धालुओं का मानना है कि इस प्रकार की सहभागिता से धार्मिक और सामाजिक जुड़ाव मजबूत होता है।
गांवों को जोड़ने में मंदिर की भूमिका
अटरिया के सेवानिवृत पुलिस सब इंस्पेक्टर देवनारायण तिवारी ने टिकेश्वर महादेव मंदिर का निर्माण कर गांव में धार्मिक गतिविधियों को गति दी है। उन्होंने तोलरा और अटरिया के बीच सामाजिक और धार्मिक समन्वय स्थापित करने में पहल की।
जानकारी के अनुसार, विष्णु मंदिर तोलरा की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर देवनारायण तिवारी सैकड़ों अटरियावासियों को साथ लेकर जलयात्रा में शामिल हुए थे। इस पहल से दोनों गांवों के बीच आपसी संबंध और मजबूत हुए।
भजन-कीर्तन से गूंजा मंदिर परिसर
महाशिवरात्रि के पूर्व आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में तोलरा और अटरिया के ग्रामीणों ने मिलकर भजन-कीर्तन किया। मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि इस प्रकार के आयोजन से सामाजिक एकता और आपसी सहयोग की भावना को बढ़ावा मिलता है।
मंदिर में पर्व के दिन विशेष पूजा-अर्चना और कार्यक्रम आयोजित किए जाने की भी तैयारी है।



न्यूज़ देखो: आस्था से मजबूत होती सामाजिक एकता
अटरिया का यह आयोजन केवल धार्मिक परंपरा का निर्वाह नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता का भी उदाहरण है। जब गांव के लोग मिलकर मंदिर सजाते हैं और पर्व की तैयारी करते हैं, तो यह सामूहिक एकता का संदेश देता है। ऐसे आयोजन ग्रामीण समाज को जोड़ने का माध्यम बनते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
आस्था के साथ जिम्मेदारी भी निभाएं
धार्मिक पर्व हमें केवल पूजा का नहीं, बल्कि सामाजिक एकता का संदेश देते हैं।
गांव और समाज के विकास में सामूहिक भागीदारी सुनिश्चित करें।
मंदिर और सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता बनाए रखें।
आपसी सहयोग और सद्भाव को प्राथमिकता दें।
इस खबर को साझा करें और अपने गांव में होने वाले ऐसे आयोजनों की जानकारी हमें जरूर भेजें।







