
#सिमडेगा #संयुक्तअसैनिकपरीक्षा : निष्पक्ष और सुरक्षित आयोजन हेतु समन्वय बैठक आयोजित।
सिमडेगा में झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2025 के सफल आयोजन को लेकर उपायुक्त कंचन सिंह और पुलिस अधीक्षक श्रीकांत एस खोटरे की संयुक्त अध्यक्षता में बैठक आयोजित हुई। परीक्षा केंद्रों के चयन, सुरक्षा मानकों और बुनियादी सुविधाओं की समीक्षा की गई। संयुक्त टीम गठित कर स्थल निरीक्षण का निर्देश दिया गया। परीक्षा को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने पर जोर दिया गया।
- उपायुक्त कंचन सिंह और पुलिस अधीक्षक श्रीकांत एस खोटरे की संयुक्त अध्यक्षता में बैठक।
- परीक्षा केंद्र चयन हेतु अनुमंडल पदाधिकारी, डीएसपी, डीईओ व डीएसई की संयुक्त टीम गठित।
- सुरक्षा मानकों में चारदीवारी, सीसीटीवी, शौचालय, रोशनी व पेयजल की जांच के निर्देश।
- संभावित अभ्यर्थी क्षमता के आधार पर सूची तैयार कर झारखंड लोक सेवा आयोग, रांची को भेजने का आदेश।
- बैठक में अपर समाहर्ता ज्ञानेन्द्र सहित कई जिला स्तरीय पदाधिकारी मौजूद।
सिमडेगा जिला प्रशासन ने झारखंड लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा (सीधी भर्ती) प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा 2025 को लेकर तैयारी तेज कर दी है। इसी क्रम में उपायुक्त कंचन सिंह एवं पुलिस अधीक्षक श्रीकांत एस खोटरे की संयुक्त अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य परीक्षा के सफल, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण आयोजन को सुनिश्चित करना था।
बैठक में परीक्षा केंद्रों के निर्धारण से लेकर सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं तक सभी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि परीक्षा के आयोजन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या कमी स्वीकार्य नहीं होगी।
परीक्षा केंद्र चयन के लिए संयुक्त टीम गठित
उपायुक्त कंचन सिंह ने निर्देश दिया कि परीक्षा केंद्रों के चयन के लिए एक संयुक्त टीम का गठन किया जाए। इस टीम में अनुमंडल पदाधिकारी सिमडेगा, डीएसपी, जिला शिक्षा पदाधिकारी तथा जिला शिक्षा अधीक्षक को शामिल किया गया है।
उपायुक्त ने कहा:
“परीक्षा केंद्रों का चयन पूरी पारदर्शिता और मानकों के अनुरूप किया जाए। सभी संभावित विद्यालयों एवं महाविद्यालयों का स्थल निरीक्षण कर विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाए।”
टीम को निर्देश दिया गया कि वे जिले के सभी संभावित परीक्षा केंद्रों का भौतिक सत्यापन कर रिपोर्ट तैयार करें, ताकि आयोग को तथ्यात्मक और प्रमाणित जानकारी भेजी जा सके।
सुरक्षा और आधारभूत सुविधाओं पर विशेष जोर
बैठक में यह सुनिश्चित करने पर बल दिया गया कि चयनित परीक्षा केंद्रों में सुरक्षा मानकों का पूर्ण अनुपालन हो। निरीक्षण के दौरान निम्न बिंदुओं की विशेष रूप से जांच करने के निर्देश दिए गए—
- चारदीवारी की उपलब्धता
- पुरुष एवं महिला अभ्यर्थियों के लिए पृथक शौचालय
- विद्युत आपूर्ति एवं पेयजल व्यवस्था
- बेंच-डेस्क की पर्याप्तता और स्थिति
- सीसीटीवी कैमरों की उपलब्धता
- पर्याप्त रोशनी
- सुगम आवागमन की सुविधा
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि परीक्षा के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस विभाग द्वारा भी आवश्यक रणनीति तैयार की जाएगी।
आयोग को शीघ्र भेजी जाएगी केंद्रों की सूची
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि चयनित परीक्षा केंद्रों की सूची अभ्यर्थियों की संभावित संख्या और क्षमता के विश्लेषण के आधार पर तैयार की जाए। यह सूची शीघ्र ही झारखंड लोक सेवा आयोग, रांची को प्रेषित की जाएगी।
उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिया कि परीक्षा के आयोजन को लेकर आपसी समन्वय बनाए रखें और समयबद्ध तरीके से अपनी जिम्मेदारियां पूरी करें। प्रशासन की प्राथमिकता है कि परीक्षा शांतिपूर्ण वातावरण में, पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ संपन्न हो।
बैठक में रहे कई अधिकारी उपस्थित
इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर समाहर्ता ज्ञानेन्द्र, जिला आपूर्ति पदाधिकारी नरेश रजक, डीएसपी रनवीर सिंह, जिला शिक्षा पदाधिकारी मिथलेश केरकेट्टा, जिला शिक्षा अधीक्षक दीपक राम सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने अपने-अपने विभाग से जुड़ी तैयारियों की जानकारी साझा की।
प्रशासन ने संकेत दिया कि आगामी दिनों में निरीक्षण प्रक्रिया पूरी कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी, ताकि आयोग को समय पर सभी आवश्यक सूचनाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
न्यूज़ देखो: पारदर्शी परीक्षा से ही बनेगा भरोसे का माहौल
झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा परीक्षा जैसे बड़े आयोजन प्रशासनिक क्षमता की परीक्षा भी होते हैं। सिमडेगा में समय रहते समन्वय बैठक आयोजित कर तैयारी शुरू करना सकारात्मक संकेत है। अब यह देखना होगा कि निरीक्षण और व्यवस्थाओं को जमीनी स्तर पर कितनी मजबूती से लागू किया जाता है। निष्पक्ष और पारदर्शी परीक्षा ही युवाओं का भरोसा मजबूत करती है।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
ईमानदार परीक्षा, मजबूत भविष्य
प्रतियोगी परीक्षाएं लाखों युवाओं के सपनों से जुड़ी होती हैं।
एक पारदर्शी व्यवस्था ही मेहनत को सही सम्मान दिलाती है।
प्रशासन और समाज दोनों की जिम्मेदारी है कि परीक्षा प्रक्रिया को स्वच्छ और शांतिपूर्ण बनाए रखें।
यदि आपको परीक्षा व्यवस्था से जुड़ा कोई सुझाव या अनुभव हो, तो जरूर साझा करें।
खबर को आगे बढ़ाएं, ताकि जागरूकता और पारदर्शिता दोनों मजबूत हों।







