News dekho specials
Chaibasa

सारंडा के दुर्दूरा जंगल में सुरक्षाबलों की बड़ी कार्रवाई, नक्सलियों के गढ़ में घंटों चली भीषण मुठभेड़

#पश्चिमसिंहभूम #नक्सलमुठभेड़ : चाईबासा के सारंडा जंगल में सीआरपीएफ और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से नक्सल नेटवर्क पर बड़ा प्रहार।

झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले के चाईबासा अंतर्गत सारंडा जंगल में गुरुवार सुबह नक्सलियों और सुरक्षाबलों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई। यह मुठभेड़ छोटानागरा थाना क्षेत्र के बहदा और कुमडीह गांव के बीच स्थित दुर्दूरा जंगल में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान हुई। कई घंटों तक चली इस कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के गढ़ में दबाव बनाया, जिससे पूरे इलाके में अलर्ट घोषित कर दिया गया। घटना को सुरक्षा एजेंसियां नक्सल नेटवर्क के लिए बड़ा झटका मान रही हैं।

Join News देखो WhatsApp Channel
  • सारंडा जंगल में गुरुवार सुबह हुई भीषण मुठभेड़।
  • सीआरपीएफ और जिला पुलिस की संयुक्त नक्सल विरोधी कार्रवाई।
  • छोटानागरा थाना क्षेत्र के दुर्दूरा जंगल में हुई गोलीबारी।
  • एके-47, इंसास सहित ऑटोमैटिक हथियारों से फायरिंग।
  • 10 नक्सलियों के मारे जाने की चर्चा, आधिकारिक पुष्टि शेष।
  • 50 लाख का इनामी नक्सली कमांडर मारे जाने की संभावना।

झारखंड के नक्सल प्रभावित पश्चिम सिंहभूम जिले में गुरुवार, 22 जनवरी की सुबह एक बार फिर गोलियों की गूंज सुनाई दी। चाईबासा के दुर्गम और घने सारंडा जंगल में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच यह मुठभेड़ नक्सल विरोधी अभियान के तहत हुई, जिसे हाल के वर्षों की बड़ी कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है। घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत के साथ-साथ सुरक्षा एजेंसियों की सक्रियता भी तेज हो गई है।

दुर्दूरा जंगल में शुरू हुई मुठभेड़

प्राप्त जानकारी के अनुसार, छोटानागरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत बहदा और कुमडीह गांव के बीच स्थित दुर्दूरा जंगल में सीआरपीएफ और जिला पुलिस की संयुक्त टीम नियमित सर्च ऑपरेशन पर निकली थी। इसी दौरान सुबह करीब 6 बजे नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर अचानक फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में जवानों ने मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की।

घने जंगल और पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण मुठभेड़ कई घंटों तक चलती रही। दोनों ओर से लगातार गोलीबारी होती रही, जिससे पूरा इलाका थर्रा उठा।

कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई गोलियों की आवाज

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, मुठभेड़ के दौरान एके-47, इंसास और अन्य ऑटोमैटिक हथियारों से ताबड़तोड़ फायरिंग की आवाजें कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दीं। सुबह-सुबह अचानक हुई गोलीबारी से आसपास के गांवों में भय का माहौल बन गया और लोग घरों में दुबकने को मजबूर हो गए।

ग्रामीणों ने बताया कि लंबे समय बाद इलाके में इतनी भीषण मुठभेड़ देखने को मिली है, जिससे यह स्पष्ट है कि सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के मजबूत ठिकाने पर सीधा प्रहार किया है।

10 नक्सलियों के मारे जाने की चर्चा

इलाके में चर्चा है कि इस मुठभेड़ में करीब 10 नक्सली मारे गए हैं, हालांकि इस संबंध में पुलिस और सीआरपीएफ की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। सुरक्षा कारणों से अंतिम आंकड़े सर्च ऑपरेशन पूरा होने के बाद ही सार्वजनिक किए जाने की संभावना है।

सूत्रों का यह भी दावा है कि मारे गए नक्सलियों में संगठन का एक टॉप नक्सली कमांडर भी शामिल हो सकता है, जिस पर 50 लाख रुपये का इनाम घोषित था। यदि इसकी पुष्टि होती है, तो यह नक्सल संगठन के लिए एक बड़ा झटका माना जाएगा।

News dekho specials

सर्च ऑपरेशन और हाई अलर्ट

मुठभेड़ के बाद से दुर्दूरा जंगल और आसपास के क्षेत्रों में व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। अतिरिक्त सुरक्षा बलों को मौके पर भेजा गया है और पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है।

सुरक्षाबल यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि कोई भी नक्सली भागने में सफल न हो और इलाके को पूरी तरह सुरक्षित किया जा सके। जंगलों में संभावित आईईडी और अन्य विस्फोटकों को लेकर भी विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

सारंडा क्षेत्र रहा है नक्सलियों का गढ़

सारंडा जंगल लंबे समय से नक्सल गतिविधियों के लिए कुख्यात रहा है। घना जंगल, दुर्गम पहाड़ियां और सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण यह इलाका नक्सलियों के लिए सुरक्षित पनाहगाह माना जाता रहा है। हालांकि, बीते कुछ वर्षों में लगातार चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियानों से उनकी गतिविधियों पर काफी हद तक अंकुश लगा है।

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस ताजा कार्रवाई से नक्सल नेटवर्क को बड़ा नुकसान पहुंचा है और उनके मनोबल पर भी असर पड़ेगा।

न्यूज़ देखो: नक्सलवाद पर निर्णायक दबाव का संकेत

सारंडा जंगल में हुई यह मुठभेड़ यह संकेत देती है कि सुरक्षाबल अब नक्सलियों के गढ़ में घुसकर निर्णायक कार्रवाई करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। हालांकि आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है, लेकिन जिस तरह से ऑपरेशन को अंजाम दिया गया, वह नक्सल विरोधी अभियान की गंभीरता को दर्शाता है। अब यह देखना अहम होगा कि आने वाले दिनों में सर्च ऑपरेशन के क्या नतीजे सामने आते हैं।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

शांति और सुरक्षा की दिशा में मजबूत कदम

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापित करना केवल सुरक्षाबलों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी साझा जिम्मेदारी है। इस तरह की कार्रवाइयां सुरक्षा की दिशा में भरोसा मजबूत करती हैं। आप इस खबर पर अपनी राय साझा करें, इसे दूसरों तक पहुंचाएं और देश की आंतरिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाने में योगदान दें।

📥 Download E-Paper

यह खबर आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण थी?

रेटिंग देने के लिए किसी एक स्टार पर क्लिक करें!

इस खबर की औसत रेटिंग: 0 / 5. कुल वोट: 0

अभी तक कोई वोट नहीं! इस खबर को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

चूंकि आपने इस खबर को उपयोगी पाया...

हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें!

News dekho specials


IMG-20251223-WA0009
IMG-20250723-WA0070
आगे पढ़िए...
News dekho specials

नीचे दिए बटन पर क्लिक करके हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें


Related News

ये खबर आपको कैसी लगी, अपनी प्रतिक्रिया दें

Back to top button
error: