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रक्षाबंधन पर्व में लातेहार जिले में भाई-बहन के प्रेम और सुरक्षा का रंगीन उत्सव आधुनिकता और परंपरा के संगम के साथ मनाया गया

#लातेहार #रक्षाबंधन : भाई-बहन के प्रेम और सुरक्षा के पर्व में रंगीन उल्लास और सामाजिक संदेश
  • लातेहार जिले भर में रक्षाबंधन पर्व बड़े उत्साह और हर्षोल्लास से मनाया गया।
  • शहर और ग्रामीण इलाकों में राखी और मिठाइयों की दुकानें सजाई गईं और खरीदारों की भारी भीड़ रही।
  • बहनों ने अपने भाइयों की कलाई में राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र और सुरक्षा की कामना की।
  • भाईयों ने बहनों को उपहार देकर उनकी सुरक्षा का संकल्प लिया और प्रेम जताया।
  • दूर रहने वाले भाई-बहनों ने ऑनलाइन माध्यम और डाक सेवा से राखी और उपहार भेजकर अपनत्व दिखाया।
  • पुजारियों ने रक्षाबंधन को सामाजिक सुरक्षा और सबलता का प्रतीक बताते हुए उसके व्यापक महत्व पर प्रकाश डाला।

लातेहार जिले में रक्षाबंधन पर्व भाई-बहनों के प्रेम और सुरक्षा के अटूट बंधन के रूप में परंपरागत तरीके से मनाया गया। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक राखी और मिठाइयों की खरीदारी ने त्योहार को खास बना दिया। साथ ही आधुनिक तकनीक के जरिये दूर के रिश्तेदार भी इस पर्व में शामिल हुए। यह पर्व न केवल पारिवारिक संबंधों को मजबूत करता है बल्कि सामाजिक सुरक्षा का संदेश भी देता है।

रंग-बिरंगी राखियों और मिठाइयों से सजी बाजार की रौनक

बरवाडीह सहित जिले के प्रमुख बाजारों में राखी और मिठाई की दुकानें त्योहार के लिए पूरी तरह सज गई थीं। कुटमू चौक पर दुकानदारों ने बताया कि विभिन्न डिज़ाइन की आकर्षक राखियों की भारी मांग रही। बहनों ने भाइयों के लिए मनपसंद राखियों का चयन किया और मिठाइयों की खरीदारी में भी कोई कमी नहीं छोड़ी। इस दौरान खरीदारी करते परिवारों में त्योहार की खुशियाँ साफ झलक रही थीं।

राखी बांधने की परंपरा और भाई-बहनों के बीच प्रेम का उत्सव

राखी बांधने का शुभ मुहूर्त सुबह से दोपहर तक रहा, जब बहनों ने भाईयों के माथे पर तिलक लगाया, आरती उतारी और कलाई में राखी बांधी। बहनों ने भाईयों की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और सुरक्षा की कामना की, जबकि भाई ने अपनी तरफ से बहनों को जीवन भर सुरक्षा देने का वचन दिया। दूर-दराज रहने वाले भाई-बहनों ने स्पीड पोस्ट, डाक, और ऑनलाइन माध्यम से राखी और उपहार भेजकर प्रेम का परिचय दिया।

सामाजिक सुरक्षा और रक्षाबंधन का व्यापक संदेश

पुजारी उमेश मिश्र, यशवंत पाठक, अर्जुन पांडेय, और श्यामनाथ पाठक ने इस पर्व के सामाजिक महत्व पर जोर दिया। उनका कहना है कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक नहीं, बल्कि समाज में कमजोरों की सुरक्षा का भी संदेश है। कमजोर व्यक्ति सक्षम व्यक्ति को रक्षा सूत्र बांध कर सुरक्षा का आशीर्वाद प्राप्त कर सकता है। यह पर्व समाज में एकजुटता और विश्वास की भावना को मजबूत करता है।

न्यूज़ देखो: लातेहार में रक्षाबंधन पर्व ने परिवार और समाज में सुरक्षा के सूत्र को मजबूत किया

रक्षाबंधन पर्व ने लातेहार जिले में न सिर्फ भाई-बहन के पारिवारिक प्रेम को बढ़ावा दिया, बल्कि सामाजिक सुरक्षा और आपसी सहयोग का भी सशक्त संदेश दिया है। इस त्योहार ने लोगों के बीच भाईचारे की भावना को प्रगाढ़ किया और आधुनिक तकनीक के माध्यम से दूरी को भी कम किया। इस तरह के उत्सव हमारे समाज के सामूहिक सौहार्द और सद्भाव की बुनियाद को मजबूत करते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

रक्षाबंधन पर्व से सीखें स्नेह और सुरक्षा का महत्व और समाज में एकता बनाएं

रक्षाबंधन हमें याद दिलाता है कि रिश्ते सिर्फ भावनाएं नहीं, बल्कि विश्वास, सुरक्षा और समर्पण का बंधन होते हैं। हमें ऐसे पर्वों को मनाकर अपनी संस्कृति और सामाजिक रिश्तों को मजबूत करना चाहिए। आइए, हम सब मिलकर प्रेम, सुरक्षा और एकता के इस त्योहार को और प्रगाढ़ बनाएं। अपनी राय कमेंट में साझा करें और इस खबर को अपने दोस्तों व परिवार के साथ जरूर शेयर करें ताकि जागरूकता और प्रेम फैल सके।

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