स्व. महेश्वर राम बेसरा जयंती महोत्सव को लेकर सिमडेगा में तैयारियां तेज, पुरखों के सम्मान का लिया गया संकल्प

स्व. महेश्वर राम बेसरा जयंती महोत्सव को लेकर सिमडेगा में तैयारियां तेज, पुरखों के सम्मान का लिया गया संकल्प

author Satyam Kumar Keshri
2 Views Download E-Paper (0)
#सिमडेगा #जयंती_महोत्सव : समाज के पुरखों के योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।

सिमडेगा जिले के पाकर डांड प्रखंड स्थित दीपा टोली में आगामी 5 जून को आयोजित होने वाले स्व. महेश्वर राम बेसरा जयंती महोत्सव की तैयारियों को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में समाज के पुरखों के संघर्ष और योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने तथा सामाजिक एकता को मजबूत करने पर चर्चा हुई। कार्यक्रम को भव्य बनाने के लिए संचालन समिति का गठन करते हुए समाज के लोगों से सक्रिय भागीदारी की अपील की गई।

Join WhatsApp
  • 5 जून को आयोजित होगा स्व. महेश्वर राम बेसरा जयंती महोत्सव
  • दीपा टोली में हुई बैठक में सामाजिक एकता और संस्कृति संरक्षण पर जोर।
  • श्रद्धानंद बेसरा ने समाज के पुरखों के योगदान को याद रखने की बात कही।
  • समाज के लिए योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित करने का निर्णय लिया गया।
  • कार्यक्रम संचालन के लिए मदन प्रधान के नेतृत्व में समिति गठित हुई।
  • बैठक में समाज के कई पदाधिकारी और गणमान्य लोग मौजूद रहे।

सिमडेगा जिले के पाकर डांड प्रखंड अंतर्गत शिकारियाडांड पंचायत के ग्राम दीपा टोली में गोंड जनजाति उत्थान परिषद सिमडेगा एवं बागडांड महल्ला समिति के संयुक्त तत्वावधान में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी 5 जून को आयोजित होने वाले स्व. महेश्वर राम बेसरा जयंती महोत्सव की तैयारियों को अंतिम रूप देना था। इस दौरान समाज के उत्थान, सांस्कृतिक पहचान और पुरखों के योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने पर विशेष चर्चा की गई।

बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ समाजसेवी दिना नाथ बेसरा ने की। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने समाज की एकजुटता और सामाजिक जागरूकता को मजबूत करने के लिए इस तरह के आयोजनों को आवश्यक बताया। वक्ताओं ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को अपनी जड़ों और इतिहास से जोड़ने का काम करते हैं।

समाज के योगदानकर्ताओं को सम्मानित करने का निर्णय

बैठक में भाजपा नेता एवं सामाजिक कार्यकर्ता श्रद्धानंद बेसरा ने कहा कि प्रत्येक वर्ष बागडांड में स्व. महेश्वर राम बेसरा की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई जाती है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष भी कार्यक्रम को भव्य रूप दिया जाएगा और समाज के उन लोगों को सम्मानित किया जाएगा जिन्होंने अपने समय, श्रम और जमीन देकर समाज को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

श्रद्धानंद बेसरा ने कहा: “समाज के पुरखों के संघर्ष और योगदान को याद रखना आज की पीढ़ी की जिम्मेदारी है।”

उन्होंने कहा कि समाज सेवा और सांस्कृतिक चेतना को आगे बढ़ाने के लिए युवाओं को प्रेरित करना जरूरी है। ऐसे कार्यक्रमों से नई पीढ़ी को अपने इतिहास और परंपराओं की जानकारी मिलती है।

युवाओं को संस्कृति और समाज सेवा से जोड़ने पर जोर

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि आधुनिक समय में युवा पीढ़ी तेजी से अपनी पारंपरिक संस्कृति और सामाजिक मूल्यों से दूर होती जा रही है। ऐसे में समाज के महापुरुषों और पुरखों की जयंती मनाना केवल श्रद्धांजलि देना नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना को मजबूत करना भी है।

श्रद्धानंद बेसरा ने कहा: “ऐसे आयोजन युवाओं को अपनी संस्कृति, इतिहास और समाज सेवा की भावना से जोड़ने का कार्य करेंगे।”

बैठक में यह भी कहा गया कि समाज की एकता और विकास के लिए सभी लोगों को मिलकर काम करना होगा। सामूहिक प्रयासों से ही सामाजिक उत्थान संभव है।

5 जून को होगा भव्य आयोजन

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 5 जून को स्व. महेश्वर राम बेसरा जयंती महोत्सव समिति एवं गोंड अनुसूचित जनजाति उत्थान परिषद सिमडेगा जिला के संयुक्त तत्वावधान में भव्य जयंती महोत्सव आयोजित किया जाएगा।

कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए विभिन्न जिम्मेदारियां तय की गईं। आयोजन के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम, समाज के वरिष्ठ लोगों का सम्मान और सामाजिक जागरूकता से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

मदन प्रधान के नेतृत्व में बनी संचालन समिति

महोत्सव की तैयारी और संचालन को व्यवस्थित तरीके से पूरा करने के लिए मदन प्रधान के नेतृत्व में संचालन समिति का गठन किया गया। समिति को कार्यक्रम स्थल की तैयारी, अतिथि स्वागत, मंच संचालन और अन्य व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी दी गई।

समिति के सदस्यों ने भरोसा दिलाया कि इस वर्ष का आयोजन समाज के लिए प्रेरणादायक और ऐतिहासिक होगा।

कई गणमान्य लोग रहे उपस्थित

बैठक में गोंड अनुसूचित जनजाति उत्थान परिषद के जिला अध्यक्ष बजरू मांझी, सचिव जोगेश्वर भोय, कोषाध्यक्ष अनिल प्रधान सहित समाज के कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

सभी वक्ताओं ने समाज की एकजुटता और सामाजिक जागरूकता को मजबूत करने के लिए ऐसे कार्यक्रमों को निरंतर आयोजित करने की आवश्यकता बताई।

न्यूज़ देखो: संस्कृति और इतिहास से जुड़ाव ही समाज की ताकत

समाज तभी मजबूत बनता है जब वह अपने इतिहास, पुरखों और सांस्कृतिक मूल्यों को याद रखता है। स्व. महेश्वर राम बेसरा जयंती महोत्सव जैसे आयोजन केवल कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना और एकता के प्रतीक होते हैं। ऐसे प्रयास नई पीढ़ी को अपनी पहचान और जिम्मेदारियों का एहसास कराते हैं। अब यह जरूरी है कि समाज के युवा इन मूल्यों को आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

अपने पुरखों का सम्मान ही समाज की असली पहचान

जो समाज अपने इतिहास और पुरखों के योगदान को याद रखता है, वही आगे बढ़कर नई मिसाल कायम करता है। युवाओं को अपनी संस्कृति, परंपरा और सामाजिक मूल्यों से जोड़ना आज समय की सबसे बड़ी जरूरत बन गई है।

सामाजिक एकता और जागरूकता से ही मजबूत समाज का निर्माण संभव है। हर व्यक्ति को अपने समाज और क्षेत्र के विकास में सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए।

आप भी अपने क्षेत्र की प्रेरणादायक और सामाजिक खबरें हमारे साथ साझा करें। खबर को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं, अपनी राय कमेंट में दें और जागरूक समाज निर्माण की इस मुहिम का हिस्सा बनें।

📥 Download E-Paper

यह खबर आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण थी?

रेटिंग देने के लिए किसी एक स्टार पर क्लिक करें!

इस खबर की औसत रेटिंग: 0 / 5. कुल वोट: 0

अभी तक कोई वोट नहीं! इस खबर को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

चूंकि आपने इस खबर को उपयोगी पाया...

हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें!

Written by

सिमडेगा नगर क्षेत्र

🗣️ Join the Conversation!

What are your thoughts on this update? Read what others are saying below, or share your own perspective to keep the discussion going. (Please keep comments respectful and on-topic).

ये खबर आपको कैसी लगी, अपनी प्रतिक्रिया दें

🔔

Notification Preferences

error: