
#सिमडेगा #कुष्ठ_जागरूकता : दो चरणों में अभियान चलाकर रोग पहचान और जन-जागरूकता पर जोर।
सिमडेगा जिले के जलडेगा प्रखंड में कुष्ठ रोग उन्मूलन को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। 29 जनवरी 2026 को प्रखंड कार्यालय में बीडीओ की अध्यक्षता में प्रखंड स्तरीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान 2026 और कुष्ठ रोग खोज अभियान के दो चरणों की रूपरेखा तय की गई। इसका उद्देश्य समय पर पहचान कर उपचार सुनिश्चित करना और समाज में जागरूकता बढ़ाना है।
- जलडेगा प्रखंड कार्यालय में 29 जनवरी 2026 को बैठक आयोजित।
- बैठक की अध्यक्षता बीडीओ डॉ. प्रवीण कुमार ने की।
- स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान 30 जनवरी से 14 फरवरी 2026 तक।
- कुष्ठ रोग खोज अभियान 09 मार्च से 23 मार्च 2026 तक संचालित होगा।
- गांव, आंगनबाड़ी क्षेत्र और चिन्हित बस्तियों में सघन खोज अभियान।
- स्वास्थ्य, शिक्षा व अन्य विभागों के बीच समन्वय पर जोर।
सिमडेगा जिले के जलडेगा प्रखंड में कुष्ठ रोग के प्रति जागरूकता फैलाने और रोगियों की समय पर पहचान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रशासनिक स्तर पर ठोस पहल की जा रही है। इसी क्रम में गुरुवार को प्रखंड कार्यालय में प्रखंड विकास पदाधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार की अध्यक्षता में एसएलएसी–2026 के तहत स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान को लेकर प्रखंड स्तरीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में अभियान के दोनों चरणों को प्रभावी ढंग से लागू करने पर विस्तृत चर्चा की गई।
दो चरणों में चलेगा कुष्ठ जागरूकता एवं खोज अभियान
बैठक में जानकारी दी गई कि कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम को दो चरणों में संचालित किया जाएगा। प्रथम चरण के अंतर्गत सघन कुष्ठ जागरूकता अभियान 30 जनवरी 2026 से 14 फरवरी 2026 तक चलाया जाएगा। इस दौरान आम जनता को कुष्ठ रोग के लक्षण, उपचार की उपलब्धता और इससे जुड़ी सामाजिक भ्रांतियों को दूर करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
वहीं द्वितीय चरण के अंतर्गत कुष्ठ रोग खोज अभियान का संचालन 09 मार्च 2026 से 23 मार्च 2026 तक किया जाएगा। इस चरण में प्रखंड के विभिन्न गांवों, टोलों और बस्तियों में घर-घर जाकर संभावित कुष्ठ रोगियों की पहचान की जाएगी, ताकि उन्हें समय रहते उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
चिन्हित क्षेत्रों में होगा सघन सर्वे
बैठक में बताया गया कि अभियान के दौरान पूर्व में चिन्हित कुष्ठ रोगियों के साथ-साथ कार्यालय क्षेत्र, आंगनबाड़ी केंद्रों के अंतर्गत आने वाले गांव, तथा अन्य चिन्हित बस्तियों में भी सक्रिय रूप से खोज अभियान चलाया जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी संभावित रोगी उपचार से वंचित न रह जाए।
विभागीय समन्वय पर विशेष जोर
बीडीओ डॉ. प्रवीण कुमार ने बैठक में सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा:
“कुष्ठ रोग पूरी तरह से उपचार योग्य है, बशर्ते इसकी समय पर पहचान हो। इसके लिए सभी विभागों का समन्वय और जनसहभागिता अत्यंत आवश्यक है।”
बैठक में इस बात पर भी चर्चा की गई कि जन-जागरूकता के बिना अभियान को सफल बनाना संभव नहीं है। इसलिए पंचायत स्तर, विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों और सामुदायिक मंचों के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
बैठक में उपस्थित अधिकारी और प्रतिनिधि
इस प्रखंड स्तरीय समन्वय समिति की बैठक में चिकित्सा पदाधिकारी, शिक्षा विभाग के बीपीएम, जेएसएलपीएस के बीपीएम, स्वास्थ्य विभाग के बीपीएम, कुष्ठ सुपरवाइजर सहित विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। सभी ने अपने-अपने स्तर से अभियान को सफल बनाने का आश्वासन दिया।
न्यूज़ देखो: प्रशासनिक समन्वय से मिलेगा कुष्ठ उन्मूलन को बल
जलडेगा प्रखंड में आयोजित यह बैठक दर्शाती है कि प्रशासन कुष्ठ उन्मूलन को लेकर गंभीर और प्रतिबद्ध है। दो चरणों में चलने वाला यह अभियान न केवल रोग पहचान को मजबूत करेगा, बल्कि सामाजिक जागरूकता भी बढ़ाएगा। विभागीय समन्वय और समयबद्ध कार्ययोजना इस अभियान की सफलता की कुंजी होगी। अब निगाहें इस बात पर हैं कि जमीनी स्तर पर इसका क्रियान्वयन कितना प्रभावी होता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
स्वस्थ समाज की ओर एक साझा कदम
कुष्ठ रोग के खिलाफ लड़ाई केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। समय पर पहचान, सही उपचार और सामाजिक सहयोग से इस बीमारी को जड़ से समाप्त किया जा सकता है।
आप भी जागरूक बनें, अपने गांव और आसपास के लोगों को सही जानकारी दें। इस खबर को साझा करें, अपनी राय कमेंट में रखें और समाज को कुष्ठ मुक्त बनाने की मुहिम में भागीदार बनें।







