
#पांडू #जल_संरक्षण : विश्व प्लंबर दिवस पर जल महोत्सव पखवाड़ा और सम्मान समारोह आयोजित।
पलामू जिले के पांडू प्रखंड सभागार में विश्व प्लंबर दिवस के अवसर पर जल महोत्सव पखवाड़ा एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रखंड प्रमुख नीतू सिंह ने जल संरक्षण की आवश्यकता पर जोर देते हुए युवाओं को स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी। इस दौरान राज्य स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त प्लंबर सरयू ठाकुर और फरीद आलम अंसारी को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अधिकारी, कर्मी और जल सहिया भी मौजूद रहे।
- पांडू प्रखंड सभागार में विश्व प्लंबर दिवस के अवसर पर जल महोत्सव कार्यक्रम।
- कार्यक्रम में प्रखंड प्रमुख नीतू सिंह ने जल संरक्षण और स्वरोजगार पर जोर दिया।
- सरयू ठाकुर और फरीद आलम अंसारी को प्रशस्ति पत्र व अंगवस्त्र देकर सम्मानित।
- प्लंबरों को प्लंबिंग किट उपलब्ध कराकर कार्य के लिए प्रोत्साहित किया गया।
- कार्यक्रम का संचालन प्रखंड समन्वयक बलवंत सिंह पटेल ने किया।
पलामू जिले के पांडू प्रखंड में विश्व प्लंबर दिवस के अवसर पर जल संरक्षण और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जल महोत्सव पखवाड़ा एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। प्रखंड सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अधिकारी, प्रखंड कर्मी तथा जल सहिया बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य जल संरक्षण के महत्व को रेखांकित करना और प्लंबिंग क्षेत्र में कार्यरत लोगों को सम्मानित कर उन्हें प्रोत्साहित करना था।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद पांडू प्रखंड प्रमुख नीतू सिंह ने जल संरक्षण के महत्व पर विस्तृत रूप से चर्चा की। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में जल संकट एक गंभीर समस्या बन सकता है, इसलिए अभी से इसके संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाना आवश्यक है।
जल संरक्षण को लेकर जागरूकता पर जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रखंड प्रमुख नीतू सिंह ने कहा कि यदि मानव जीवन का भविष्य सुरक्षित रखना है तो जल का संरक्षण करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पानी प्रकृति का अमूल्य संसाधन है और इसका सही उपयोग तथा संरक्षण हम सभी की जिम्मेदारी है।
प्रखंड प्रमुख नीतू सिंह ने कहा:
“यदि मानव जीवन का भविष्य सुरक्षित करना है तो हमें जल संरक्षित करना ही होगा। आने वाले समय में जल की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती बन सकती है, इसलिए अभी से सभी को इसके संरक्षण के लिए जागरूक होना चाहिए।”
उन्होंने लोगों से अपील की कि पानी की बर्बादी को रोकने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाएं और हर स्तर पर जल बचाने के उपाय अपनाए जाएं।
युवाओं को स्वरोजगार अपनाने की सलाह
कार्यक्रम के दौरान प्रखंड प्रमुख ने युवाओं को स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा भी दी। उन्होंने कहा कि आज के समय में युवाओं को केवल नौकरी पर निर्भर रहने के बजाय स्वरोजगार की दिशा में भी आगे बढ़ना चाहिए।
प्रखंड प्रमुख नीतू सिंह ने कहा:
“युवा स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनें और अपने परिवार तथा समाज को उन्नति के पथ पर अग्रसर करें।”
उन्होंने कहा कि प्लंबिंग जैसे तकनीकी कार्यों में प्रशिक्षण प्राप्त कर युवा आसानी से रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकते हैं और अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत बना सकते हैं।
खराब चापानलों की सूची तैयार करने का निर्देश
गर्मी के मौसम को देखते हुए प्रखंड प्रमुख ने सभी जल सहिया को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्र में खराब पड़े चापानलों की सूची तैयार करें। यह सूची प्रखंड समन्वयक के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि पीएचईडी की टीम द्वारा समय पर मरम्मत कराई जा सके।
उन्होंने कहा कि गर्मी के दिनों में पेयजल की समस्या बढ़ जाती है, इसलिए पहले से तैयारी करना जरूरी है ताकि लोगों को पानी की कमी का सामना न करना पड़े।
प्रशिक्षित प्लंबरों को किया गया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान राज्य स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त दो प्लंबरों को सम्मानित भी किया गया। सरयू ठाकुर और फरीद आलम अंसारी को उनके उत्कृष्ट कार्य और प्रशिक्षण के लिए प्रशस्ति पत्र और अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया।
इसके साथ ही उन्हें प्लंबिंग किट भी प्रदान की गई, ताकि वे अपने कार्य को बेहतर ढंग से कर सकें और समाज में जल संरक्षण से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ा सकें।
कार्यक्रम का संचालन और उपस्थित लोग
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का संचालन प्रखंड समन्वयक बलवंत सिंह पटेल ने किया। उन्होंने कार्यक्रम के उद्देश्य और जल संरक्षण की आवश्यकता के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम में प्रधान लिपिक ब्रजेश कुमार रवि, अमितेश पांडेय सहित प्रखंड क्षेत्र के सभी जल सहिया उपस्थित रहे। सभी ने जल संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने और समाज में इसके महत्व को बताने का संकल्प लिया।
न्यूज़ देखो: जल संरक्षण की दिशा में छोटे कदम बन सकते हैं बड़ा समाधान
पांडू प्रखंड में आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक सम्मान समारोह नहीं बल्कि जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास भी है। आज जब कई क्षेत्रों में जल संकट की समस्या सामने आ रही है, ऐसे कार्यक्रम समाज को समय रहते सचेत करने का काम करते हैं।
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की पहल से यदि गांव-गांव में जल संरक्षण के प्रयास शुरू हों, तो भविष्य में जल संकट की स्थिति से काफी हद तक बचा जा सकता है। साथ ही युवाओं को तकनीकी कौशल के माध्यम से रोजगार से जोड़ना भी एक सकारात्मक पहल है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जल बचाएं और भविष्य सुरक्षित बनाएं
पानी केवल एक संसाधन नहीं बल्कि जीवन का आधार है। यदि हम आज पानी को बचाने के लिए कदम नहीं उठाएंगे तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर संकट का सामना करना पड़ सकता है।
हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह जल संरक्षण को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाए। छोटे-छोटे प्रयास जैसे पानी की बर्बादी रोकना, वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देना और खराब जल स्रोतों की मरम्मत कराना भी बड़े बदलाव ला सकते हैं।
युवा अगर तकनीकी कौशल सीखकर स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ें तो यह न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगा बल्कि समाज के विकास में भी योगदान देगा।
आप भी इस विषय पर अपनी राय जरूर दें।
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