
#कोलेबिरा #शांति_बैठक : त्योहारों को शांतिपूर्ण बनाने हेतु प्रशासन ने दिशा-निर्देश जारी किए।
कोलेबिरा थाना परिसर में आगामी रामनवमी, सरहुल और ईद पर्व को लेकर शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों और विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सौहार्दपूर्ण माहौल सुनिश्चित करने पर विशेष चर्चा हुई। प्रशासन ने नई परंपराओं पर रोक और सोशल मीडिया पर सख्त निगरानी के निर्देश दिए।
- कोलेबिरा थाना परिसर में शांति समिति की बैठक आयोजित।
- बैठक की अध्यक्षता थाना प्रभारी हर्ष कुमार और अंचलाधिकारी अनूप कच्छप ने की।
- त्योहारों के दौरान नई परंपराओं पर पूर्ण प्रतिबंध के निर्देश।
- सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई।
- जुलूस के लिए पूर्व निर्धारित मार्ग और समय सीमा का पालन अनिवार्य।
- सभी समुदायों के प्रतिनिधियों ने प्रशासन को सहयोग का आश्वासन दिया।
कोलेबिरा थाना परिसर में आगामी प्रमुख त्योहारों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से शांति समिति की एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ क्षेत्र के विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखना और आपसी सौहार्द को मजबूत करना रहा।
त्योहारों को लेकर प्रशासन सतर्क
बैठक की संयुक्त अध्यक्षता थाना प्रभारी हर्ष कुमार और अंचलाधिकारी अनूप कच्छप ने की। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की नई परंपरा की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि पूर्व से चली आ रही परंपराओं का ही पालन किया जाए, जिससे किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो।
अंचलाधिकारी अनूप कच्छप ने कहा:
“कोलेबिरा की पहचान हमेशा से गंगा-जमुनी तहजीब की रही है। यहाँ सभी समुदाय एक-दूसरे के त्योहारों में मिल-जुलकर शामिल होते हैं।”
सोशल मीडिया पर विशेष निगरानी
बैठक में सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए प्रशासन ने सख्त चेतावनी जारी की। अधिकारियों ने कहा कि किसी भी प्रकार की भ्रामक या सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली पोस्ट करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
थाना प्रभारी हर्ष कुमार ने कहा:
“त्योहारों के दौरान पुलिस की गश्त बढ़ा दी जाएगी और असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखी जा रही है।”
उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अफवाह की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
जुलूस और आयोजन को लेकर दिशा-निर्देश
प्रशासन ने जुलूस और अन्य धार्मिक आयोजनों को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए। जुलूस के मार्ग का पूर्व निर्धारण किया जाएगा और सभी आयोजकों को निर्धारित समय सीमा का पालन करना अनिवार्य होगा।
अधिकारियों ने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आयोजकों से सहयोग की अपील की गई ताकि त्योहारों को शांति और सौहार्द के साथ संपन्न कराया जा सके।
जनप्रतिनिधियों और समाज के लोगों की भागीदारी
बैठक में क्षेत्र के विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई और प्रशासन को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
इस दौरान सुलभ नेल्सन डुंग डुंग, अभिषेक कुमार, कृष्णा दास, अशोक इंदवार, चिंतामणि कुमार, रणधीर सिंह, जनेश्वर बिल्हौर, संजीत कुमार, मुनेश्वर तिर्की, मनोज कुमार, राकेश कोंगड़ी, अमरनाथ सिंह, सुनील खड़िया, कृष्णा सिंह, अमित शाह, संजय कुमार, तजमुल अहमद और केदारनाथ सोनी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
सभी ने एक स्वर में कहा कि कोलेबिरा में भाईचारे और सौहार्द की परंपरा को कायम रखा जाएगा और किसी भी प्रकार की अफवाह या विवाद को बढ़ावा नहीं दिया जाएगा।
न्यूज़ देखो: सौहार्द बनाए रखने की सामूहिक जिम्मेदारी
कोलेबिरा में आयोजित यह शांति समिति बैठक यह दर्शाती है कि प्रशासन और समाज दोनों मिलकर त्योहारों को शांतिपूर्ण बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। सख्त निर्देशों के साथ-साथ सामुदायिक भागीदारी इस दिशा में एक सकारात्मक संकेत है। हालांकि, यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इन निर्देशों का पालन जमीन पर कितना प्रभावी होता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
मिलजुल कर मनाएं त्योहार, जिम्मेदार नागरिक बनें
त्योहार सिर्फ उत्सव नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और भाईचारे का प्रतीक होते हैं। ऐसे अवसरों पर हमारी जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है कि हम शांति और सद्भाव बनाए रखें।
अफवाहों से दूर रहें, सच को परखें और प्रशासन का सहयोग करें। छोटी सी लापरवाही भी बड़े विवाद का कारण बन सकती है, इसलिए सजग रहना जरूरी है।






