
#पलामू #बिश्रामपुर : वार्ड 19 पचघरा निवासी युवक की इलाज के दौरान कोलकाता में मौत से क्षेत्र में गहरा शोक।
पलामू जिले के बिश्रामपुर नगर परिषद क्षेत्र अंतर्गत वार्ड संख्या 19 पचघरा निवासी बालकेश यादव की इलाज के दौरान कोलकाता में मौत हो गई। इस दुखद घटना से पूरे वार्ड और आसपास के इलाके में शोक का माहौल है। सूचना मिलते ही नगर परिषद बिश्रामपुर की भावी अध्यक्ष प्रत्याशी श्रीमती गीता देवी शोक संतप्त परिवार से मिलने पहुंचीं। उन्होंने परिजनों को ढांढस बंधाते हुए हर सुख-दुख में साथ रहने का भरोसा दिलाया।
- वार्ड संख्या 19 पचघरा के निवासी थे मृतक बालकेश यादव।
- बेहतर इलाज के लिए ले जाया गया था कोलकाता, वहीं इलाज के दौरान मौत।
- घटना से बिश्रामपुर नगर परिषद क्षेत्र में शोक की लहर।
- भावी अध्यक्ष प्रत्याशी श्रीमती गीता देवी ने पहुंचकर जताई गहरी संवेदना।
- परिजनों को हर समय सहयोग और साथ देने का आश्वासन।
पलामू जिले के बिश्रामपुर नगर परिषद क्षेत्र से एक अत्यंत दुखद समाचार सामने आया है। वार्ड संख्या 19 पचघरा निवासी बालकेश यादव की इलाज के दौरान कोलकाता में मौत हो गई। जैसे ही यह खबर उनके पैतृक गांव और मोहल्ले में पहुंची, पूरे क्षेत्र में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और घर में शोकपूर्ण वातावरण बना हुआ है। स्थानीय लोग बड़ी संख्या में मृतक के घर पहुंचकर परिवार को ढांढस बंधा रहे हैं।
बेहतर इलाज की उम्मीद, लेकिन नहीं बच सकी जान
परिजनों के अनुसार बालकेश यादव पिछले कुछ समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। स्थानीय स्तर पर इलाज कराने के बाद जब स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो उन्हें बेहतर उपचार के उद्देश्य से कोलकाता ले जाया गया। परिजन उनके जल्द स्वस्थ होकर लौटने की उम्मीद लगाए बैठे थे, लेकिन इलाज के दौरान अचानक उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई और उन्होंने अंतिम सांस ले ली। इस असामयिक निधन ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
गीता देवी ने शोकाकुल परिवार से मिलकर जताई संवेदना
घटना की जानकारी मिलते ही बिश्रामपुर नगर परिषद की भावी अध्यक्ष प्रत्याशी श्रीमती गीता देवी (पति—संजय बैठा) तत्काल पचघरा पहुंचीं और शोक संतप्त परिवार से मुलाकात की। उन्होंने मृतक के परिजनों को ढांढस बंधाया और इस कठिन समय में खुद को परिवार के साथ खड़ा बताया।
श्रीमती गीता देवी ने कहा:
“हर सुख और हर दुख में मैं इस परिवार के साथ हूं। यह केवल एक घर का दुख नहीं, बल्कि पूरे समाज का दुख है। परिवार को किसी भी प्रकार की आवश्यकता होगी, उसमें हर समय सहयोग दिया जाएगा।”
उनके इस बयान और उपस्थिति से परिजनों को कुछ मानसिक संबल मिला। स्थानीय नागरिकों ने भी गीता देवी के इस संवेदनशील कदम की सराहना की।
मोहल्ले में पसरा मातम, हर आंख नम
बालकेश यादव की मौत के बाद पचघरा मोहल्ले में शोक का माहौल है। आसपास के लोग, रिश्तेदार और परिचित लगातार मृतक के घर पहुंच रहे हैं। हर कोई इस असमय मौत को लेकर दुख व्यक्त कर रहा है। लोगों का कहना है कि बालकेश यादव मिलनसार और सरल स्वभाव के व्यक्ति थे, जिनका व्यवहार सभी के साथ अच्छा था। उनकी अचानक हुई मौत से मोहल्ले ने एक अच्छा इंसान खो दिया है।
समाज और जनप्रतिनिधियों की भूमिका अहम
इस तरह की घटनाओं में समाज और जनप्रतिनिधियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। पीड़ित परिवार को न सिर्फ आर्थिक बल्कि मानसिक और सामाजिक सहारे की भी जरूरत होती है। ऐसे समय में जनप्रतिनिधियों का परिवार के बीच पहुंचना यह दर्शाता है कि वे केवल चुनाव के समय ही नहीं, बल्कि दुख की घड़ी में भी जनता के साथ खड़े रहते हैं।
एकजुटता से मिलता है दुख में सहारा
स्थानीय लोगों का कहना है कि संकट की घड़ी में समाज की एकजुटता ही सबसे बड़ा सहारा बनती है। बालकेश यादव के परिवार के साथ खड़े होकर लोगों ने यह संदेश दिया है कि दुख की इस घड़ी में वे अकेले नहीं हैं। कई सामाजिक लोगों ने भी परिवार को हर संभव मदद देने की बात कही है।
न्यूज़ देखो: दुख की घड़ी में संवेदनशीलता ही असली नेतृत्व
यह घटना हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि समाज में संवेदनशीलता और मानवीयता कितनी जरूरी है। किसी परिवार पर जब दुख का पहाड़ टूटता है, तब नेताओं और समाज के लोगों का व्यवहार ही भरोसा पैदा करता है। भावी अध्यक्ष प्रत्याशी गीता देवी का पीड़ित परिवार तक पहुंचना यह दिखाता है कि जमी





