
#मनिका #लातेहार #सरस्वती_पूजा : प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने मिलकर पूजा को सौहार्दपूर्ण ढंग से संपन्न कराने पर की विस्तृत चर्चा।
- मनिका थाना परिसर में सरस्वती पूजा को लेकर शांति समिति की बैठक आयोजित।
- बैठक की अध्यक्षता अंचलाधिकारी अमन कुमार ने की।
- बीडीओ संदीप कुमार और थाना प्रभारी प्रभात कुमार दास रहे मौजूद।
- अश्लील गानों पर पूर्ण प्रतिबंध और वॉलिंटियर सूची थाना में जमा करने का निर्देश।
- विसर्जन जुलूस के दौरान शराब सेवन और हुड़दंग पर सख्त रोक।
- पूजा के दौरान प्रशासनिक गश्ती और निगरानी बढ़ाने का निर्णय।
मनिका (लातेहार)। सरस्वती पूजा को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से मनिका थाना परिसर में शांति समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अंचलाधिकारी अमन कुमार ने की। इस बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और पूजा समिति के सदस्यों ने भाग लिया और आपसी समन्वय से पर्व मनाने पर सहमति जताई।
बैठक में विशेष रूप से प्रखंड विकास पदाधिकारी संदीप कुमार, थाना प्रभारी प्रभात कुमार दास, प्रमुख प्रतिमा देवी, सांसद प्रतिनिधि अंकित कुमार, बीस अध्यक्ष विश्वनाथ पासवान सहित कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। बैठक का उद्देश्य पूजा के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था, विवाद या असामाजिक गतिविधियों को रोकना और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना रहा।
शांति और अनुशासन बनाए रखने की अपील
बैठक को संबोधित करते हुए अंचलाधिकारी अमन कुमार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरस्वती पूजा आस्था और विद्या का पर्व है, इसे पूरी श्रद्धा और शांति के साथ मनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पूजा पंडालों और जुलूसों के दौरान अश्लील गानों के बजाने से सख्ती से परहेज किया जाए, ताकि सामाजिक सौहार्द बना रहे।
उन्होंने सभी पूजा समितियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने वॉलिंटियरों की सूची थाना में पूर्व में जमा करें, जिससे किसी भी आपात स्थिति में पहचान और समन्वय में परेशानी न हो। साथ ही पूजा पंडालों में आने-जाने वाले श्रद्धालुओं, खासकर बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने को कहा गया।
विसर्जन जुलूस पर विशेष निगरानी
अंचलाधिकारी ने विसर्जन जुलूस को लेकर भी दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि विसर्जन के दौरान शराब का सेवन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। किसी भी प्रकार की लड़ाई-झगड़ा, हुड़दंग या शांति व्यवस्था भंग करने की कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कहीं भी किसी प्रकार की अव्यवस्था या तनाव की स्थिति उत्पन्न होती है, तो इसकी तत्काल सूचना प्रशासन या पुलिस को दी जाए, ताकि समय रहते स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।
पुलिस रहेगी पूरी तरह मुस्तैद
थाना प्रभारी प्रभात कुमार दास ने अपने संबोधन में कहा कि सरस्वती पूजा के दौरान पुलिस प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद रहेगा। पूजा और विसर्जन के समय नियमित गश्ती की जाएगी और संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
उन्होंने आम लोगों और पूजा समितियों से अपील की कि वे प्रशासन का भरपूर सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। थाना प्रभारी ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य किसी पर सख्ती करना नहीं, बल्कि सभी के सहयोग से पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना है।
जनप्रतिनिधियों ने दिया सहयोग का भरोसा
बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने भी प्रशासन को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। प्रमुख प्रतिमा देवी, सांसद प्रतिनिधि अंकित कुमार और बीस अध्यक्ष विश्वनाथ पासवान ने कहा कि सरस्वती पूजा सामाजिक एकता का पर्व है और इसे मिल-जुलकर मनाना सभी की जिम्मेदारी है।
उन्होंने पूजा समितियों और युवाओं से अपील की कि वे नियमों का पालन करें और प्रशासन के निर्देशों को गंभीरता से लें। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि छोटी-छोटी सावधानियों से बड़ी घटनाओं को रोका जा सकता है।
सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील
बैठक में मौजूद समाजसेवियों और स्थानीय लोगों ने भी अपने सुझाव रखे। उन्होंने ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण, समयबद्ध विसर्जन और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने पर जोर दिया। सभी ने एकमत से कहा कि पूजा के दौरान किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचें और आपसी भाईचारे को प्राथमिकता दें।
बैठक में रहे ये लोग उपस्थित
इस अवसर पर मिथिलेश पासवान, उमेश यादव, डिग्लू राय, मनोज यादव, दिनेश प्रसाद सहित कई स्थानीय लोग, पूजा समिति के सदस्य और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे। सभी ने प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और शांतिपूर्ण पूजा आयोजन का संकल्प लिया।
न्यूज़ देखो: प्रशासन और समाज का समन्वय
मनिका में आयोजित शांति समिति की बैठक यह दर्शाती है कि प्रशासन और समाज मिलकर त्योहारों को सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण बना सकते हैं। स्पष्ट दिशा-निर्देश, जनप्रतिनिधियों की भागीदारी और लोगों की जागरूकता से किसी भी पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया जा सकता है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
शांति, श्रद्धा और जिम्मेदारी का पर्व
सरस्वती पूजा केवल उत्सव नहीं, बल्कि अनुशासन और संस्कार का संदेश भी है।
प्रशासन के साथ सहयोग कर हम सभी इसे यादगार बना सकते हैं।
आप भी अपने क्षेत्र में शांति और सौहार्द बनाए रखने में योगदान दें।
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