
#विश्रामपुर #पलामू #प्राण_प्रतिष्ठा : परशुराम मंदिर समारोह में ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी।
पलामू के मेदिनीनगर स्थित भगवान परशुराम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह में विष्णु मंदिर तोलरा के ग्रामीणों ने भाग लिया। परशुराम सेना भार्गव के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में ग्रामीणों को सम्मानित किया गया और मंदिर निर्माण में सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया गया। समारोह के दौरान हजारीबाग के पूर्व सांसद यदुनाथ पांडेय, सड़क सुरक्षा परिषद सदस्य रविन्द्र तिवारी और युवा समाजसेवी विकास दुबे से भी मुलाकात हुई। आयोजन धार्मिक आस्था और सामाजिक एकता का केंद्र बना रहा।
- विष्णु मंदिर तोलरा के ग्रामीणों ने प्राण प्रतिष्ठा में भाग लिया।
- परशुराम सेना भार्गव ने जय परशुराम पट्टा देकर सम्मानित किया।
- पूर्व सांसद यदुनाथ पांडेय सहित अन्य जनप्रतिनिधियों से मुलाकात।
- ग्रामीणों ने मंदिर निर्माण कार्य की सराहना की।
- कार्यक्रम में कई गणमान्य लोग रहे उपस्थित।
पलामू जिले के मेदिनीनगर में आयोजित भगवान परशुराम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा समारोह में झारखंड-बिहार क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालुओं की उपस्थिति दर्ज की गई। इस अवसर पर विष्णु मंदिर तोलरा के ग्रामीण भी सामूहिक रूप से शामिल हुए और परशुराम सेना भार्गव के प्रयासों की सराहना की।
समारोह धार्मिक आस्था और सामाजिक सहभागिता का केंद्र बना रहा, जहां ग्रामीणों ने मंदिर के बेहतर निर्माण के लिए आंशिक सहयोग प्रदान करते हुए शुभकामनाएं भी दीं। आयोजन का नेतृत्व परशुराम सेना भार्गव के संरक्षक मुकेश तिवारी ने किया।
ग्रामीणों का सम्मान और आमंत्रण
प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दौरान परशुराम सेना भार्गव की ओर से तोलरा के ग्रामीणों को “जय परशुराम” अंकित पट्टा देकर सम्मानित किया गया। यह सम्मान धार्मिक एकजुटता और सहयोग की भावना के प्रतीक के रूप में दिया गया।
कार्यक्रम में हजारीबाग के पूर्व सांसद यदुनाथ पांडेय, झारखंड राज्य सड़क सुरक्षा परिषद के सदस्य रविन्द्र तिवारी तथा विश्रामपुर विधानसभा क्षेत्र के युवा समाजसेवी विकास दुबे से भी मुलाकात हुई। परशुराम सेना भार्गव की ओर से उन्हें तोलरा स्थित विष्णु मंदिर में दर्शनार्थ आने का आमंत्रण दिया गया, जिस पर सभी ने सहमति प्रदान की।
विष्णु मंदिर तोलरा टीम की सहभागिता
विष्णु मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष तुलसी तिवारी के नेतृत्व में तोलरा की एक प्रतिनिधिमंडल टीम समारोह में शामिल हुई। टीम में सच्चिदानंद तिवारी, जगन्नाथ तिवारी, कौशल तिवारी, सेवानिवृत रेलवे ड्राइवर अशोक तिवारी, धर्मरक्षक सिद्धनाथ तिवारी, एडवोकेट कमल तिवारी, पत्रकार रामनिवास तिवारी सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे।
ग्रामीणों ने मंदिर परिसर में आयोजित धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया और आयोजन की व्यवस्थाओं की सराहना की।
भगवान परशुराम के व्यक्तित्व पर प्रकाश
कार्यक्रम के दौरान गढ़वा के एलआईसी डीओ बीरेंद्र तिवारी ने भगवान परशुराम के जीवन और उनके महत्व पर प्रकाश डाला।
बीरेंद्र तिवारी ने कहा: “भगवान विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम शिव के अनन्य उपासक थे। वे महेंद्र पर्वत पर तपस्या करते थे, फरसा धारण करते थे और ज्ञान तथा बल के प्रतीक माने जाते हैं। परशुराम मंदिर का निर्माण कराकर भार्गव की टीम ने ऐतिहासिक कार्य किया है।”
उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम ब्राह्मण समाज के पूजनीय हैं और उनके आदर्श आज भी समाज को दिशा देने वाले हैं।
सामाजिक और धार्मिक एकता का संदेश
यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सामाजिक समरसता और आपसी सहयोग का संदेश भी देता दिखाई दिया। विभिन्न क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को व्यापक स्वरूप दिया।
मंदिर निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा को लेकर उपस्थित लोगों ने इसे ऐतिहासिक पहल बताया और भविष्य में इसे क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक केंद्र के रूप में विकसित करने की अपेक्षा व्यक्त की।

न्यूज़ देखो: आस्था के साथ सामाजिक संवाद
भगवान परशुराम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा का यह आयोजन धार्मिक भावना के साथ सामाजिक संवाद का मंच भी बना। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की सहभागिता बताती है कि ऐसे कार्यक्रम केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं रहते, बल्कि समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं। अब देखना यह होगा कि भविष्य में इस पहल को किस प्रकार आगे बढ़ाया जाता है और धार्मिक स्थलों के माध्यम से सामाजिक समरसता को कितना सशक्त किया जा सकता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
आस्था से एकता की ओर
धार्मिक आयोजन तभी सार्थक होते हैं जब वे समाज को जोड़ें और सकारात्मक दिशा दें। ऐसे अवसर हमें अपनी सांस्कृतिक जड़ों को समझने और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने का अवसर देते हैं।
आप भी अपने क्षेत्र के धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
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