
#जलडेगा #रामनवमी_तैयारी : ओडगा शिव मंदिर परिसर में बैठक कर समिति गठित—शांतिपूर्ण आयोजन का निर्णय।
सिमडेगा जिले के जलडेगा प्रखंड अंतर्गत ओडगा स्थित शिव मंदिर परिसर में रामनवमी पर्व की तैयारियों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में सर्वसम्मति से श्री रामनवमी समिति का गठन किया गया और आयोजन को भव्य व शांतिपूर्ण बनाने का निर्णय लिया गया। इस दौरान पर्व से जुड़े कार्यक्रमों, व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
- ओडगा शिव मंदिर परिसर, जलडेगा में रामनवमी को लेकर आयोजित हुई बैठक।
- बैठक की अध्यक्षता पंसस सह मिशन बदलाव जिलाध्यक्ष दीपक कुमार महतो ने की।
- रामकृष्ण साहू अध्यक्ष, सचिन रवि गोप सचिव और प्रवीण गोयल बने कोषाध्यक्ष।
- पर्व को भव्य, श्रद्धापूर्ण और शांतिपूर्ण तरीके से मनाने का लिया गया संकल्प।
- साफ-सफाई, सुरक्षा और व्यवस्था के लिए युवाओं को जिम्मेदारी सौंपने का निर्णय।
सिमडेगा जिले के जलडेगा प्रखंड के ओडगा गांव स्थित शिव मंदिर परिसर में रामनवमी पर्व की तैयारियों को लेकर एक अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में स्थानीय ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया तथा आने वाले रामनवमी पर्व को भव्य और शांतिपूर्ण तरीके से मनाने की योजना पर चर्चा की।
बैठक की अध्यक्षता पंचायत समिति सदस्य सह मिशन बदलाव के जिलाध्यक्ष दीपक कुमार महतो ने की। बैठक का मुख्य उद्देश्य रामनवमी पर्व की तैयारियों को व्यवस्थित रूप से संचालित करना और आयोजन को सफल बनाने के लिए एक मजबूत समिति का गठन करना था।
बैठक के दौरान उपस्थित लोगों ने सर्वसम्मति से श्री रामनवमी समिति का गठन किया और पर्व के आयोजन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया।
सर्वसम्मति से श्री रामनवमी समिति का गठन
बैठक में उपस्थित ग्रामीणों की सहमति से रामनवमी पर्व के सफल आयोजन के लिए एक समिति का गठन किया गया। इस समिति में रामकृष्ण साहू को अध्यक्ष, सचिन रवि गोप को सचिव तथा प्रवीण गोयल को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई।
समिति के गठन के साथ ही आयोजन को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करने के लिए एक कार्यकारिणी समिति भी बनाई गई, जिसमें कई ग्रामीणों को जिम्मेदारी दी गई है।
समिति के पदाधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि वे सभी ग्रामीणों के सहयोग से रामनवमी पर्व को भक्ति और उत्साह के साथ मनाने के लिए पूरी तैयारी करेंगे।
पर्व को शांतिपूर्ण और भव्य बनाने पर जोर
बैठक के दौरान उपस्थित लोगों ने यह निर्णय लिया कि इस वर्ष रामनवमी पर्व को पूरे उत्साह, श्रद्धा और भाईचारे के साथ मनाया जाएगा।
बैठक की अध्यक्षता कर रहे दीपक कुमार महतो ने कहा: “रामनवमी केवल एक धार्मिक पर्व नहीं बल्कि आस्था, श्रद्धा और सामाजिक एकता का प्रतीक है। इसलिए हम सभी का प्रयास होना चाहिए कि यह पर्व शांतिपूर्ण और अनुशासित माहौल में मनाया जाए।”
उन्होंने सभी ग्रामीणों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयास से ही किसी भी आयोजन को सफल बनाया जा सकता है।
युवाओं को सौंपी गई जिम्मेदारी
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि आयोजन की व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए स्थानीय युवाओं को विशेष जिम्मेदारी दी जाएगी। युवाओं को जुलूस, कार्यक्रम संचालन और भीड़ प्रबंधन जैसे कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए कहा गया।
समिति के सदस्यों ने कहा: “युवा किसी भी सामाजिक आयोजन की सबसे बड़ी ताकत होते हैं। उनकी सक्रिय भागीदारी से ही कार्यक्रम को बेहतर ढंग से आयोजित किया जा सकता है।”
युवाओं ने भी भरोसा दिलाया कि वे आयोजन की सफलता के लिए पूरी जिम्मेदारी और अनुशासन के साथ कार्य करेंगे।
साफ-सफाई और सुरक्षा पर विशेष ध्यान
बैठक में यह भी तय किया गया कि रामनवमी के दौरान मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाएगा। श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए पहले से ही व्यवस्था की जाएगी।
इसके साथ ही सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर भी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, ताकि पर्व के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
समिति के सदस्यों ने कहा कि आयोजन के दौरान प्रशासन से भी सहयोग लिया जाएगा, जिससे सभी कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सकें।
बड़ी संख्या में ग्रामीण रहे उपस्थित
बैठक में गांव के कई प्रमुख लोग और ग्रामीण मौजूद रहे। इनमें कमल साहू, संजय गोयल, शंकर बिंद, रोहित राणा, छोटू बड़ाईक, संतोष कुमार महतो, महेश साहू, मिलु महतो, नरेश बड़ाईक, इंद्र तिर्की, मुकेश साहू और सहदेव साहू सहित कई अन्य ग्रामीण शामिल हुए।
सभी उपस्थित लोगों ने एकजुट होकर यह संकल्प लिया कि इस वर्ष रामनवमी पर्व को पूरे उत्साह, अनुशासन और भाईचारे के साथ मनाया जाएगा।
बैठक के अंत में समिति के पदाधिकारियों ने सभी ग्रामीणों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयास से ही इस पर्व को सफल बनाया जा सकता है।
न्यूज़ देखो: सामूहिक भागीदारी से सफल होते हैं धार्मिक आयोजन
ओडगा गांव में रामनवमी की तैयारियों को लेकर हुई यह बैठक यह दिखाती है कि ग्रामीण क्षेत्रों में धार्मिक पर्व केवल आस्था का विषय नहीं बल्कि सामाजिक एकता का भी प्रतीक होते हैं। समिति गठन और सामूहिक चर्चा से यह सुनिश्चित किया जाता है कि आयोजन व्यवस्थित और शांतिपूर्ण तरीके से हो सके। ऐसे प्रयास सामाजिक समरसता को मजबूत करते हैं और युवाओं को सकारात्मक दिशा में जोड़ते हैं। अब देखना होगा कि समिति द्वारा लिए गए निर्णयों को जमीन पर कितनी प्रभावी तरीके से लागू किया जाता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
आस्था के साथ जिम्मेदारी भी जरूरी
धार्मिक पर्व केवल उत्सव नहीं बल्कि समाज को जोड़ने का अवसर भी होते हैं। जब पूरा गांव मिलकर किसी आयोजन की तैयारी करता है तो आपसी सहयोग और विश्वास मजबूत होता है।
रामनवमी जैसे पर्व हमें मर्यादा, अनुशासन और एकता का संदेश देते हैं। यदि सभी लोग मिलकर जिम्मेदारी निभाएं तो हर आयोजन शांति और सौहार्द का उदाहरण बन सकता है।
आप भी अपने गांव और समाज के ऐसे सकारात्मक प्रयासों में भागीदारी निभाएं। इस खबर पर अपनी राय कमेंट में जरूर लिखें, इसे अपने मित्रों और परिवार तक साझा करें और समाज में जागरूकता फैलाने में योगदान दें।






