#गढ़वा #मातृ_दिवस : मातृ स्मृति में आदिवासी टोले में सेवा और सम्मान का अनोखा आयोजन हुआ।
मातृ दिवस के अवसर पर जायंट्स ग्रुप ऑफ गढ़वा द्वारा खजूरी वीर पर्वत स्थित आदिवासी बहुल टोला में सैकड़ों महिलाओं और बच्चों के बीच साड़ी एवं बिस्किट का वितरण किया गया। कार्यक्रम का आयोजन निवर्तमान अध्यक्ष राकेश केसरी की माता की पुण्यतिथि के अवसर पर किया गया। सामाजिक सेवा और मातृत्व सम्मान से जुड़े इस आयोजन में कई सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय जनप्रतिनिधि शामिल हुए।
- जायंट्स ग्रुप ऑफ गढ़वा ने मातृ दिवस पर सेवा कार्यक्रम आयोजित किया।
- आदिवासी बहुल टोला में महिलाओं के बीच साड़ियों का वितरण किया गया।
- बच्चों के बीच बिस्किट बांटकर खुशियां साझा की गईं।
- आयोजन राकेश केसरी की माता की पुण्यतिथि पर किया गया।
- कार्यक्रम में कई सामाजिक कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे।
- वक्ताओं ने मातृत्व सम्मान और सामाजिक सेवा का संदेश दिया।
मातृ दिवस के अवसर पर रविवार को गढ़वा जिले में सेवा, सम्मान और संवेदनशीलता का अनोखा उदाहरण देखने को मिला। जायंट्स ग्रुप ऑफ गढ़वा द्वारा खजूरी वीर पर्वत स्थित आदिवासी बहुल टोला में सैकड़ों महिलाओं और बच्चों के बीच साड़ी एवं बिस्किट का वितरण किया गया। यह आयोजन जायंट्स ग्रुप के निवर्तमान अध्यक्ष राकेश केसरी की माता जी की पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में किया गया।
कार्यक्रम में महिलाओं और बच्चों की बड़ी संख्या मौजूद रही। जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचकर सहायता सामग्री वितरित करने के इस प्रयास की लोगों ने सराहना की।
मातृ दिवस पर सेवा और सम्मान का संदेश
कार्यक्रम की अध्यक्षता जायंट्स ग्रुप ऑफ गढ़वा के अध्यक्ष अशोक गुप्ता ने की। उन्होंने कहा कि मातृ दिवस के अवसर पर इस तरह का आयोजन करना समाज के लिए प्रेरणादायक है।
अशोक गुप्ता ने कहा: “आज मातृ दिवस है और राकेश जी द्वारा अपनी माता जी की पुण्यतिथि पर आदिवासी महिलाओं के बीच साड़ी वितरण करना एक सुखद संयोग है।”
उन्होंने कहा कि समाज के जरूरतमंद लोगों की सहायता करना ही वास्तविक मानव सेवा है और जायंट्स परिवार हमेशा इसी भावना के साथ कार्य करता है।
जरूरतमंदों की सेवा में हमेशा आगे रहता है जायंट्स परिवार
कार्यक्रम के दौरान जायंट्स वेलफेयर फाउंडेशन फेडरेशन 8 के पूर्व अध्यक्ष विनोद कमलापुरी ने भी लोगों को संबोधित किया।
विनोद कमलापुरी ने कहा: “जायंट्स परिवार हर प्रकार के जरूरतमंदों की सेवा में आगे रहता है। आज महिलाओं के बीच साड़ी वितरण कर आत्म संतुष्टि का अनुभव हो रहा है।”
उन्होंने कहा कि समाज के कमजोर वर्गों की मदद करना हर सक्षम व्यक्ति की जिम्मेदारी है।
“माता का प्रेम सबसे निस्वार्थ होता है”
फेडरेशन उपाध्यक्ष नंदकुमार गुप्ता ने अपने संबोधन में मां के महत्व पर प्रकाश डाला।
नंदकुमार गुप्ता ने कहा: “माता का वात्सल्य प्रेम निश्चल होता है। माताओं के बीच इस तरह का कार्यक्रम पूरे जायंट्स परिवार के लिए गर्व की बात है।”
उन्होंने कहा कि मातृत्व केवल परिवार ही नहीं बल्कि पूरे समाज की नींव होता है।
हर वर्ष किया जाता है सेवा कार्य
कार्यक्रम के प्रायोजक राकेश केसरी ने बताया कि वे हर वर्ष अपने माता-पिता की स्मृति में इस प्रकार का सामाजिक कार्य करते हैं।
राकेश केसरी ने कहा: “मैं हर वर्ष अपने माता और पिता जी की स्मृति में जरूरतमंद लोगों के बीच सेवा कार्य करता हूं और आगे भी करता रहूंगा।”
उन्होंने कहा कि माता-पिता का आशीर्वाद और उनकी सीख उन्हें समाज सेवा के लिए प्रेरित करती है।
समाज सेवा के प्रति समर्पित हैं सदस्य
प्रोजेक्ट चेयरमैन मनदीप प्रसाद ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि जायंट्स संस्था के सभी सदस्य मानव सेवा के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं।
मनदीप प्रसाद ने कहा: “जायंट्स के सदस्य पीड़ित मानवता की सेवा में निरंतर लगे रहते हैं और यही संस्था की सबसे बड़ी ताकत है।”
उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन समाज में सकारात्मक सोच और सहयोग की भावना को मजबूत करते हैं।
बड़ी संख्या में लोग रहे उपस्थित
कार्यक्रम में जायंट्स ग्रुप के कई वरिष्ठ सदस्य और स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। इस दौरान पूर्व अध्यक्ष ध्रुव केशरी, विनोद गुप्ता, प्रशासनिक निदेशक अशोक विश्वकर्मा, पूर्व वित्त निदेशक अशोक केसरी तथा स्थानीय मुखिया श्रीकांत दुबे सहित कई लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं और बच्चों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दे रही थी। लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे सामाजिक जिम्मेदारी का बेहतर उदाहरण बताया।

न्यूज़ देखो: मातृत्व सम्मान और समाज सेवा का प्रेरणादायक उदाहरण
मातृ दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम केवल सहायता वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाज को संवेदनशीलता और सेवा का संदेश भी दे गया। जरूरतमंद महिलाओं और बच्चों तक पहुंचकर सम्मान और सहयोग देना सामाजिक एकजुटता को मजबूत करता है। ऐसे आयोजन यह साबित करते हैं कि समाज में सकारात्मक बदलाव सामूहिक प्रयासों से ही संभव है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सेवा और सम्मान से ही मजबूत बनता है समाज
जरूरतमंद लोगों की मदद करना केवल दान नहीं बल्कि इंसानियत का सबसे सुंदर रूप है। माताओं का सम्मान और समाज के कमजोर वर्गों के प्रति संवेदनशीलता हमें बेहतर नागरिक बनाती है।
अपने आसपास जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए आगे आइए और समाज में सहयोग की भावना को मजबूत बनाइए। खबर को साझा करें, अपनी राय कमेंट करें और सकारात्मक बदलाव की इस सोच को आगे बढ़ाएं।

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