#जलडेगा #पर्यावरण_संरक्षण : विश्व पर्यावरण दिवस पर फलदार पौधे लगाकर हरित भविष्य का संकल्प लिया गया।
सिमडेगा जिले के जलडेगा प्रखंड में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। लीड्स संस्था के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न फलदार पौधे लगाए गए। अधिकारियों एवं संस्था प्रतिनिधियों ने पर्यावरण संरक्षण और जलवायु संतुलन के लिए वृक्षारोपण का संदेश दिया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को प्रकृति संरक्षण के प्रति जागरूक करना और हरित भविष्य के निर्माण के लिए प्रेरित करना था।
- जलडेगा प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर में विश्व पर्यावरण दिवस पर पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित हुआ।
- बीडीओ डॉ. प्रवीण कुमार ने पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
- आम, अमरूद, नींबू, कटहल और लीची सहित विभिन्न फलदार पौधों का रोपण किया गया।
- लीड्स संस्था के प्रतिनिधियों ने भी पौधारोपण कर संरक्षण का संकल्प लिया।
- कार्यक्रम में आलोक कुमार, कलिंद्र प्रधान, जूही कुमारी, ललिता कंडुलना समेत कई लोग उपस्थित रहे।
- पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने और पौधों की देखभाल पर विशेष जोर दिया गया।
सिमडेगा जिले के जलडेगा प्रखंड में शुक्रवार को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु संतुलन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में अधिकारियों, सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों एवं स्थानीय लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को वृक्षों के महत्व और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता के प्रति जागरूक किया गया।
विश्व पर्यावरण दिवस की थीम के साथ हुआ आयोजन
इस वर्ष विश्व पर्यावरण दिवस की थीम “प्रकृति से प्रेरित, जलवायु के लिए, हमारे भविष्य के लिए” रखी गई है। इसी संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से लीड्स संस्था के तत्वावधान में पौधारोपण अभियान चलाया गया। कार्यक्रम के दौरान कार्यालय परिसर को हरित बनाने के साथ-साथ लोगों को पौधारोपण के लिए प्रेरित किया गया।
फलदार पौधों का किया गया रोपण
कार्यक्रम के दौरान आम, अमरूद, नींबू, कटहल एवं लीची सहित विभिन्न प्रकार के फलदार पौधे लगाए गए। आयोजकों ने बताया कि फलदार पौधे न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक होते हैं, बल्कि भविष्य में पोषण और आर्थिक लाभ का भी स्रोत बनते हैं। इसलिए ऐसे पौधों को प्राथमिकता दी गई।
बीडीओ डॉ. प्रवीण कुमार ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित प्रखंड विकास पदाधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार ने पौधारोपण कर अभियान की शुरुआत की।
डॉ. प्रवीण कुमार ने कहा, “बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच पर्यावरण संरक्षण आज की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गई है। प्रत्येक व्यक्ति को पौधारोपण करने के साथ उसकी देखभाल की जिम्मेदारी भी निभानी चाहिए। वृक्ष हमारे जीवन, स्वास्थ्य और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का आधार हैं।”
उन्होंने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके संरक्षण और संवर्धन के लिए भी सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।
लीड्स संस्था ने निभाई सक्रिय भूमिका
कार्यक्रम में लीड्स संस्था के परियोजना समन्वयक आलोक कुमार, कलिंद्र प्रधान, जूही कुमारी एवं ललिता कंडुलना ने भी एक-एक पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। संस्था के प्रतिनिधियों ने कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए वृक्षारोपण सबसे प्रभावी उपायों में से एक है।
उन्होंने लोगों से अपने घरों, विद्यालयों, कार्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने की अपील की।
सामूहिक सहभागिता से सफल हुआ कार्यक्रम
पौधारोपण कार्यक्रम में मार्टिन, अंजनी कुमारी, अल्पना कुमारी सहित अन्य लोगों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। सभी प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर कार्य करने और समाज में जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के दौरान यह संदेश दिया गया कि यदि प्रत्येक व्यक्ति प्रतिवर्ष कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करे, तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।
न्यूज़ देखो: पौधारोपण तभी सार्थक जब संरक्षण भी हो
विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित ऐसे कार्यक्रम समाज में सकारात्मक संदेश देने का कार्य करते हैं। बढ़ते प्रदूषण, घटते वन क्षेत्र और बदलते जलवायु चक्र के बीच वृक्षारोपण अब केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि आवश्यकता बन चुका है। जलडेगा में अधिकारियों और सामाजिक संस्थाओं की संयुक्त पहल सराहनीय है, लेकिन इसकी वास्तविक सफलता तभी मानी जाएगी जब लगाए गए पौधों का संरक्षण भी सुनिश्चित किया जाए। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
एक पौधा आज, सुरक्षित भविष्य कल
प्रकृति हमें जीवन देती है, इसलिए उसकी रक्षा करना हमारा नैतिक दायित्व है।
पेड़ केवल ऑक्सीजन ही नहीं देते, बल्कि जल संरक्षण, जैव विविधता और जलवायु संतुलन के भी आधार हैं।
यदि हम आज पर्यावरण के प्रति सजग होंगे, तो आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित और स्वच्छ पृथ्वी दे सकेंगे।
अपने घर, गांव, स्कूल और कार्यस्थल पर एक पौधा अवश्य लगाएं और उसकी देखभाल का संकल्प लें।
पर्यावरण संरक्षण से जुड़े अपने विचार कमेंट में साझा करें, इस खबर को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं और हरित भविष्य के इस अभियान में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।

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