
#सिमडेगा #चैती_छठ : केलाघाघ घाट पर साफ-सफाई और सुविधाओं को लेकर प्रशासन सक्रिय हुआ।
सिमडेगा जिले में चैती छठ पर्व को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं, जिसकी शुरुआत 22 मार्च से नहाय-खाय के साथ होगी। केलाघाघ डैम स्थित छठ घाट पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रशासन ने साफ-सफाई और व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का कार्य शुरू किया है। अधिकारियों ने घाट का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिए। इस बार व्रतियों के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है।
22 मार्च से नहाय-खाय के साथ चैती छठ पर्व की शुरुआत।
केलाघाघ डैम छठ घाट पर साफ-सफाई अभियान तेज।
डीसी कंचन सिंह के निर्देश पर नगर परिषद सक्रिय।
नगर परिषद उपाध्यक्ष ने खुद झाड़ू उठाकर किया निरीक्षण।
एनडीसी समीर रौनियार ने भी व्यवस्थाओं का लिया जायजा।
सिमडेगा जिले में आस्था के महापर्व चैती छठ को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। 22 मार्च को नहाय-खाय के साथ चार दिवसीय इस पावन पर्व की शुरुआत होगी। पर्व को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है। हर वर्ष की तरह इस बार भी केलाघाघ डैम स्थित छठ घाट पर बड़ी संख्या में व्रती अर्घ्य अर्पित करने पहुंचेंगे, जिसे ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
केलाघाघ छठ घाट पर शुरू हुआ सफाई अभियान
केलाघाघ डैम स्थित छठ घाट को लेकर प्रशासन विशेष सतर्कता बरत रहा है। डीसी कंचन सिंह के निर्देश पर नगर परिषद द्वारा घाटों की साफ-सफाई कराई जा रही है। सफाई मित्रों की टीम लगातार घाटों की सफाई में जुटी हुई है, ताकि व्रतियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
घाट की साफ-सफाई के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों में भी स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
नगर परिषद उपाध्यक्ष ने खुद संभाली कमान
तैयारियों का जायजा लेने के लिए नगर परिषद उपाध्यक्ष एवं छठ पूजा समिति के सदस्य केलाघाघ छठ घाट पहुंचे। निरीक्षण के दौरान उपाध्यक्ष ने स्वयं झाड़ू उठाकर सफाई कार्य में भाग लिया और सफाई मित्रों के साथ मिलकर घाटों की सफाई की।
इस पहल ने न केवल सफाई अभियान को गति दी, बल्कि लोगों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक किया।
नगर परिषद उपाध्यक्ष ने कहा: “इस वर्ष छठ व्रतियों के लिए पहले से बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी और घाटों को पूरी तरह व्यवस्थित किया जाएगा।”
एनडीसी समीर रौनियार ने दिया आवश्यक दिशा-निर्देश
वहीं, एनडीसी समीर रौनियार ने भी छठ घाट का निरीक्षण कर अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि व्रतियों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
निरीक्षण के दौरान सुरक्षा, स्वच्छता और अन्य मूलभूत सुविधाओं को लेकर विशेष जोर दिया गया।
सुरक्षा और सुविधाओं पर प्रशासन का फोकस
चैती छठ के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के घाट पर पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत कर रहा है। घाटों पर प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, साफ-सफाई और सुरक्षा बलों की तैनाती सुनिश्चित की जा रही है।
इसके अलावा भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए विशेष योजना तैयार की जा रही है, ताकि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के पूजा-अर्चना कर सकें।
न्यूज़ देखो: प्रशासन की सक्रियता से छठ पर्व की तैयारियों में दिख रही गंभीरता
सिमडेगा में चैती छठ को लेकर प्रशासन की सक्रियता यह दर्शाती है कि धार्मिक आयोजनों को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं। अधिकारियों का स्वयं मैदान में उतरना सकारात्मक संकेत है। अब देखना होगा कि तैयारियां कितनी प्रभावी साबित होती हैं और व्रतियों को कितनी सुविधा मिलती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
स्वच्छता और सहभागिता से बनाएं छठ पर्व को और भी पावन
छठ केवल आस्था का पर्व नहीं, बल्कि अनुशासन और स्वच्छता का भी संदेश देता है।
हम सभी की जिम्मेदारी है कि हम घाटों और आसपास के क्षेत्रों को साफ-सुथरा रखें।
प्रशासन के साथ मिलकर सहयोग करना ही एक सफल और सुरक्षित आयोजन की कुंजी है।
अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए दूसरों के लिए भी प्रेरणा बनें।






