#बरवाडीह #विकास_परियोजना : बस स्टैंड परिसर में दुकानों के निर्माण से रोजगार बढ़ाने की योजना।
लातेहार जिले के बरवाडीह बस स्टैंड परिसर में नई दुकानों के निर्माण को लेकर प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। प्रखंड विकास पदाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में योजना की जानकारी दी गई और विस्थापित दुकानदारों को प्राथमिकता देने की बात कही गई। हालांकि प्रक्रिया की पारदर्शिता और शर्तों को लेकर अभी भी कई सवाल बने हुए हैं। यह परियोजना स्थानीय व्यापारियों के लिए महत्वपूर्ण अवसर मानी जा रही है।
- बरवाडीह बस स्टैंड में दुकानों के निर्माण की योजना बनी।
- बीडीओ रेशमा रेखा मिंज ने बैठक कर दी जानकारी।
- विस्थापित दुकानदारों को आवंटन में प्राथमिकता मिलेगी।
- लाभुकों को पहले एक लाख रुपये जमा करने होंगे।
- जिला परिषद फंड से निर्माण कार्य कराया जाएगा।
- व्यवसायिक संघ ने पारदर्शिता की मांग उठाई।
बरवाडीह में बस स्टैंड परिसर के विकास को लेकर एक बार फिर उम्मीद जगी है। लंबे समय से लंबित दुकानों के निर्माण की योजना को आगे बढ़ाते हुए प्रशासन ने शनिवार को चिन्हित दुकानदारों के साथ बैठक आयोजित की। इस बैठक में प्रखंड विकास पदाधिकारी रेशमा रेखा मिंज ने योजना की विस्तृत जानकारी दी और बताया कि इस परियोजना का उद्देश्य स्थानीय व्यापारियों को व्यवस्थित तरीके से रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।
बैठक में दी गई योजना की जानकारी
उप विकास आयुक्त के निर्देश पर आयोजित इस बैठक में जिला परिषद सदस्य संतोषी शेखर, विधायक प्रतिनिधि प्रेम सिंह पिंटू सहित कई स्थानीय प्रतिनिधि और दुकानदार उपस्थित रहे।
बीडीओ रेशमा रेखा मिंज ने बताया कि बस स्टैंड परिसर में नई दुकानों का निर्माण जिला परिषद फंड से किया जाएगा। इस योजना के तहत उन दुकानदारों को प्राथमिकता दी जाएगी, जो पहले इस क्षेत्र से विस्थापित हो चुके हैं।
रेशमा रेखा मिंज ने कहा: “हमारा प्रयास है कि वास्तविक जरूरतमंद और विस्थापित दुकानदारों को पहले लाभ दिया जाए।”
विस्थापितों को मिलेगा पहला अधिकार
बैठक में स्पष्ट किया गया कि दुकानों के आवंटन में केवल उन्हीं लोगों को शामिल किया जाएगा, जो पहले से इस क्षेत्र में व्यापार कर रहे थे और विकास कार्यों के कारण विस्थापित हुए थे। साथ ही यह भी शर्त रखी गई है कि लाभुक प्रखंड क्षेत्र का निवासी होना चाहिए और उसे पहले किसी सरकारी दुकान योजना का लाभ नहीं मिला हो।
जिला परिषद सदस्य संतोषी शेखर ने कहा कि पुराने नियमों के कारण कई वास्तविक जरूरतमंद लाभ से वंचित रह जाते थे, लेकिन अब नए प्रावधानों से उन्हें प्राथमिकता मिलेगी।
संतोषी शेखर ने कहा: “इस बार हम सुनिश्चित करेंगे कि सही लोगों तक योजना का लाभ पहुंचे और कोई भी पात्र व्यक्ति वंचित न रहे।”
निर्माण से पहले देनी होगी राशि
योजना के तहत चयनित लाभुकों को निर्माण कार्य शुरू होने से पहले एक लाख रुपये जमा करने होंगे। इसके बाद शेष राशि जिला परिषद मद से खर्च की जाएगी।
हालांकि इस प्रक्रिया को लेकर दुकानदारों के बीच कुछ सवाल भी उठ रहे हैं, खासकर अतिरिक्त खर्च, निर्माण की समय-सीमा और आवंटन की पारदर्शिता को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।
पूर्व में जमा राशि को लेकर असमंजस
इस योजना से जुड़ा एक पुराना मुद्दा भी सामने आया है। पहले दुकानदारों से 10,500 रुपये ड्राफ्ट के माध्यम से जमा कराए गए थे। कुछ लोगों ने अपनी राशि वापस ले ली, लेकिन यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि सभी आवेदकों को उनकी जमा राशि लौटाई गई या नहीं।
यह स्थिति दुकानदारों के बीच असमंजस और अविश्वास पैदा कर रही है, जिसे दूर करना प्रशासन के लिए जरूरी माना जा रहा है।
व्यवसायिक संघ ने उठाई पारदर्शिता की मांग
बैठक के बाद व्यवसायिक संघ के अध्यक्ष दीपक राज ने प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पहले भी दुकानदारों को आश्वासन दिया गया था, लेकिन उन्हें निराशा हाथ लगी।
दीपक राज ने कहा: “इस बार पूरी प्रक्रिया को लिखित रूप में सार्वजनिक किया जाए, ताकि किसी तरह का विवाद न हो और सभी को स्पष्ट जानकारी मिल सके।”
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि प्रक्रिया पारदर्शी नहीं रही, तो व्यवसायिक वर्ग आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
आगे की राह और उम्मीदें
जिला परिषद सदस्य संतोषी शेखर ने उम्मीद जताई कि अगले एक से दो महीने के भीतर निर्माण कार्य शुरू हो सकता है। हालांकि इसके लिए जरूरी है कि प्रशासन सभी लंबित सवालों का समाधान करे और प्रक्रिया को स्पष्ट रूप से सामने लाए।
स्थानीय दुकानदार इस योजना को लेकर उत्साहित तो हैं, लेकिन वे चाहते हैं कि इस बार उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि वास्तविक लाभ मिले।
न्यूज़ देखो: विकास योजनाओं में पारदर्शिता ही विश्वास की कुंजी
बरवाडीह बस स्टैंड की यह योजना स्थानीय व्यापारियों के लिए एक बड़ा अवसर है, लेकिन इसके सफल क्रियान्वयन के लिए पारदर्शिता बेहद जरूरी है। पहले की असफलताओं ने लोगों के मन में संदेह पैदा किया है, जिसे दूर करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। क्या इस बार वाकई विस्थापितों को उनका हक मिलेगा, यह आने वाला समय तय करेगा। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
अधिकार और अवसर के लिए जागरूक बनें
विकास तभी सार्थक होता है, जब उसका लाभ सही लोगों तक पहुंचे। ऐसे में जरूरी है कि हम अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें और हर प्रक्रिया को समझें।
अगर आप भी इस योजना से जुड़े हैं, तो सभी शर्तों और प्रक्रियाओं की जानकारी जरूर लें और जरूरत पड़ने पर अपनी आवाज उठाएं।
आपकी भागीदारी ही बेहतर व्यवस्था की नींव रखती है। अपनी राय कमेंट में साझा करें, इस खबर को दूसरों तक पहुंचाएं और पारदर्शिता की मांग को मजबूत बनाएं।
