
#बरवाडीह #स्वच्छ_विद्यालय : पीएम श्री विद्यालय ने स्वच्छता, हरियाली और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा में रचा नया मानक।
लातेहार जिले के बरवाडीह प्रखंड स्थित पीएम श्री राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय होरीलौंग ने स्वच्छता, हरित वातावरण और शैक्षणिक गुणवत्ता के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। विद्यालय ने संगठित प्रयासों से न केवल अपने परिसर को आदर्श बनाया, बल्कि पूरे जिले के लिए प्रेरणा प्रस्तुत की है। झारखंड सरकार द्वारा स्वच्छ भारत मिशन अवार्ड से सम्मानित यह विद्यालय अब राज्य स्तर पर पहचान बना रहा है। यह उपलब्धि शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण के समन्वय का सशक्त उदाहरण है।
- पीएम श्री राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय होरीलौंग बना स्वच्छ एवं हरित विद्यालय की मिसाल।
- बरवाडीह प्रखंड के साथ पूरे लातेहार जिले का बढ़ाया मान।
- प्रभारी प्रधानाध्यापक नन्देव राम के नेतृत्व में हुए नवाचारपूर्ण कार्य।
- विद्यालय को झारखंड सरकार का स्वच्छ भारत मिशन अवार्ड प्राप्त।
- स्वच्छता, पौधारोपण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष फोकस।
लातेहार जिले के बरवाडीह प्रखंड अंतर्गत स्थित पीएम श्री राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय होरीलौंग ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि नेतृत्व मजबूत हो और टीम भावना के साथ कार्य किया जाए, तो सरकारी विद्यालय भी उत्कृष्टता की मिसाल बन सकते हैं। यह विद्यालय अब केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं रह गया है, बल्कि स्वच्छता, हरियाली और अनुशासन का ऐसा मॉडल बन चुका है, जिसकी सराहना शिक्षा विभाग से लेकर आम नागरिकों तक द्वारा की जा रही है।
विद्यालय परिसर में प्रवेश करते ही साफ-सुथरे रास्ते, सुव्यवस्थित कक्षाएं, हरियाली से आच्छादित वातावरण और अनुशासन की स्पष्ट झलक मिलती है। यह परिवर्तन किसी एक दिन का परिणाम नहीं, बल्कि निरंतर किए गए सुनियोजित प्रयासों का फल है, जिसने विद्यालय को एक नई पहचान दिलाई है।
प्रभारी प्रधानाध्यापक के नेतृत्व में बदली विद्यालय की तस्वीर
विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक नन्देव राम के कुशल नेतृत्व में यहां शिक्षा और स्वच्छता को समान महत्व दिया गया है। उनके मार्गदर्शन में विद्यालय में नियमित साफ-सफाई, शौचालयों की सुचारू व्यवस्था, कक्षाओं का सुव्यवस्थित संचालन और बच्चों में स्वच्छता की आदत विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया गया।
उन्होंने विद्यालय को केवल शैक्षणिक गतिविधियों तक सीमित न रखते हुए पर्यावरण संरक्षण को भी पाठ्यक्रम और दैनिक जीवन का हिस्सा बनाया। पौधारोपण, हरियाली संरक्षण और स्वच्छता अभियान को विद्यालय की संस्कृति में शामिल किया गया, जिससे छात्र-छात्राओं में जिम्मेदारी और जागरूकता का विकास हुआ।
प्रभारी प्रधानाध्यापक नन्देव राम ने कहा:
“विद्यालय तभी आगे बढ़ता है जब शिक्षा के साथ स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दी जाए। हमारा प्रयास है कि बच्चे यहां से अच्छे नागरिक बनकर निकलें।”
स्वच्छता और हरित वातावरण बना पहचान
विद्यालय परिसर में नियमित रूप से पौधारोपण किया गया है, जिससे चारों ओर हरियाली नजर आती है। ग्रीन प्लांट आधारित क्लासरूम, स्वच्छ पेयजल व्यवस्था और साफ-सुथरे शौचालय विद्यालय की प्रमुख विशेषताओं में शामिल हैं। छात्र-छात्राओं को स्वयं स्वच्छता गतिविधियों से जोड़ा गया, जिससे वे केवल निर्देशों का पालन नहीं, बल्कि व्यवहार में स्वच्छता को अपनाएं।
स्वच्छता अभियान को विद्यालय स्तर पर गंभीरता से लागू किया गया, जिसमें शिक्षक, विद्यार्थी और विद्यालय कर्मी सभी की सक्रिय भागीदारी रही। इसका सकारात्मक प्रभाव बच्चों की आदतों और विद्यालय के वातावरण पर स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
झारखंड सरकार का स्वच्छ भारत मिशन अवार्ड
विद्यालय द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्यों को देखते हुए झारखंड सरकार ने इसे स्वच्छ भारत मिशन अवार्ड से सम्मानित किया। यह सम्मान पूरे विद्यालय परिवार के लिए गर्व का विषय है। इस उपलब्धि से न केवल विद्यालय, बल्कि बरवाडीह प्रखंड और पूरा लातेहार जिला राज्य स्तर पर चर्चित हुआ है।
इस सम्मान ने यह साबित किया है कि यदि योजनाओं का सही ढंग से क्रियान्वयन किया जाए, तो सरकारी विद्यालय भी राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर उदाहरण बन सकते हैं।
शैक्षणिक गुणवत्ता पर भी समान फोकस
स्वच्छता और हरियाली के साथ-साथ विद्यालय ने शैक्षणिक क्षेत्र में भी निरंतर प्रगति की है। यहां कार्यरत अनुभवी, योग्य और समर्पित शिक्षक विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। कक्षा-कक्षों में पर्याप्त बेंच-डेस्क, आधुनिक शिक्षण सामग्री और अनुशासित वातावरण उपलब्ध है।
विद्यालय में पढ़ाई के साथ-साथ बच्चों के नैतिक, सामाजिक और पर्यावरणीय मूल्यों के विकास पर भी जोर दिया जाता है। इससे विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, जिम्मेदारी और सामूहिक भावना का विकास हो रहा है।
पूर्व में भी मिल चुके हैं सम्मान
प्रभारी प्रधानाध्यापक नन्देव राम को विद्यालय के शैक्षणिक विकास, स्वच्छता और अनुशासन को सुदृढ़ करने के लिए विभागीय एवं जिला स्तर पर पूर्व में भी कई बार सम्मानित किया जा चुका है। यह दर्शाता है कि उनका योगदान केवल एक विद्यालय तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र के लिए प्रेरणादायक है।
विद्यालय प्रबंधन, शिक्षक और कर्मचारियों के सामूहिक प्रयास से पीएम श्री राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय होरीलौंग आज एक आदर्श शैक्षणिक संस्थान के रूप में स्थापित हो चुका है।



न्यूज़ देखो: सरकारी विद्यालयों के लिए प्रेरक उदाहरण
पीएम श्री राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय होरीलौंग की यह उपलब्धि बताती है कि संसाधनों की सीमाओं के बावजूद नवाचार और नेतृत्व से बड़ा बदलाव संभव है। यह विद्यालय अन्य सरकारी विद्यालयों के लिए एक प्रेरक मॉडल है, जहां स्वच्छता, हरियाली और शिक्षा एक साथ आगे बढ़ सकते हैं। अब यह देखने की आवश्यकता है कि इस मॉडल को जिले के अन्य विद्यालयों में कैसे लागू किया जाता है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जब विद्यालय बदलते हैं, तब समाज आगे बढ़ता है
स्वच्छ और हरित विद्यालय केवल बच्चों को बेहतर वातावरण नहीं देते, बल्कि समाज को जिम्मेदार नागरिक भी देते हैं। होरीलौंग विद्यालय की सफलता यह संदेश देती है कि सामूहिक प्रयास से बड़ा बदलाव संभव है। यदि आपके क्षेत्र में भी ऐसे प्रयास हो रहे हैं, तो उन्हें प्रोत्साहित करें। अपनी राय साझा करें, इस खबर को आगे बढ़ाएं और शिक्षा व स्वच्छता के इस सकारात्मक अभियान का हिस्सा बनें।







