
#खलारी #स्वतंत्रता_स्मृति : टाना भगत समाज की बैठक में स्मृति जतरा महोत्सव की तैयारी और राज्यकीय दर्जा दिलाने पर चर्चा।
रांची जिले के खलारी प्रखंड अंतर्गत डुमरो पंचायत के निंद्रा कारीटांड़ में नौ स्वतंत्रता सेनानियों के स्मृति महोत्सव को लेकर बैठक आयोजित की गई। टाना भगत समाज के लोगों ने बैठक में महोत्सव के आयोजन की रूपरेखा पर चर्चा की। साथ ही स्मृति स्थल की साफ-सफाई और महोत्सव को राज्यकीय दर्जा दिलाने की पहल करने का निर्णय लिया गया।
- डुमरो पंचायत के निंद्रा कारीटांड़ में नौ स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृति में महोत्सव की तैयारी।
- बैठक की अध्यक्षता रांका टाना भगत ने की।
- स्मृति जतरा महोत्सव में झारखंड सरकार के मंत्री को मुख्य अतिथि बनाने का प्रस्ताव।
- स्मृति स्थल की साफ-सफाई और अतिक्रमण हटाने का निर्णय।
- महोत्सव को राज्यकीय महोत्सव का दर्जा दिलाने के लिए सरकार से संपर्क की योजना।
रांची जिले के खलारी प्रखंड अंतर्गत डुमरो पंचायत के निंद्रा कारीटांड़ में नौ स्वतंत्रता सेनानियों के स्मृति महोत्सव को लेकर रविवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता रांका टाना भगत ने की। इस दौरान टाना भगत समाज के कई लोग मौजूद रहे और हर वर्ष की तरह इस बार भी स्मृति जतरा महोत्सव को भव्य रूप से आयोजित करने पर चर्चा की गई।
बैठक में महोत्सव के आयोजन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। उपस्थित लोगों ने कहा कि यह महोत्सव क्षेत्र के इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम में योगदान देने वाले वीरों की स्मृति को जीवित रखने का महत्वपूर्ण अवसर है।
महोत्सव की रूपरेखा पर हुई चर्चा
आदिवासी टाना भगत उच्च विद्यालय निंद्रा के प्रधानाचार्य मुखदेव गोप ने बताया कि बैठक में स्मृति जतरा महोत्सव की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई। महोत्सव के दौरान सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित करने की भी योजना बनाई गई है।
उन्होंने बताया कि इस आयोजन के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम में योगदान देने वाले नौ वीरों को श्रद्धांजलि दी जाती है और नई पीढ़ी को उनके संघर्ष और बलिदान के बारे में जानकारी दी जाती है।
मंत्री को मुख्य अतिथि बनाने का प्रस्ताव
बैठक में यह प्रस्ताव भी रखा गया कि इस वर्ष के स्मृति महोत्सव में झारखंड सरकार के किसी माननीय मंत्री को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाए। इससे महोत्सव को और व्यापक पहचान मिल सकेगी।
साथ ही यह भी कहा गया कि महोत्सव के माध्यम से क्षेत्र के ऐतिहासिक महत्व को राज्य स्तर पर सामने लाने का प्रयास किया जाएगा।
स्मृति स्थल की सफाई और अतिक्रमण हटाने का निर्णय
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि नौ स्वतंत्रता सेनानियों के स्मृति स्थल की साफ-सफाई की जाएगी और यदि कहीं अतिक्रमण है तो उसे हटाने की पहल की जाएगी। उपस्थित लोगों ने कहा कि यह स्थान क्षेत्र की ऐतिहासिक धरोहर है और इसकी देखभाल सभी की जिम्मेदारी है।
राज्यकीय महोत्सव का दर्जा दिलाने की पहल
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि इस स्मृति महोत्सव को राज्यकीय महोत्सव का दर्जा दिलाने के लिए राज्य सरकार से संपर्क किया जाएगा। इसके लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, राज्यपाल और संबंधित विभागों से संवाद स्थापित करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में बताया गया कि इस संबंध में कुछ अधिकारियों से प्रारंभिक बातचीत भी की गई है। लोगों ने उम्मीद जताई कि यदि महोत्सव को राज्यकीय दर्जा मिलता है तो इससे क्षेत्र की पहचान और बढ़ेगी।
बड़ी संख्या में लोग रहे उपस्थित
बैठक में टाना भगत समाज के कई सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम में भोला टाना भगत, शिव शंकर टाना भगत, दिलीप ठाकुर, तेतरा टाना भगत, लक्ष्मण उरांव, रांथी टाना भगत, संगीता कुमारी, सुरेश टाना भगत, राम टाना भगत, देवा टाना भगत, सोमरा टाना भगत, सोहराई टाना भगत और राजकुमार टाना भगत सहित दर्जनों लोग मौजूद थे।
उपस्थित लोगों ने महोत्सव को सफल बनाने के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया।
न्यूज़ देखो विशेष: इतिहास की स्मृति से जुड़ता समाज
निंद्रा कारीटांड़ में आयोजित होने वाला यह स्मृति महोत्सव केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि स्वतंत्रता संग्राम के उन वीरों को याद करने का अवसर है जिन्होंने देश की आजादी के लिए संघर्ष किया। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को अपने इतिहास और संघर्ष की कहानियों से जुड़ने का मौका मिलता है।
स्थानीय स्तर पर आयोजित होने वाले स्मृति महोत्सव समाज की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक चेतना को मजबूत करते हैं। यदि ऐसे आयोजनों को सरकारी स्तर पर भी प्रोत्साहन मिले, तो इससे क्षेत्र की पहचान और भी व्यापक स्तर पर स्थापित हो सकती है।
इतिहास को याद रखना समाज की जिम्मेदारी
किसी भी समाज की पहचान उसके इतिहास और संघर्ष से बनती है। जब हम अपने स्वतंत्रता सेनानियों और उनके योगदान को याद करते हैं, तो नई पीढ़ी को भी प्रेरणा मिलती है।
ऐसे आयोजनों के माध्यम से इतिहास को जीवंत रखना और उसे आगे बढ़ाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। यदि आपके क्षेत्र में भी ऐसे ऐतिहासिक या सांस्कृतिक कार्यक्रम हो रहे हैं, तो उसकी जानकारी ‘न्यूज़ देखो’ तक जरूर पहुंचाएं।






