
#बानो #सिमडेगा #महाशिवरात्रि_महोत्सव : केतुंगा धाम में भव्य आयोजन की तैयारियां तेज।
बानो प्रखंड के केतुंगा धाम परिसर में आगामी महाशिवरात्रि महोत्सव को लेकर गुरुवार को न्यास समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में आयोजन को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और भव्य बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई। विद्युत, सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और चिकित्सा सुविधाओं को प्राथमिकता दी गई। समिति ने प्रशासन से समन्वय कर श्रद्धालुओं को बेहतर व्यवस्था देने का निर्णय लिया।
- केतुंगा धाम, बानो में महाशिवरात्रि महोत्सव की तैयारियों को लेकर बैठक आयोजित।
- अध्यक्ष सूकरा केरकेट्टा की अध्यक्षता, सचिव ओमप्रकाश साहू ने किया संचालन।
- विद्युत, सीसीटीवी, पेयजल, पार्किंग व यातायात व्यवस्था पर विशेष चर्चा।
- रात्रि जागरण, भजन-कीर्तन, रुद्राभिषेक और विशेष पूजा-अर्चना का निर्णय।
- समिति के पदाधिकारियों व सदस्यों ने शांतिपूर्ण व भव्य आयोजन का संकल्प लिया।
बानो प्रखंड के प्रसिद्ध केतुंगा धाम में इस वर्ष महाशिवरात्रि महोत्सव को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। गुरुवार को आयोजित बैठक में न्यास समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों ने महोत्सव को सुव्यवस्थित, सुरक्षित और आकर्षक रूप से संपन्न कराने की रणनीति तैयार की। बैठक में आयोजन की रूपरेखा, श्रद्धालुओं की संभावित भीड़, सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक समन्वय जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में व्यवस्थाओं पर व्यापक चर्चा
बैठक की अध्यक्षता समिति अध्यक्ष सूकरा केरकेट्टा ने की, जबकि संचालन सचिव ओमप्रकाश साहू द्वारा किया गया। बैठक के दौरान मंदिर परिसर की विद्युत आपूर्ति को सुचारू रखने, प्रकाश सज्जा को आकर्षक बनाने तथा ध्वनि विस्तारक यंत्रों की व्यवस्थित स्थापना पर जोर दिया गया।
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए सीसीटीवी निगरानी प्रणाली को सुदृढ़ करने का निर्णय लिया गया। साथ ही पेयजल आपूर्ति की समुचित व्यवस्था, यातायात नियंत्रण एवं पार्किंग प्रबंधन को व्यवस्थित करने पर सहमति बनी। समिति ने यह भी तय किया कि आयोजन के दौरान प्रशासन से निरंतर समन्वय बनाए रखा जाएगा ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न न हो।
धार्मिक कार्यक्रमों की रूपरेखा तय
समिति सदस्यों ने बताया कि महाशिवरात्रि के अवसर पर रात्रि जागरण, भजन-कीर्तन, रुद्राभिषेक तथा विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए मंच निर्माण, बैरिकेडिंग और श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित मार्ग निर्धारण की तैयारी शुरू कर दी गई है।
आयोजन को अनुशासित रखने के लिए स्वयंसेवकों की तैनाती का भी निर्णय लिया गया। स्वयंसेवक श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन देंगे और भीड़ प्रबंधन में सहयोग करेंगे। इसके अतिरिक्त आपातकालीन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की भी तैयारी की जा रही है ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटा जा सके।
सुरक्षा और स्वच्छता पर विशेष बल
बैठक में अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया। समिति ने स्पष्ट किया कि मंदिर परिसर में स्वच्छता व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाएगी। आयोजन से पूर्व एवं पश्चात परिसर की साफ-सफाई की जिम्मेदारी तय की गई है।
श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अस्थायी दुकानों को व्यवस्थित ढंग से लगाने का निर्णय लिया गया। मंदिर की सजावट का कार्य शीघ्र पूर्ण करने पर भी सहमति बनी। समिति का मानना है कि सुव्यवस्थित व्यवस्था से श्रद्धालुओं को सकारात्मक अनुभव मिलेगा और आयोजन की गरिमा बनी रहेगी।
पदाधिकारियों की जिम्मेदारियां तय
बैठक में समिति के अध्यक्ष सुकरा केरकेट्टा, महासचिव ओमप्रकाश साहू तथा कोषाध्यक्ष अजित साहू उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त मानव धर्म रक्षक संघ के बिलखु महतो, दिलमोहन साहू, राजेंद्र बराइक, उमेश साहू, रोहित साहू, करमबीर साहू, अयोध्या सोनार, रामचंद्र साहू, प्रमोद सोनार, दिलीप पांडा, मुकेश साहू एवं पियून सिंह रविकांत मिश्रा सहित अन्य सदस्य मौजूद थे।
सभी सदस्यों ने महाशिवरात्रि महोत्सव को पूर्व वर्षों की अपेक्षा अधिक भव्य और अनुशासित रूप से संपन्न कराने का संकल्प लिया। समिति ने यह भी निर्णय लिया कि आयोजन की सफलता के लिए स्थानीय प्रशासन, पुलिस विभाग और स्वयंसेवी संगठनों से सहयोग लिया जाएगा।
श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील
बैठक के अंत में समिति ने क्षेत्रवासियों और श्रद्धालुओं से अपील की कि वे महाशिवरात्रि महोत्सव में बढ़-चढ़कर भाग लें और आयोजन को सफल बनाने में सहयोग करें। समिति का विश्वास है कि सामूहिक प्रयास और आपसी समन्वय से यह आयोजन शांतिपूर्ण और गरिमामय ढंग से संपन्न होगा।
केतुंगा धाम क्षेत्र में महाशिवरात्रि का विशेष महत्व है, जहां हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में इस बार की तैयारियों को लेकर समिति की सक्रियता आयोजन की गंभीरता को दर्शाती है।

न्यूज़ देखो: आस्था के साथ अनुशासन की तैयारी
केतुंगा धाम में महाशिवरात्रि महोत्सव को लेकर जिस तरह से तकनीकी और व्यवस्थागत तैयारियों पर ध्यान दिया जा रहा है, वह सराहनीय है। भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा, चिकित्सा सुविधा और स्वच्छता जैसे पहलुओं को प्राथमिकता देना आयोजकों की जिम्मेदारी को दर्शाता है। अब देखना होगा कि प्रशासनिक समन्वय और जमीनी क्रियान्वयन किस स्तर तक प्रभावी रहता है। यदि सभी निर्णय समय पर लागू हुए, तो यह आयोजन अनुशासन और भव्यता का उदाहरण बन सकता है।
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आस्था के पर्व को जिम्मेदारी के साथ सफल बनाएं
महाशिवरात्रि केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और अनुशासन की भी परीक्षा है। आयोजन की सफलता तभी संभव है जब श्रद्धालु नियमों का पालन करें और व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग दें।
मंदिर परिसर में स्वच्छता रखें, निर्धारित मार्गों का उपयोग करें और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करें। सामूहिक सहयोग से ही यह महोत्सव शांतिपूर्ण और गरिमामय बनेगा।
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