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बोलबा थाना में शांति समिति की बैठक, ईद, सरहुल और रामनवमी पर्व को लेकर प्रशासन ने दिए दिशा-निर्देश

#बोलबा #सिमडेगा #शांति_समिति_बैठक : आगामी पर्वों को शांतिपूर्ण ढंग से मनाने पर प्रशासन का जोर।

सिमडेगा जिले के बोलबा थाना परिसर में आगामी ईद, चैत्र नवरात्र, सरहुल और रामनवमी पर्व को लेकर शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अंचल अधिकारी सुधांशु पाठक ने की, जिसमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लिया। प्रशासन ने सभी त्योहारों को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाने की अपील की तथा जंगल में आग लगाने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी।

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  • बोलबा थाना परिसर में ईद, सरहुल, चैत्र नवरात्र और रामनवमी को लेकर शांति समिति की बैठक।
  • बैठक की अध्यक्षता अंचल अधिकारी सुधांशु पाठक, थाना प्रभारी देवीदास मुर्मू भी रहे मौजूद।
  • 21 मार्च को सरहुल जिला मुख्यालय में, 22 मार्च को बोलबा में शोभायात्रा निकाली जाएगी।
  • मालसाडा वनदुर्गा मंदिर में 23-25 मार्च तक चैती दुर्गा पूजा और धार्मिक अनुष्ठान।
  • जंगल में महुआ चुनने के दौरान आग लगाने वालों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी।

सिमडेगा जिले के बोलबा थाना परिसर में आगामी पर्व-त्योहारों को लेकर शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अंचल अधिकारी सुधांशु पाठक ने की, जिसमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान प्रशासन ने सभी समुदायों से अपील की कि आने वाले त्योहारों को आपसी भाईचारे और शांतिपूर्ण माहौल में मनाया जाए।

बैठक में ईद, चैत्र नवरात्र, सरहुल और रामनवमी के दौरान आयोजित होने वाले कार्यक्रमों और जुलूसों की जानकारी ली गई तथा सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

सरहुल पर्व को लेकर तैयारियां

बैठक में बताया गया कि 21 मार्च को सरहुल पर्व के अवसर पर जिला मुख्यालय में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें बोलबा प्रखंड के लोग भी भाग लेने के लिए जाएंगे।

इसके बाद 22 मार्च को बोलबा प्रखंड मुख्यालय में धूमधाम से सरहुल पर्व मनाया जाएगा। इस अवसर पर पारंपरिक शोभायात्रा भी निकाली जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल होंगे।

रामनवमी जुलूस में नौ गांवों की भागीदारी

रामनवमी पर्व को लेकर भी बैठक में चर्चा की गई। प्रशासन ने बताया कि इस अवसर पर बोलबा प्रखंड मुख्यालय में आयोजित जुलूस में नौ गांवों के लोग भाग लेंगे

प्रशासन ने आयोजकों से कहा कि जुलूस के दौरान अनुशासन और शांति बनाए रखना जरूरी है ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।

चैती दुर्गा पूजा और मेले का आयोजन

बैठक में जानकारी दी गई कि मालसाडा वनदुर्गा मंदिर में चैती दुर्गा पूजा का आयोजन किया जाएगा। यह धार्मिक कार्यक्रम 23, 24 और 25 मार्च 2026 को आयोजित होगा।

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इस दौरान वासंतिक नवरात्र के अवसर पर तीन दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान के साथ मेला भी लगेगा, जिसमें आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना है।

शराब पीकर कार्यक्रम में शामिल होने पर रोक

बैठक के दौरान अंचल अधिकारी ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि सरहुल और रामनवमी जैसे पर्वों के दौरान शराब पीकर किसी भी कार्यक्रम में शामिल होना वर्जित रहेगा

अंचल अधिकारी सुधांशु पाठक ने कहा: “सभी पर्व-त्योहारों को शांति और सौहार्द के साथ मनाया जाए। किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”

उन्होंने कहा कि प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

जंगल में आग लगाने वालों पर होगी कार्रवाई

बैठक में जंगलों में लगने वाली आग के मुद्दे पर भी गंभीर चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि महुआ चुनने के दौरान कुछ लोग जंगलों में आग लगा देते हैं, जिससे जंगल के पेड़-पौधों, वन्यजीवों और पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है।

अंचल अधिकारी ने कहा कि इस विषय पर 17 मार्च को प्रखंड कार्यालय में एक विशेष बैठक आयोजित की जाएगी और जंगल में आग लगाने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों पर भी कार्रवाई

प्रशासन ने यह भी कहा कि बोलबा प्रखंड मुख्यालय में सड़क के किनारे सफेद लाइन के पास अतिक्रमण कर दुकान लगाने वाले दुकानदारों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों ने कहा कि सड़क किनारे अतिक्रमण से यातायात प्रभावित होता है और दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है।

स्थानीय संसाधनों से जीविकोपार्जन पर जोर

बैठक में यह भी बताया गया कि इस क्षेत्र में जंगलों से मिलने वाले महुआ, डोरी, लाह, कुसुम, चिरौंजी, तेंदू पत्ता, झाड़ू, कंद-मूल और फल-फूल जैसे वनोपज लोगों के लिए जीविकोपार्जन का महत्वपूर्ण साधन हैं।

अधिकारियों ने कहा कि यहां की महिलाओं को रोजगार के लिए बाहर जाने या अवैध गतिविधियों में शामिल होने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि क्षेत्र में प्राकृतिक संसाधनों के माध्यम से पर्याप्त आजीविका के अवसर उपलब्ध हैं।

कई जनप्रतिनिधि रहे मौजूद

बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ कई जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग उपस्थित रहे। इनमें अंचल अधिकारी सुधांशु पाठक, थाना प्रभारी देवीदास मुर्मू, बी पी यादव, प्रमुख सुनीता केरकेटा, आमंत्रण मांझी, सुरजन बड़ाइक, मोतीराम सेनापति, किशोर सिंह और जैनुल अंसारी समेत अन्य लोग शामिल थे।

न्यूज़ देखो: त्योहारों की तैयारी के साथ पर्यावरण और कानून व्यवस्था पर भी फोकस

बोलबा में आयोजित शांति समिति की बैठक यह दर्शाती है कि प्रशासन त्योहारों की तैयारी के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और कानून व्यवस्था पर भी गंभीरता से ध्यान दे रहा है। जंगलों में आग लगाने और अतिक्रमण जैसी समस्याओं पर सख्त रुख अपनाना जरूरी है।

यदि प्रशासन और स्थानीय समाज मिलकर काम करें तो त्योहारों का माहौल सुरक्षित और आनंदपूर्ण बनाया जा सकता है।

हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

मिलकर मनाएं त्योहार, बचाएं प्रकृति और समाज

त्योहार हमारी संस्कृति और परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इन्हें शांति, भाईचारे और अनुशासन के साथ मनाना हम सभी की जिम्मेदारी है।

साथ ही जंगलों और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करना भी उतना ही जरूरी है। जागरूक बनें, नियमों का पालन करें और अपने क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव का हिस्सा बनें।

अपनी राय कमेंट में जरूर लिखें और इस खबर को अधिक से अधिक लोगों तक साझा करें ताकि समाज में जागरूकता बढ़ सके।

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Shivnandan Baraik

बानो, सिमडेगा

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