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पलामू: ASI अभिमन्यु कुमार सिंह के खिलाफ रची गई साजिश, वायरल वीडियो के पीछे शरारती तत्वों की भूमिका

#पलामू #पुलिस_विवाद : टिओपी-3 प्रभारी रहते अपराधियों पर कसी थी नकेल — उसी का बदला लेने की हो रही है कोशिश
  • पलामू पुलिस लाइन में पदस्थापित ASI के पुराने वीडियो को किया गया वायरल
  • 2019 में शादी समारोह का है वीडियो, हाल में किया गया सोशल मीडिया पर शेयर
  • अभिमन्यु सिंह ने बताया: वीडियो में कोई अनुचित हरकत नहीं, साजिशन किया गया वायरल
  • टिओपी-3 प्रभारी रहते अपराधियों पर की थी सख्त कार्रवाई, कई बार हो चुके हैं सम्मानित
  • जनता और मीडिया में उनकी ईमानदार छवि, खुद बोले: बेदाग हूं, बदनाम करने की साजिश

2019 की पुरानी घटना, 2025 में बनाई जा रही साजिश

पलामू पुलिस लाइन में तैनात ASI अभिमन्यु कुमार सिंह एक बार फिर चर्चाओं में हैं, लेकिन इस बार वजह किसी बहादुरी का मामला नहीं, बल्कि एक पुराना वीडियो वायरल कर उन्हें बदनाम करने की साजिश है।
23 जून 2025 को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें अभिमन्यु कुमार सिंह एक शादी समारोह में दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियो को आधार बनाकर उन्हें लेकर विवाद फैलाया जा रहा है।

खुद ASI ने बताई सच्चाई

अभिमन्यु सिंह ने साफ तौर पर कहा कि यह वीडियो 2019 का है, जब वे टिओपी-3 थाना के प्रभारी थे।
“उस वक्त पलामू के एसपी अजय लिंडा थे। रात में पेट्रोलिंग के दौरान कुछ परिचितों ने आग्रह किया कि 5 मिनट शादी समारोह में चलें। उसी आग्रह पर होटल के अंदर गया था,” उन्होंने कहा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि वीडियो में न तो वे शराब पी रहे थे, न ही उनके हाथ में शराब का कोई ग्लास था
“शादी समारोह में हर टेबल पर शराब के ग्लास रखे थे। हमारे पास एक लड़की बैठी थी जो कुछ कहना चाह रही थी। शोरगुल के कारण सुन नहीं पा रहा था, इसलिए मैं उसकी तरफ झुका,” उन्होंने कहा।

सम्मानित अधिकारी, अपराधियों पर कसते रहे हैं शिकंजा

अभिमन्यु सिंह ने अपने करियर में अंतरराज्यीय चोर गिरोहों को पकड़ा है, अपराधियों पर शिकंजा कसा है और इसी वजह से उन्हें कई बार वरीय अधिकारियों द्वारा सम्मानित भी किया गया है।
जनता और प्रेस के बीच उनकी छवि एक कर्मठ, ईमानदार और सख्त पुलिस अधिकारी की रही है।

जनता और मीडिया का समर्थन

मेदिनीनगर के आम लोग और पत्रकार वर्ग अभिमन्यु सिंह के पक्ष में खड़े दिखाई दे रहे हैं।
उनका कहना है कि यह वायरल वीडियो और उसके माध्यम से फैलाई जा रही गलतफहमियां एक सोची-समझी साजिश है, जिससे एक कर्तव्यनिष्ठ पुलिसकर्मी को मानसिक दबाव में लाया जा सके।

न्यूज़ देखो: ईमानदारी पर प्रहार, साजिश की पहचान जरूरी

न्यूज़ देखो यह मानता है कि प्रशासनिक सेवा में लगे ईमानदार अधिकारियों को सुरक्षा और समर्थन मिलना चाहिए।
यदि ऐसे कर्मियों के खिलाफ शरारती तत्व सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर हमला करते हैं, तो यह न केवल व्यक्ति विशेष, बल्कि व्यवस्था पर भी प्रहार है।
पुलिस विभाग को ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को उजागर करना चाहिए।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

अफवाहों से सावधान रहें, सच को पहचानें

समाज को चाहिए कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही किसी भी जानकारी पर आँख मूंदकर विश्वास न करे।
हमेशा तथ्यों की पड़ताल करें और किसी व्यक्ति की छवि धूमिल करने वाली साजिशों के खिलाफ आवाज उठाएं।
इस खबर पर अपनी राय नीचे कमेंट करें, इसे शेयर करें और बताएं कि आप क्या सोचते हैं — ईमानदार पुलिसकर्मी के साथ खड़ा होना वक्त की जरूरत है।

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