
#सिमडेगा #उच्च_शिक्षा : एआई के युग में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और नैतिक मूल्यों पर विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को किया प्रेरित।
सिमडेगा स्थित सेंट जेवियर्स कॉलेज में “एआई के युग में मूल्य आधारित गुणवत्तापूर्ण शिक्षा” विषय पर एक दिवसीय विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में संत जेवियर’स कॉलेज कोलकाता के रेक्टर रेव. फादर जयाराज वेलुस्वंय उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक और नैतिक मूल्यों के संतुलन के साथ शिक्षा प्राप्त करने की प्रेरणा दी।
- सेंट जेवियर्स कॉलेज, सिमडेगा में आयोजित हुआ विशेष व्याख्यान।
- मुख्य वक्ता रहे Rev. Fr. जयाराज वेलुस्वंय, रेक्टर, संत जेवियर’स कॉलेज कोलकाता।
- विषय रहा “एआई के युग में मूल्य आधारित गुणवत्तापूर्ण शिक्षा”।
- विद्यार्थियों को पुस्तकालय और कंप्यूटर लैब के उपयोग के लिए किया प्रेरित।
- कॉलेज के प्राचार्य फा. रोशन बा ने अतिथि को बिरु गमछा और पौधा देकर किया सम्मानित।
सिमडेगा। सेंट जेवियर्स कॉलेज, सिमडेगा में एक दिवसीय विशेष व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में संत जेवियर’स कॉलेज कोलकाता के रेक्टर रेव. फादर जयाराज वेलुस्वंय उपस्थित रहे। कार्यक्रम का विषय था “एआई के युग में मूल्य आधारित गुणवत्तापूर्ण शिक्षा: उच्च शिक्षा में अवसर और चुनौतियाँ”।
एआई से शिक्षा में बढ़े अवसर और चुनौतियाँ
अपने संबोधन में फादर जयाराज वेलुस्वंय ने कहा कि वर्तमान समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) शिक्षा के क्षेत्र में नई संभावनाएँ लेकर आई है। उन्होंने बताया कि तकनीक के सही उपयोग से विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता और ज्ञान का दायरा दोनों बढ़ सकते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि अच्छी शिक्षा के लिए योग्य और समर्पित शिक्षक अत्यंत आवश्यक होते हैं, क्योंकि वही विद्यार्थियों को सही दिशा प्रदान करते हैं और उनके व्यक्तित्व के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
संस्थानों के इतिहास का भी किया उल्लेख
फादर जयाराज वेलुस्वंय ने अपने संबोधन के दौरान संत जेवियर’स कॉलेज कोलकाता की स्थापना और इतिहास का संक्षिप्त उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए सेंट जेवियर्स कॉलेज सिमडेगा की स्थापना की गई, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण और मूल्य आधारित शिक्षा प्रदान करना है।
विद्यार्थियों को दी प्रेरणा
उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे कॉलेज के पुस्तकालय और कंप्यूटर लैब का अधिक से अधिक उपयोग करें, अनुशासन बनाए रखें और निरंतर अपने ज्ञान को अद्यतन करते रहें।
उन्होंने यह भी कहा कि आज के समय में एआई और चैटजीपीटी जैसे तकनीकी साधनों का सही उपयोग कर छात्र अपनी पढ़ाई को अधिक प्रभावी बना सकते हैं।
अतिथि का किया गया सम्मान
कार्यक्रम के दौरान कॉलेज के प्राचार्य फा. रोशन बा ने अतिथि का स्वागत करते हुए उन्हें बिरु गमछा और पौधा भेंट कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर कॉलेज के शिक्षकगण, छात्र-छात्राएँ तथा अन्य अतिथि भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक रहा, जिसमें विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक के साथ-साथ मूल्य आधारित शिक्षा के महत्व को समझने का अवसर मिला।

न्यूज़ देखो: तकनीक और मूल्यों का संतुलन जरूरी
आज के डिजिटल युग में एआई जैसी तकनीकें शिक्षा को नई दिशा दे रही हैं। हालांकि इसके साथ-साथ नैतिक मूल्यों और अनुशासन को बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है, ताकि विद्यार्थी ज्ञान के साथ-साथ जिम्मेदार नागरिक भी बन सकें।
नई तकनीक के साथ बढ़ेगी शिक्षा की नई दिशा
ज्ञान और तकनीक का सही उपयोग ही भविष्य की सफलता का आधार है।
विद्यार्थियों को आधुनिक साधनों के साथ मूल्यों को भी अपनाना होगा।
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